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सुप्रीम कोर्ट से बाहर किसी भी समझौते के प्रयास का विरोध
फैजाबाद
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:26 PM IST
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कमिश्नर को ज्ञापन व पत्रक सौंपते मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य ।
- फोटो : अमर उजाला
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श्री रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद में आपसी सुलह समाधान के प्रयास के विरोध में स्वर मुखर हो गए हैं। मंगलवार को इसके विरोध में अयोध्या-फैजाबाद मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित पत्रक विवादित परिसर के रिसीवर व कमिश्नर सूर्य प्रकाश मिश्र को सौंपा। 5493 लोगों से हस्ताक्षरित पत्रक के जरिए सुप्रीम कोर्ट से बाहर किए जा रहे किसी भी समझौते के प्रयास पर विरोध जताया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. इकबाल ने बताया कि अयोध्या विवाद का सुलह-समझौते से समाधान का प्रयास लंबे समय से किया जा रहा है, जिसे अब तक किसी भी पक्ष से स्वीकार्य नहीं किया गया है। पूर्व न्यायाधीश पलोक बसु की मुहिम से मुस्लिम समाज सहमत नहीं है।
इस मुहिम में जिन मुस्लिमों से हस्ताक्षर करवाए जाने का दावा किया जा रहा है वह पूरी तरह फर्जी हैं। एसोसिएशन ने यह निवेदन भी किया कि इस मुकदमे की सुनवाई रोज करके यथाशीघ्र फैसला कर दिया जाए।
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प्रतिनिधिमंडल में मो. इरफान, नन्हें मियां, सूर्यकांत पांडेय, रिजवान, महफूज अहमद वारसी, हाजी सिराज अहमद चांद, मौ. अनवार नईमी, मौलाना सिराजुद्दीन, मौलाना रफीउज्जमा सहित अन्य लोग शामिल थे।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. इकबाल ने बताया कि अयोध्या विवाद का सुलह-समझौते से समाधान का प्रयास लंबे समय से किया जा रहा है, जिसे अब तक किसी भी पक्ष से स्वीकार्य नहीं किया गया है। पूर्व न्यायाधीश पलोक बसु की मुहिम से मुस्लिम समाज सहमत नहीं है।
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इस मुहिम में जिन मुस्लिमों से हस्ताक्षर करवाए जाने का दावा किया जा रहा है वह पूरी तरह फर्जी हैं। एसोसिएशन ने यह निवेदन भी किया कि इस मुकदमे की सुनवाई रोज करके यथाशीघ्र फैसला कर दिया जाए।
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प्रतिनिधिमंडल में मो. इरफान, नन्हें मियां, सूर्यकांत पांडेय, रिजवान, महफूज अहमद वारसी, हाजी सिराज अहमद चांद, मौ. अनवार नईमी, मौलाना सिराजुद्दीन, मौलाना रफीउज्जमा सहित अन्य लोग शामिल थे।