फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Saryu reached near the red mark

लाल निशान के करीब पहुंची सरयू

Fri, 23 Jul 2021 01:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 01:15 AM IST
विज्ञापन
Saryu reached near the red mark
अयोध्या। पहाड़ों में हुई भारी बरसात के चलते गुरुवार दोपहर सरयू लाल निशान से मात्र तीन सेमी दूर रह गई। सरयू में उफान तेज होने से तटीय इलाकों में लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए पलायन करने लगे हैं तो वहीं सैकड़ों हेक्टेयर फसल बाढ़ के पानी में समा गयी है। प्रशासनिक अमला भी बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर अलर्ट हो गया है।
विज्ञापन

नदी का जलस्तर बुधवार रात से प्रतिघंटे दो सेमी. की रफ्तार से बढ़ रहा है। जो गुरुवार सुबह 11 बजे तक लाल निशान के करीब पहुंच गया। शाम 6 बजे सरयू का जलस्तर 92.70 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल निशान से मात्र तीन सेमी. दूर है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक दोपहर 12 बजे सरयू का उफान 92.70 मीटर पर आकर रुक गया।
विज्ञापन

केंद्रीय जल आयोग के संजय कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते सरयू के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सरयू ने इस सत्र के सर्वाधिक जलस्तर बिंदु को गुरुवार को स्पर्श किया है। बताया कि कल तक सरयू लाल निशान को पार सकती है। उधर सरयू में उफान से रुदौली, पूराबाजार, सोहावल के तटीय इलाकों में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन क्षेत्रों के करीब 12 गांव बाढ़ की जद में आ गए हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल पानी में समा गयी है। बड़ागांव के ढ़ेमुआघाट के किनारे बसे गांव में कटान के चलते कई घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे लोगों में हड़कंप मचा है। ग्रामीण गौरव कोरी ने बताया कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ रामपुर पुवारी माझा में कटान तेज हो गई है। ग्राम प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि दर्जनों किसानों की खड़ी फसलें नदी में समा गईं। कुछ पक्के मकान नदी के कगार पर आ गए हैं। यदि कटान बढ़ी तो वह भी नदी में समा जाएंगे। गांव निवासी रामपाल ने बताया कि उनका घर एकदम नदी के कगार पर आ गया है।
उन्होंने सामान तो निकाल लिया है लेकिन घर कट जाने का भय उन्हें सता रहा है। बाढ़ पीड़ित गांव बलुइया, गिलन्ट, लोनियाना, रामपुर पुवारी माझा ,मडना माझा ,सेवरहवा,उरदहवा सलेमपुर, पूरे चेतन ,धनी का पुरवा,मूडाडीहा, अव्वलकिता,पनसहवा,डूहिया, गुप्तार का पुरवा, काजीपुर माझा गांव के किनारे के निचले हिस्सों में तेजी से पानी भर रहा है।
रामपुर पुवारी के लेखपाल राम फकीरे गांव में कैंप किए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की पल-पल की खबर अधिकारियों को दे रहे हैं। जिससे बाढ़ पीड़ितों की तत्काल सहायता दी जा सके।

सरयू का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंचकर थम गया है। कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बाढ़ नियंत्रण व राहत प्रदान करने के लिए टीमों का गठन किया गया है। बंधों की निगरानी की जा रही है। बाढ़ की स्थिति पर हमारी टीम नजर रख रही है। जो बाढ़ से प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें तत्काल राहत सामग्री प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य, प्रशासन व राजस्व की संयुक्त टीम इस कार्य में लगी हुई है।- जीएल शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed