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अयोध्या में भूमि पूजन से पूर्व 84 कोस में लगेगी अनुष्ठानों की झड़ी, गूंजेंगे वैदिक मंत्र

Mon, 03 Aug 2020 12:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 03 Aug 2020 12:20 AM IST
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Rigious rituals will be held in 84 Kos before Bhoomi Pujan
अयोध्या - फोटो : amar ujala

श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन को लेकर अयोध्या पुलकित है। हर कोई इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनना चाहता है। इसी कड़ी में अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह की अगुवाई में श्री अयोध्या न्यास बड़े आयोजन की तैयारी में है। 

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न्यास श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के 84 कोस में सभी ऋषि, मुनियों की तपस्थलियों पर दो दिनों तक भव्य आयोजन करेगा। न्यास ने ऐसे 151 तीर्थ स्थलों को चिन्ह्ति किया है। इन स्थानों पर जप व अनुष्ठान के साथ श्रीराम चरित मानस, श्री दुर्गा सप्तशती व श्रीविष्णु सहस्रनाम का पाठ भी होगा। 
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5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या पहुंचने के साथ ही इन 151 स्थलों पर वैदिक मंत्रोच्चार गूंजने लगेंगे। 84 कोस में स्थित तीर्थ क्षेत्र के लोग अनु्ष्ठान की पूर्णहुति में शामिल होंगे। यह तीर्थ क्षेत्र अयोध्या सहित चार जिलों में फैला हुआ है। इन ऋषि, मुनियों की तपस्थलियों, अवतार स्थलों का स्कंद पुराण, वाल्मीकि रामायण, हरिबंश पुराण, रुद्रयामल जैसे ग्रंथों में वर्णन है। 
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इसी आधार पर वर्ष 1902 में गठित एडवर्ड तीर्थ विवेचनी सभा ने शिलालेख स्थापित किए थे। यह अनुष्ठान इन चिहंर्त स्थलों के साथ अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी आयोजित होंगे। 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र 84 कोस में अयोध्या जिले के महबूबगंज स्थित ऋषि ऋंगी आश्रम, नंदीग्राम भरतकुंड, आस्तीक ऋषि आश्रम आस्तीकन, जन्मेजय कुंड सिड़सिड़, च्यवन ऋषि आश्रम राजापुरवा, रमणक ऋषि पंडितपुर, माण्डव्य ऋषि आश्रम बसौढ़ी, गौतम ऋषि रुदौली, मां कामख्या भवानी मंदिर सुनबा, गोंडा जिले के वाराह सूकर क्षेत्र, संत तुलसी दास की जन्मस्थली राजापुर, ऋषि यमदग्नि जमथा, ऋषि अष्टावक्र रामघाट, ऋषि पाराशर परास गांव, कपिल मुनि आश्रम महंगूपुर, वाराही देवी रगडगंज, बस्ती जिले में पुत्रेष्टि यज्ञ स्थल मखभूमि मखौड़ा, रामरेखा छावनी सहित इन सभी स्थलों पर अनुष्ठानों का आयोजन चार अगस्त को प्रारंभ होगा। 


पांच अगस्त को प्रात: जप और पाठ के बाद साधक, श्रद्धालु हवन में आहुतियां डालेंगे। समापन पर श्रद्धालुओं में सवा लाख पैकेट प्रसाद का वितरण किया जाएगा। 

सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि श्री अयोध्या न्यास की ओर से वर्ष 2014 से इन स्थलों को नए सिरे से चिन्हित किया गया। इसी आधार पर दिल्ली में अयोध्या पर्व का आयोजन हुआ था। अब प्रधानमंत्री से किए जाने वाले भूमि पूजन से पूर्व तीर्थ क्षेत्र को सकारात्मक ऊर्जा बिखेरने की तैयारी है।

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