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कोरोना के कहर के बीच रामलला के लिए जयपुर से आया चांदी का सिंहासन 

Mon, 23 Mar 2020 12:37 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी धीरेंद्र सिंह, अयोध्या
धीरेंद्र सिंह, अयोध्या Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Mon, 23 Mar 2020 12:37 PM IST
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Silver throne came from Jaipur for Ramlala
तराशे गए पत्थर व विहिप का राम मंदिर मॉडल। - फोटो : amar ujala

कोरोना वायरस से बचाव के लिए राम नगरी में भक्तों के प्रवेश पर लगी रोक के बीच श्री राम जन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला को नए मंदिर में शिफ्ट करने की तैयारी सोमवार को सुबह 7:30 बजे शुरू हो गई। अयोध्या राजघराने ने नए घर में रामलला को विराजमान करने के लिए चांदी का सिंहासन भेंट किया गया है। ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय इसकी घोषणा दोपहर बाद करेंगे। साथ ही रामलला के नए मंदिर के साथ रामलला का ताजा फोटोग्राफ्स भी शेयर कर सकते हैं। 

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दिल्ली से आए प्रमुख आचार्य डॉ कृति कांत के नेतृत्व में दिल्ली, अयोध्या और काशी के 15 आचार्यों की टीम ने सोमवार को उदक शांति पूजा से अनुष्ठान का शुरूआत किया है। इसके पहले आचार्यों के टीम को रविवार रात 9 बजे श्री राम जन्मभूमि ले जाया गया, जहां उन्हें विराजमान रामलला और नए मंदिर निर्माण स्थल को दिखाया गया। आचार्यों ने सोमवार से शुरू होने वाली पूजा का खाका खींचा। इसके बाद सोमवार सुबह 7:30 बजे दिल्ली से आए मुख्य आचार्य श्रीकांत के नेतृत्व में नदियों के पवित्र जल से भरे हुए कलश और पूजन सामग्री, फल-फूल आदि के साथ पीले वस्त्र धारण करके कुल 15 आचार्य रामलला परिसर में दाखिल हुए। 
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आचार्यों की टीम में विश्व हिंदू परिषद के संत संपर्क प्रमुख पंडित अशोक तिवारी और संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर जी भी शामिल हैं, यह दोनों वैदिक पूजा पद्धति के दक्ष माने जाते हैं। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक रामलला को नए घर में विराजमान करने के लिए जयपुर के राजघराने से बड़ा सा चांदी का सिंहासन भेंट किया गया है, इस पर रामलला समेत चारों भाई विराजमान होंगे। इस सिंहासन को ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय शाम करीब 4:00 बजे मीडिया के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, साथ ही रामलला के नए मंदिर समेत उनका वर्तमान स्वरूप भी शेयर कर सकते हैं।

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राम मंदिर को बुलेटप्रूफ करने का काम शुरू
रामलला को विराजमान करने के लिए श्री राम जन्म भूमि से ढाई सौ मीटर पूरब बनाए गए अस्थाई मंदिर के सबसे भीतरी सुरक्षा घेरे को फाइबर और ग्लास के बुलेट प्रूफ मंदिर से सजाने का काम सोमवार सुबह शुरू हो गया है। पूरा मंदिर कंप्लीट करके गृह मंत्रालय की टीम 24 मार्च को ही सुपुर्द कर पाएगी।

दोनों स्थलों पर एक साथ हो रही पूजा
सोमवार की सुबह 7:00 बजे 15 आचार्यों ने राम लला को नए मंदिर में शिफ्ट करने के लिए अनुष्ठान प्रारंभ किया। 10 आचार्यों की टीम रामलला के वर्तमान गर्भगृह में पूजन अर्चन कर रही है। ये आचार्य रामलला से नए घर में चलने की प्रार्थना कर रहे हैं ,जबकि पांच आचार्यों की टीम अस्थाई राम मंदिर में भूमि शुद्धिकरण का अनुष्ठान कर रही है। आचार्य इंद्र देव मिश्र ने बताया कि 25 मार्च की सुबह 4:30 बजे राम लला को विधि-विधान पूर्वक नए अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। बताया कि रामलला को जिस रास्ते से पुराने घर से नए घर में ले जाना है उस रास्ते का भी शुद्धि करण कराया जाएगा।
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