अभेद्य होगी राममंदिर की सुरक्षा: परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर, सीआईएसएफ ने तैयार किया सुरक्षा प्लान, शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
राममंदिर निर्माण के बाद प्रतिदिन लाखों भक्त रामलला के दर्शन को पहुंचेंगे। भक्तों को रामलला के दर्शन सर्वसुलभ हो सकें, सुरक्षा के कारण भक्तों की सहजता व भक्ति प्रभावित न हो, इसका खास ध्यान रखा जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार ने सीआईएसएफ को सौंपी है।
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हर तीन माह पर होने वाली श्रीराम जन्मभूमि स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक सोमवार को पहली बार रामजन्मभूमि कार्यशाला में हुई। एडीजी सुरक्षा वीके सिंह की अध्यक्षता में सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ राममंदिर की सुरक्षा व यात्री सुविधाओं को लेकर तीन घंटे तक मंथन किया। बैठक में बताया गया कि राममंदिर की सुरक्षा अभेद्य होगी। परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। राममंदिर की सुरक्षा का हाईटेक प्लान सीआईएसएफ ने तैयार किया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
राममंदिर निर्माण के बाद प्रतिदिन लाखों भक्त रामलला के दर्शन को पहुंचेंगे। भक्तों को रामलला के दर्शन सर्वसुलभ हो सकें, सुरक्षा के कारण भक्तों की सहजता व भक्ति प्रभावित न हो, इसका खास ध्यान रखा जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार ने सीआईएसएफ को सौंपी है। सीआईएसएफ के अफसरों ने अयोध्या में 15 दिन रुककर सुरक्षा प्लान तैयार किया है।
एडीजी जोन बृजभूषण ने बैठक के बाद कहा कि राममंदिर निर्माण के बाद रामलला की सुरक्षा हाईटेक हो। इसके लिए इसे तकनीक से जोड़ने के लिए मंथन हुआ है। बैठक में सीआईएसएफ द्वारा तैयार किए गए सुरक्षा प्लान को राममंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के समक्ष रखा गया, जिस पर अंतिम मुहर लग चुकी है। बैठक में सभी सुरक्षा एजेंसियों के अफसर मौजूद थे।
एडीजी सुरक्षा वीके सिंह ने कहा कि रामलला के मंदिर निर्माण के बाद स्ट्रक्चर कैसा होगा, इस पर विचार किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो ड्राफ्ट तैयार हुआ है उसे अंतिम स्वरूप देने की कोशिश हुई है। केंद्रीय व राज्य बलों के आपस में तालमेल के साथ सुरक्षा का खाका तैयार हो रहा है। हमारा प्रयास है कि सुरक्षा का ऐसा प्लान तैयार हो जो सुरक्षित हो और भक्तों के लिए भी सुविधाजनक हो।
बैठक से पूर्व सभी सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों ने राम जन्मभूमि परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों को भी परखा। स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक में एडीजी सुरक्षा व एडीजी जोन के अलावा डीआईजी अमरेंद्र प्रताप सिंह, सीआरपीएफ, पीएसी के अफसर सहित मंडलायुक्त नवदीप रिणवा, डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेंद्र वर्मा, एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपालजी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जल्द पूरा होगा संपर्क मार्ग निर्माण का काम
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सुग्रीव किला-रामजन्मभूमि तक निर्माणाधीन संपर्क मार्ग का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में संपर्क मार्ग के निर्माण कार्य में देरी को लेकर चर्चा हुई है। इस दौरान बताया गया कि निर्माण की जो भी बाधाएं थीं वह दूर हो गई हैं। सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जा चुकी है, शीघ्र ही मार्ग निर्माण का काम पूरा हो जाएगा।
सुरक्षा उपकरणों से श्रद्धा को न पहुंचे ठेस
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राममंदिर निर्माण के बाद सुरक्षा-व्यवस्था के कारण भक्तों की सहजता व भक्ति प्रभावित न हो, इसका खास ध्यान रखा जाएगा। बंदूकधारी कम से कम दिखाई दें। श्रद्धा को सुरक्षा उपकरणों से ठेस न पहुंचे, इसका ख्याल रखा जाएगा। बताया कि अभी हम पहले चरण में 25 हजार लोगों के लिए सुविधा केंद्र खड़ा करेंगे। यह एक ट्रायल है। इसके अनुभव के आधार पर आगे का प्लान बनेगा। भारी भीड़ होने पर भगदड़ न मचे, दर्शन के लिए प्रवेश व निकास मार्ग कैसे हो, एक दिशा से आने-जाने में लोग टकराए नहीं, यात्रियों को कम से कम कष्ट हो, उनके वाहनों की पार्किंग कहां हो, सामान किस तरह सुरक्षित रखा जाए, जैसे अन्य कई मुद्दों पर चर्चा हुई।