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सरकारी भूमि की हेराफेरी में फंसे राजस्व अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Mon, 12 Sep 2016 11:50 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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सोहावल तहसील क्षेत्र के मोइया कपूरपुर गांव में चकबंदी के दौरान नवीन परती और तालाब की भूमि के नंबरों में हेराफेरी कर राजस्व विभाग की सैकड़ों बीघा भूमि बंदरबांट करने के मामले में गाज गिरी है। कोर्ट ने तहसीलदार, लेखपाल व ग्राम प्रधान समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके विवेचना करने का आदेश एसओ पूराकलंदर को दिया है।
यह आदेश सीजेएम रवींद्र गुप्ता की कोर्ट से हुआ। मगर हैरानी की बात यह है कि आदेश हुए पखवारा बीतने को है, मगर अभी तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई। वादी के अधिवक्ता विवेक सिंह ने बताया कि अशोक कुमार सिंह निवासी मोइयाकपूरपुर ने कोर्ट में एक परिवाद दायर किया था।
इसमें आरोप है कि तहसीलदार कंचनराम, ग्राम प्रधान सीमा सिंह, लेखपाल सूर्यभान पाठक, पूर्व प्रधान रामबक्श सिंह, उनके भाई हरिबक्श व चंद्रप्रकाश, ओमप्रकाश सिंह, योगेंद्र सिंह, रवींद्र सिंह व दीपक सिंह ने ग्राम पंचायत में राजस्व की नवीन परती, बंजर, तालाब, खलिहान, वृक्षारोपण के लिए आरक्षित भूमि, पशुचर, खाद गड्ढा, खेल का मैदान आदि नंबरों की बेशकीमती जमीन गांव के अपात्र एवं दबंग लोगों के हाथ अवैध रूप से धन लेकर कब्जा कराया और मकान बनवा दिया।
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बंदरबांट कराने की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक की गई। जिसकी जांच तहसीलदार को सौंपी गई। लेकिन तहसील प्रशासन ने मिलीभगत के चलते जांच में पक्षपात किया और आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। थक हारकर अशोक ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर न्याय की गुहार की।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना का आदेश दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष पूराकलंदर अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि वह छुट्टी से लौटकर रविवार को आए हैं। अभी उन्हें आदेश की प्रति नहीं मिली है।
आदेश थाने पर आया होगा तो रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करेंगे। वादी का कहना है कि संबंधित पैरोकार ने बीते पांच सितंबर को ही कोर्ट का आदेश थाने पर रिसीव करवा दिया था। दीवान ने बताया कि एसओ छुट्टी पर हैं, लौटकर आने पर ही रिपोर्ट दर्ज होगी।
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यह आदेश सीजेएम रवींद्र गुप्ता की कोर्ट से हुआ। मगर हैरानी की बात यह है कि आदेश हुए पखवारा बीतने को है, मगर अभी तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई। वादी के अधिवक्ता विवेक सिंह ने बताया कि अशोक कुमार सिंह निवासी मोइयाकपूरपुर ने कोर्ट में एक परिवाद दायर किया था।
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इसमें आरोप है कि तहसीलदार कंचनराम, ग्राम प्रधान सीमा सिंह, लेखपाल सूर्यभान पाठक, पूर्व प्रधान रामबक्श सिंह, उनके भाई हरिबक्श व चंद्रप्रकाश, ओमप्रकाश सिंह, योगेंद्र सिंह, रवींद्र सिंह व दीपक सिंह ने ग्राम पंचायत में राजस्व की नवीन परती, बंजर, तालाब, खलिहान, वृक्षारोपण के लिए आरक्षित भूमि, पशुचर, खाद गड्ढा, खेल का मैदान आदि नंबरों की बेशकीमती जमीन गांव के अपात्र एवं दबंग लोगों के हाथ अवैध रूप से धन लेकर कब्जा कराया और मकान बनवा दिया।
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बंदरबांट कराने की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक की गई। जिसकी जांच तहसीलदार को सौंपी गई। लेकिन तहसील प्रशासन ने मिलीभगत के चलते जांच में पक्षपात किया और आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। थक हारकर अशोक ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर न्याय की गुहार की।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना का आदेश दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष पूराकलंदर अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि वह छुट्टी से लौटकर रविवार को आए हैं। अभी उन्हें आदेश की प्रति नहीं मिली है।
आदेश थाने पर आया होगा तो रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करेंगे। वादी का कहना है कि संबंधित पैरोकार ने बीते पांच सितंबर को ही कोर्ट का आदेश थाने पर रिसीव करवा दिया था। दीवान ने बताया कि एसओ छुट्टी पर हैं, लौटकर आने पर ही रिपोर्ट दर्ज होगी।