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सरयू लाल निशान से 13 सेमी दूर, पलायन शुरू

Tue, 22 Jun 2021 11:40 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 11:40 PM IST
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Saryu is 13 cm away from the red mark, the migration begins
अयोध्या। सरयू में जारी उफान से तटवर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया है। एक तरफ जहां सैकड़ों हेक्टेयर फसल पानी में डूब गई है तो वहीं आबादी वाले इलाकों में भी पानी प्रवेश करने लगा है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों से पलायन शुरू हो गया है। लोग ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। सरयू खतरे के निशान से महज 13 सेमी. दूर है, इसके देखते हुए बंधों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
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सरयू के जलस्तर में उतार चढ़ाव का क्रम जारी है। सरयू का जलस्तर रविवार शाम 92.53 मीटर पर स्थिर हो गया था। इसके बाद सोमवार को जलस्तर में कमी शुरू हो गई और सरयू का जलस्तर 92.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया। वहीं मंगलवार सुबह से एक बार फिर सरयू के जलस्तर में उफान तेज हो गया है। पिछले 12 घंटे में सरयू के जलस्तर में 19 सेमी. की वृद्धि दर्ज की गई है। नदी का जलस्तर मंगलवार शाम पांच बजे 92.60 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल निशान 92.73 मीटर से महज 13 सेमी. दूर है।
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उधर तटवर्ती इलाकों से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। पूराबाजार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने नाव की व्यवस्था कर दी है। बिल्वहरिघाट तटबंध की निगरानी बढ़ा दी गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व जीएल शुक्ल ने बताया कि अभी लाल निशान सरयू ने पार नहीं किया है, फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। तहसील प्रशासन के साथ प्रशासन की टीम बंधों की निगरानी 24 घंटे कर रही है।
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विकासखंड मया के शेरवा घाट ग्राम सभा का मजरा हुसैनपुर सरयू नदी के किनारे बसा है। बाढ़ कटान से मात्र 10 मीटर की दूरी पर आबादी शुरू हो जाती है। नदी के मुहाने पर बसे विजय शंकर उपाध्याय ,जयराम यादव, कमला यादव, रमेश आदि बाढ़ की संभावना से बेचैन हैं। बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए कटान वाली जगह पर सीमेंट का पोल लगाकर उसमें रेत से भरी बोरियां लगाई जानीं थीं। जिसके लिए बाढ़ खंड से टेंडर कर ठेकेदार को दिया गया और डेढ़ महीने पूर्व काम आरंभ हुआ, लेकिन काम की गति इतनी धीमी है कि अब तक एक भी सीमेंट का पोल नहीं लग सका है।

सिर्फ 100 बोरी बालू के अतिरिक्त कोई काम दिखाई नहीं पड़ रहा है। उधर नदी का पानी बढ़ने के साथ ही काम भी बंद हो गया है। सहायक अभियंता बाढ़ खंड रणजीत मौर्या ने बताया कि कार्य आरंभ कर दिया गया था। इसी बीच दूसरी जगह कटान लग गई। सारे मजदूर उधर चले गए, अब पानी भर गया है, नदी का पानी घटते ही काम पूरा किया जाएगा।
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