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Ayodhya News: 308 विद्यालयों का आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण ही नहीं

Sun, 21 May 2023 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 21 May 2023 11:56 PM IST
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अयोध्या। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की योजना का जिले में पालन नहीं किया जा रहा है। जिले के 650 निजी विद्यालयों में से 308 ने तो यूपी आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण तक नहीं कराया है। इसमें शहर के कई नामी स्कूल भी शामिल हैं। विभाग अब ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई करने के मूड में हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने इसके लिए 15 जून तक समय निर्धारित किया है। इसके बाद पंजीकरण न कराने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में जिले में 650 स्कूलों में 342 स्कूल ही आरटीई पोर्टल पर दिख रहे हैं। गत 10 साल से चल रही इस योजना में स्कूलों की मनमानी पर अधिकारियों ने कभी ध्यान ही नहीं दिया। ध्यान रहे कि आरटीई एक्ट के तहत गरीब बच्चों की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया की जाती है। आवेदन के समय अभिभावक जैसे ही अपना पता दर्ज करते हैं तो उन्हें आसपास के स्कूल दिखते हैं। अभिभावक वरिष्ठता क्रम में स्कूल पसंद कर उसे लॉक कर देते हैं। वहीं पंजीकरण न होने से जिले में 308 स्कूलों की मैपिंग ही नहीं हो सकी है। ऐसे में जिन स्कूलों की मैपिंग नहीं है उस क्षेत्र से आवेदन होने पर स्कूल दिखेगा ही नहीं और वहां अभिभावक आवेदन नहीं कर पाएंगे।
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इस अधिनियम के तहत जिले के गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्राइमरी व कक्षा एक में गरीब बच्चों का निशुल्क दाखिला किया जाता है। इसमें दो श्रेणी के बच्चे आते हैं, प्रथम में दलित, पिछड़े, निशक्त, एचआईवी, कैंसर पीड़ित अभिभावकों के बच्चे आते हैं। जबकि द्वितीय श्रेणी में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले, दिव्यांग, वृद्धा व विधवा पेंशन पाने वाले व एक लाख से कम वार्षिक आय वाले अभिभावकों के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है।
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नामी स्कूलों में प्रवेश कराने के लिए होती है मारामारी
शहर के नामी स्कूलों में बच्चों का प्रवेश कराने के लिए मारा मारी होती है। ज्यादातर स्कूलों में नियमत: कक्षा की निर्धारित संख्या के अनुपात में 25 प्रतिशत बच्चों का प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में इन विद्यालयों में अधिकतम सात सीटें ही आरक्षित होती हैं। जबकि आवेदन सैकड़ों से ज्यादा आते हैं। वहीं अन्य स्कूलों में आवेदन की संख्या बहुत कम होती है। कुछ विद्यालयों में आवेदन होते ही नहीं है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस सत्र में अब तक दो चरणों में करीब 200 बच्चों का प्रवेश हो चुका है।




होगी सख्त कार्रवाई
आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण न कराने वाले गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों को चिह्नित कर 15 जून तक पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष कुमार राय, बीएसए
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