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27 साल टेंट में रहे रामलला अब भव्य गर्भगृह में विराजेंगे

Thu, 02 Jun 2022 12:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2022 12:06 AM IST
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Ramlala, who lived in the tent for 27 years, will now sit in the grand sanctum
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन में तमाम उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। कुछ इसी तरह ही अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर (रामलला का घर) भी झंझावातों का सामना करता रहा। रामलला का घर कालांतर में बदलता रहा।
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कभी खुले आसमान में तो कभी टेंट में रामलला विराजे, कई वर्षों तक भवन विहीन रहे। रामलला 27 सालों तक टेंट में रहे, यह किसी वनवास से कम नहीं था। अब फिर इतिहास ने करवट ली है।
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वह दिन दूर नहीं जब रामलला भव्य गर्भगृह में विराजेंगे। उनके घर निर्माण का शुभारंभ बुधवार को विधिविधान पूर्वक हो गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिलापूजन कर इसकी शुरूआत की।
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एक जून 2022 की तिथि करोड़ों रामभक्तों के लिए एक बड़ी खुशी लेकर आई। सदियों की आकांक्षा उस समय तृप्त होती दिखी जब श्रीराम जन्मभूमि परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विक्रमादित्य के रूप में रामलला के घर (गर्भगृह) निर्माण का आगाज कर रहे थे।
राम का जीवन जिस तरह संघर्षों भरा रहा कुछ इसी तरह रामलला की मुक्ति के लिए भी लंबा संघर्ष चला। रामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए 77 युद्धों का दावा किया जाता है।
कालांतर में रामलला का घर बदलता रहा। 14 वीं शताब्दी तक राममंदिर दुनिया का आकर्षण था। फिर 15वीं शताब्दी में मुगल शासक बाबर के आदेश पर 1528 में उसके सेनापति मीर बांकी ने रामजन्मभूमि पर बने मंदिर को तोड़कर मस्जिद की तामीर करा दी।
1949 में विवादित परिसर में रामलला का प्राकट्य हुआ। इसके बाद विवादित परिसर के बाहरी हिस्से पर रामभक्त भगवान की मूर्ति रखकर पूजा-अर्चना करते रहे। इस बीच छिटपुट आंदोलन भी जारी रहे।
इसके बाद 1992 में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई और रामलला की विवादित परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हो गई। रामलला को तिरपाल का गर्भगृह प्राप्त हुआ। रामलला का तिरपाल का गर्भगृह रामभक्तों की व्यथा का पर्याय रहा।
रामभक्त चाहते हुए भी कुछ नहीं कर सकते थे क्योंकि सामने अदालत की लक्ष्मण रेखा थी। यह समय भी बीता और फिर वह दिन आ गया जिसका सभी को इंतजार था।
9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के हक में निर्णय देकर राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया। अब वह दिन दूर नहीं जब रामलला भव्य गर्भगृह में विराजेंगे, क्योंकि उनके घर निर्माण का शुभारंभ बुधवार को विधिविधान पूर्वक हो गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह के लिए शिलापूजन किया तो पूरी रामनगरी खुशी से झूम उठी। सीएम योगी आदित्यनाथ आधुनिक विक्रमादित्य के रूप में अयोध्या के कायाकल्प में जुटे हैं।
अयोध्या की पौराणिकता को सहेजते हुए यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को रामलला के घर निर्माण का भी शुभारंभ पहली शिला रखकर किया।
सीएम योगी ने ही 24-25 मार्च 2020 की रात को टेंटवास झेल रहे रामलला को अपने तिरपाल से बाहर निकालकर अपने सिर पर रखकर अस्थायी गर्भगृह में लाकर विराजित किया था। अस्थाई गर्भगृह में रामलला का ठाठ-बांट का पूरा इंतजाम है।
श्रीराम मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा। राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया एक महोत्सव है। आज का दिन लाखों रामभक्तों के संकल्प की सिद्धता का भी प्रमाण है। -महंत वैदेही वल्लभ शरण
भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अमिट हस्ताक्षर होने जा रहा है राममंदिर जो सदियों तक खड़ा रहेगा। हम इसके साक्षी बने हैं, यह सौभाग्य का विषय है, अब जल्द ही रामलला का भव्य गर्भगृह में दर्शन होगा। -महंत गिरीशपति त्रिपाठी
रामलला का टेंटवास रामभक्तों को द्रवित करता था। करीब तीन दशक तक तिरपाल के गर्भगृह में रामलला मौसम की मार झेलते रहे। रामनगरी में सौभाग्य का नया सूर्य उदित हुआ है, जल्द ही हम भव्य मंदिर के साक्षी होंगे। -महंत डॉ.भरत दास
श्रीराम अयोध्या को महान एवं सर्वश्रेष्ठ बनाते हैं। सदियों का इंतजार अब खत्म है, भव्य गर्भगृह में रामलला के दर्शन का सपना अब जल्द ही साकार होने जा रहा है। हमारी पीढ़ी इसकी साक्षी बनकर गौरवान्वित होगी।-महंत रामशरण दास

राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र बनने जा रही है। गर्भगृह निर्माण का साक्षी बनकर अभिभूत हूं। अब भव्य गर्भगृह में रामलला का दर्शन करने की बेसब्री से प्रतीक्षा होगी।-महंत दिनेंद्र दास, ट्रस्टी
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