फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ramnagari on alert on the anniversary of terrorist attack

आतंकी हमले की बरसी पर अलर्ट पर रही रामनगरी

Wed, 06 Jul 2022 01:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 01:12 AM IST
विज्ञापन
Ramnagari on alert on the anniversary of terrorist attack
अयोध्या-वाहनों की चेकिंग कर पूछताछ करते सीओ अयोध्या डा.राजेश तिवारी।-संवाद - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में हुए आतंकी हमले की 17 वीं बरसी पर मंगलवार को रामनगरी अलर्ट पर रही। अयोध्या की सीमा पर कड़ी चौकसी करते हुए दिन भर चेकिंग अभियान चलाया गया। सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही।
विज्ञापन

सीमाओं पर विशेष निगरानी की जाती रही। प्रवेश मार्गों पर आने-जाने वालों की पुलिस पहचान पत्र जांच रही थी। पुलिस ने होटल व धर्मशालाओं को भी खंगाला।
रामजन्मभूमि परिसर पर 05 जुलाई 2005 को अत्याधुनिक हथियारों से लैस आतंकियों ने हमला बोल दिया था। सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से हमले में शामिल सभी आतंकी मार गिराए गए थे।
विज्ञापन

हमले के मंगलवार को 17 वर्ष पूरे हो गए। इसको लेकर पुलिस सतर्क रही और पूरी अयोध्या को कड़े सुरक्षा घेरे में जकड़ दिया गया है। हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर पुलिस की नजर रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह से लेकर देर रात तक सार्वजनिक स्थलों होटल, धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन को खंगाला जाता रहा। सीओ अयोध्या डॉ.राजेश तिवारी ने बताया कि अयोध्या की सीमा से लेकर सरयू स्नान घाटों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
प्रमुख मंदिरों के इर्द-गिर्द सादे वर्दी में पुलिस की टीम निगरानी करती रही। खासकर रामजन्मभूमि क्षेत्र में पुलिस टीम अलर्ट पर रही। रामकोट इलाके में मंगलवार को बिना चेकिंग के किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं दिया गया।
रामनगरी के आउटर एरिया में भी बैरियर लगाकर पुलिस टीम चेकिंग अभियान चलाती रही। 05 जुलाई 2005 को सुबह करीब सवा नौ बजे रामनगरी गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी थी। अयोध्या के अधिग्रहीत परिसर में असलहों से लैस आतंकी घुस गए थे।
वे लगातार फायरिंग करते हुए उस समय मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर (विराजमान रामलला) की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि पीएसी व सीआरपीएफ के जवानों की बहादुरी से वे अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो सके। सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में पांच आतंकी मारे गए।
दो निर्दोष लोगों को भी अपनी जान गवांनी पड़ी। सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद हुई जांच में आतंकियों को असलहों की सप्लाई और मदद करने में जो नाम सामने आए उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।

आतंकी हमले के 14 साल बाद 18 जून 2019 को प्रयागराज की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि एक आरोपी मोहम्मद अजीज को बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed