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लाल निशान के पास थमी सरयू, कटान तेज
फैजाबाद
Updated Sun, 09 Jul 2017 10:42 PM IST
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अयोध्या-सरयू की धारा से जारी कटान से चिंतित ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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उफनाई सरयू नदी का जलस्तर रविवार लाल निशान से 35 सेमी नीचे स्थिर हो गया है। इसके बाद भी नदी की लहरें तेजी से कछारीय इलाकों में मिट्टी काट रही हैं। दो दर्जन गांवों में ग्रामीण खौफजदा हैं। नदी यहां रोजाना दो से तीन बीघा भूमि निगल रही है।
प्रभावित गांवों से ग्रामीणों का पलायन ऊंचे स्थलों व बंधों पर जारी है। रविवार को भी गिरिजा और शारदा बैराजों से गया 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से जलस्तर फिर बढ़ने का अंदेशा है। हालांकि बनबसा बैराज का डिस्चार्ज 50 हजार से कम होने से राहत भी रहेगी।
जानकारों का कहना है कि सरयू नदी में बनबसा बैराज के छोड़े पानी से सीधा असर पड़ रहा था। रविवार को इस बैराज से 50 हजार से कम पानी छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर 92.380 मीटर पर सुबह 10 से स्थिर हो गया है। इसके पहले 5 सेमी प्रतिघंटा तक की बढ़ोतरी शनिवार रात में हुई थी, जिससे हड़कंप मच गया था।
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नदी के खतरे का लाल निशान 92.730 मीटर है। हालांकि नदी तेजी से कटान कर रही है। रौनाही बंधे और नदी के बीच बसे गांव महंगूपुरवा की लक्ष्मीदेवी का कहना है कि अब तक उनका दो बीघे से अधिक खेत नदी में समाहित हो चुका है। आसपास के गांवों मुजेहना, सराय नासिर व अब्बूपुरवा की भूमि को नदी तेजी से कटान कर रही है।
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प्रभावित गांवों से ग्रामीणों का पलायन ऊंचे स्थलों व बंधों पर जारी है। रविवार को भी गिरिजा और शारदा बैराजों से गया 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से जलस्तर फिर बढ़ने का अंदेशा है। हालांकि बनबसा बैराज का डिस्चार्ज 50 हजार से कम होने से राहत भी रहेगी।
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जानकारों का कहना है कि सरयू नदी में बनबसा बैराज के छोड़े पानी से सीधा असर पड़ रहा था। रविवार को इस बैराज से 50 हजार से कम पानी छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर 92.380 मीटर पर सुबह 10 से स्थिर हो गया है। इसके पहले 5 सेमी प्रतिघंटा तक की बढ़ोतरी शनिवार रात में हुई थी, जिससे हड़कंप मच गया था।
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नदी के खतरे का लाल निशान 92.730 मीटर है। हालांकि नदी तेजी से कटान कर रही है। रौनाही बंधे और नदी के बीच बसे गांव महंगूपुरवा की लक्ष्मीदेवी का कहना है कि अब तक उनका दो बीघे से अधिक खेत नदी में समाहित हो चुका है। आसपास के गांवों मुजेहना, सराय नासिर व अब्बूपुरवा की भूमि को नदी तेजी से कटान कर रही है।