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नागाओं ने निकाली शोभायात्रा
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Thu, 17 Mar 2016 10:42 PM IST
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निर्वाणी अखाड़े की बासंतिया पट्टी के नागापना महोत्सव की गुरुवार को निकली शोभायात्रा में रथ पर सवार सीता-राम, लक्ष्मण व हनुमान जी के स्वरूप।
- फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़ा हनुमानगढ़ी का ऐतिहासिक द्वादश वर्षीय नागापना महोत्सव गुरुवार को भव्य शोभायात्रा के साथ आरंभ हुआ।
कड़ी सुरक्षा के बीच प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी के चरण पादुका मंदिर से गाजे-बाजे व हाथी-घोड़ों के साथ बासंतिया पट्टी की शोभायात्रा नगर दर्शन के लिए निकली।
चरण पादुका स्थान पर पादुका के षोडषोपचार पूजन के बाद सात दिवसीय समारोह की औपचारिक शुरूआत हो गई। समारोह में निर्वाणी अखाड़े से जुड़े देशभर के नागातीत संत-महंत शामिल हो रहे हैं।
चरण पादुका मंदिर परिसर से बासंतिया पट्टी के महंत रामचरन दास, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास, महंत संतराम दास, महंत मुरली दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामकृष्ण दास, रामभद्र दास की अगुवाई में शोभायात्रा निकली।
शोभायात्रा की पहली पंक्ति में शामिल होने वाले नए नागा साधु झंडी लिए, रथ पर भगवान सीता-राम, लक्ष्मण व हनुमंत लला जी महाराज के स्वरूप और पीछे नागातीत साधुओं की लंबी कतारें श्रीरामलला व हनुमंत लला के जयकारों के साथ नगर दर्शन के लिए आगे बढ़ीं।
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शोभायात्रा में अखाड़े के नागा साधुओं ने तलवार, छुरा, भाला आदि अस्त्रों के कर्तब भी दिखाए। शोभायात्रा रानीबाजार, हनुमानगढ़ी, बड़ा डाकखाना, तुलसी उद्यान, नयाघाट, जानकी महल, मणिराम दास की छावनी, राम बल्लभाकुंज होते हुए चरण पादुका स्थान पर वापस पहुंची।
जुलूस में राम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, पुजारी रामदास, संतराम पहलवान, महंत रामकुमार दास, सुरेश दास, हेमंत दास, संजय दास, अभिषेक दास समेत सैकड़ों नागातीत संत शामिल रहे। सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
महोत्सव के तहत शाम को श्रीअवध आदर्श रामलीला कमेटी के कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया गया। रात दस बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन गाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया।
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कड़ी सुरक्षा के बीच प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी के चरण पादुका मंदिर से गाजे-बाजे व हाथी-घोड़ों के साथ बासंतिया पट्टी की शोभायात्रा नगर दर्शन के लिए निकली।
चरण पादुका स्थान पर पादुका के षोडषोपचार पूजन के बाद सात दिवसीय समारोह की औपचारिक शुरूआत हो गई। समारोह में निर्वाणी अखाड़े से जुड़े देशभर के नागातीत संत-महंत शामिल हो रहे हैं।
चरण पादुका मंदिर परिसर से बासंतिया पट्टी के महंत रामचरन दास, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास, महंत संतराम दास, महंत मुरली दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामकृष्ण दास, रामभद्र दास की अगुवाई में शोभायात्रा निकली।
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शोभायात्रा की पहली पंक्ति में शामिल होने वाले नए नागा साधु झंडी लिए, रथ पर भगवान सीता-राम, लक्ष्मण व हनुमंत लला जी महाराज के स्वरूप और पीछे नागातीत साधुओं की लंबी कतारें श्रीरामलला व हनुमंत लला के जयकारों के साथ नगर दर्शन के लिए आगे बढ़ीं।
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शोभायात्रा में अखाड़े के नागा साधुओं ने तलवार, छुरा, भाला आदि अस्त्रों के कर्तब भी दिखाए। शोभायात्रा रानीबाजार, हनुमानगढ़ी, बड़ा डाकखाना, तुलसी उद्यान, नयाघाट, जानकी महल, मणिराम दास की छावनी, राम बल्लभाकुंज होते हुए चरण पादुका स्थान पर वापस पहुंची।
जुलूस में राम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, पुजारी रामदास, संतराम पहलवान, महंत रामकुमार दास, सुरेश दास, हेमंत दास, संजय दास, अभिषेक दास समेत सैकड़ों नागातीत संत शामिल रहे। सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
महोत्सव के तहत शाम को श्रीअवध आदर्श रामलीला कमेटी के कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया गया। रात दस बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन गाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया।