{"_id":"5ddd60708ebc3e54d504fd2b","slug":"sad-news-faizabad-news-lko494411857","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में फंसाए जाने से आहत हो युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या में फंसाए जाने से आहत हो युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, मौत
विज्ञापन
युवक के घर में रोते बिलखते परिवारीजन।
- फोटो : FAIZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोहावल। रौनाही थाना क्षेत्र के बेनीपुर में करीब 9 माह पूर्व हुई किशोर की हत्या के आरोपी युवक ने सोमवार रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवक ने थाना प्रभारी रौनाही दीपेंद्र सिंह, एसआई राजेंद्र प्रसाद व अमर चौरसिया समेत क्षेत्र की पुलिस को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
युवक की मौत के बाद लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। परिवारीजनों के अनुसार जेल से आने के बाद से ही वह आत्मग्लानि में था। बार-बार कहता था कि उसने विशाल की हत्या नहीं की। पहले भी लोगों ने उसे फर्जी फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया था।
रौनाही खास निवासी अतुल शुक्ला उर्फ देवता पंडित (26) पुत्र रामकुमार ने सोमवार रात घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना के समय घरवाले अपने रिश्तेदार के यहां शादी में गए हुए थे। जानकारी होने पर परिवारीजन उसे जिला अस्पताल ले गए लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अतुल पड़ोसी गांव बेनीपुर निवासी किशोर विशाल यादव पुत्र हरिद्वार की 19 फरवरी को हुई हत्या में आरोपी था।
मामले में करीब 8 माह जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटकर आया था। हत्या के इस मामले में माता-पिता व परिवारीजनों सहित पीड़ित परिवार व ग्रामीणों ने उसे निर्दोष बताया था।
इसको लेकर स्थानीय लोगों व सपा नेताओं ने कई दिन तक आंदोलन भी चलाया था लेकिन पुलिस ने एक न सुनी थी। वहीं आत्महत्या से पूर्व मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में उसने किशोर विशाल के पिता हरिद्वार को अपना मित्र बताया। विशाल की हत्या में खुद को निर्दोष बताया।
दो पन्ने के सुसाइड नोट में उसने हत्या के मामले में रौनाही पुलिस द्वारा फंसाने का आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी रौनाही दीपेंद्र सिंह, एसआई राजेंद्र प्रसाद व अमर चौरसिया सहित इलाकाई पुलिस को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया।
सुसाइड नोट में लिखा...मैं तो उसी दिन मर गया था जब पुलिस ने पूछा, बता विशाल को कैसे मारा
मृतक अतुल शुक्ला ने अपने दो पन्ने के सुसाइड नोट में लिखा है कि मुझे मेरे दोस्त हरिद्वार यादव के बेटे विशाल यादव की हत्या में आरोपी बनाया गया था। जबकि मेरा हत्या से कोई वास्ता नहीं था।
मैं ये जानते हुए भी कुछ नहीं कर सकता। हरिद्वार मेरे भाई जैसा है। उसका परिवार मेरा है। मैं तो उसी दिन मर गया था जब घटना के दिन 19 फरवरी को एसआई राजेंद्र प्रसाद ने मुझे गाली देते हुए कहा कि बता तूने विशाल को कैसे मारा है।
विशाल की मौत में मुझे फंसाने का श्रेय रौनाही थाने के एसओ दीपेंद्र सिंह, एसआई अमर चौरसिया, दीवान राजकुमार व रामस्वरूप को जाता है। उसने लिखा कि मैं भोले के पास जा रहा हूं। इसमें हरिद्वार व उसके परिवार का कोई दोष नहीं है। मैं इस दुनिया में नहीं हूं। इसका श्रेय रौनाही एसओ को जाता है।
मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट ने रौनाही पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। लोग किशोर की हत्या के मामले में की गई पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
शिकायत मिली तो जांच व कार्रवाई होगी : एसपी ग्रामीण
एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट से मौत की वजह साफ होगी। सुसाइड नोट कब्जे में लेकर मामले को देखा जा रहा है। यदि परिवारीजनों की ओर से हत्या के मामले में पुलिस की जांच व सुसाइड को लेकर शिकायत की जाएगी तो संबंधित के खिलाफ वैधानिक जांच व कार्रवाई दोनों की जाएगी।
विज्ञापन
युवक की मौत के बाद लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। परिवारीजनों के अनुसार जेल से आने के बाद से ही वह आत्मग्लानि में था। बार-बार कहता था कि उसने विशाल की हत्या नहीं की। पहले भी लोगों ने उसे फर्जी फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया था।
विज्ञापन
रौनाही खास निवासी अतुल शुक्ला उर्फ देवता पंडित (26) पुत्र रामकुमार ने सोमवार रात घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना के समय घरवाले अपने रिश्तेदार के यहां शादी में गए हुए थे। जानकारी होने पर परिवारीजन उसे जिला अस्पताल ले गए लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अतुल पड़ोसी गांव बेनीपुर निवासी किशोर विशाल यादव पुत्र हरिद्वार की 19 फरवरी को हुई हत्या में आरोपी था।
मामले में करीब 8 माह जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटकर आया था। हत्या के इस मामले में माता-पिता व परिवारीजनों सहित पीड़ित परिवार व ग्रामीणों ने उसे निर्दोष बताया था।
इसको लेकर स्थानीय लोगों व सपा नेताओं ने कई दिन तक आंदोलन भी चलाया था लेकिन पुलिस ने एक न सुनी थी। वहीं आत्महत्या से पूर्व मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में उसने किशोर विशाल के पिता हरिद्वार को अपना मित्र बताया। विशाल की हत्या में खुद को निर्दोष बताया।
दो पन्ने के सुसाइड नोट में उसने हत्या के मामले में रौनाही पुलिस द्वारा फंसाने का आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी रौनाही दीपेंद्र सिंह, एसआई राजेंद्र प्रसाद व अमर चौरसिया सहित इलाकाई पुलिस को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया।
सुसाइड नोट में लिखा...मैं तो उसी दिन मर गया था जब पुलिस ने पूछा, बता विशाल को कैसे मारा
मृतक अतुल शुक्ला ने अपने दो पन्ने के सुसाइड नोट में लिखा है कि मुझे मेरे दोस्त हरिद्वार यादव के बेटे विशाल यादव की हत्या में आरोपी बनाया गया था। जबकि मेरा हत्या से कोई वास्ता नहीं था।
मैं ये जानते हुए भी कुछ नहीं कर सकता। हरिद्वार मेरे भाई जैसा है। उसका परिवार मेरा है। मैं तो उसी दिन मर गया था जब घटना के दिन 19 फरवरी को एसआई राजेंद्र प्रसाद ने मुझे गाली देते हुए कहा कि बता तूने विशाल को कैसे मारा है।
विशाल की मौत में मुझे फंसाने का श्रेय रौनाही थाने के एसओ दीपेंद्र सिंह, एसआई अमर चौरसिया, दीवान राजकुमार व रामस्वरूप को जाता है। उसने लिखा कि मैं भोले के पास जा रहा हूं। इसमें हरिद्वार व उसके परिवार का कोई दोष नहीं है। मैं इस दुनिया में नहीं हूं। इसका श्रेय रौनाही एसओ को जाता है।
मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट ने रौनाही पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। लोग किशोर की हत्या के मामले में की गई पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
शिकायत मिली तो जांच व कार्रवाई होगी : एसपी ग्रामीण
एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट से मौत की वजह साफ होगी। सुसाइड नोट कब्जे में लेकर मामले को देखा जा रहा है। यदि परिवारीजनों की ओर से हत्या के मामले में पुलिस की जांच व सुसाइड को लेकर शिकायत की जाएगी तो संबंधित के खिलाफ वैधानिक जांच व कार्रवाई दोनों की जाएगी।