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‘राम रसोई’ का शुभारंभ, प्रतिदिन मिलेगा नि:शुल्क भोजन
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अयोध्या। रामकोट स्थित अमावा राममंदिर में विवाहपंचमी पर ‘राम रसोई’ का भव्य शुभारंभ हुआ। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने वैदिक मंत्रोच्चारों के बीच राम रसोई का श्रीगणेश किया।
राम रसोई में प्रतिदिन रामभक्तों को नि:शुल्क भोजन मिलेगा। पहले दिन रामविवाहोत्सव में शामिल होने अयोध्या पहुंचे भक्तों ने यहां भोजन किया।
रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल ने बताया कि रामलला के दर्शन करने आने वाले रामभक्तों को रोजाना दिन में 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक नि:शुल्क भोजन प्रदान किया जाएगा।
इसके लिए अमावा मंदिर में महावीर ट्रस्ट पटना के सहयोग से रामरसोई की स्थापना की गई है। कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रतिदिन पांच हजार रामभक्त रसोई में भोजन कर सकें। इसके लिए पटना महावीर ट्रस्ट की ओर से सालाना 3 करोड़ 20 लाख का बजट भी निर्धारित किया जा चुका है। यहां 18 लोग तैनात रहेंगे।
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भोजन बनाने के लिए तिरूपति बालाजी से कारीगर बुलाए गए हैं। भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, सांभर आदि परोसा जाएगा। बिहार का प्रसिद्ध गोविंद भोग चावल यहां भोजन में भक्तों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि अमावा राममंदिर में बाल रूप विराजे भगवान राम के लिए छतरी भी लगवाई गई है। इस दौरान महंत शशिकांत दास, महंत बैजूदास सहित विभिन्न प्रांतों गुजरात, बिहार, राजस्थान आदि से आए भक्त मौजूद रहे।
यहां भगवान के विभिन्न स्वरूपों के होते दर्शन
अमावा मंदिर में भगवान के विभिन्न स्वरूपों के भी दर्शन होते हैं। यह भगवान के विभिन्न स्वरूपों सहित स्थान के पूर्वाचार्यों के भी मंदिर स्थापित हैं। सभी मंदिर भव्यता की नजीर है। मंदिर के शिखर पर स्थापित श्रीराम की बाल रूप में चार फीट की प्रतिमा दूर से ही भक्तों को अपनी ओर खींचती है।
भगवान राधाकृष्ण, शेष शैय्या पर विराजमान लक्ष्मीनारायण, बाल रूप, व ध्यान मुद्रा व संजीवन बूटी लेकर जाते हनुमान की मूर्ति आकर्षण का केंद्र है। इसके अतिरिक्त माता दुर्गा, विंध्यवासिनी देवी, सप्तऋषियों की मूर्ति भी आकर्षित करती है। शिव परिवार की मूर्ति में भगवान गणेश, नंदी आदि की मूर्ति भव्यता का पर्याय है तो यहां आने पर काशी विश्वनाथ के भी दर्शन होते हैं। पूर्वाचार्यों की मूर्ति श्रद्धा का केंद्र है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल ने बताया कि प्रतिदिन मुख्य मंदिर से लेकर सभी मंदिरों की आरती-पूजा वैदिक विधिविधान पूर्वक की जाती है।
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राम रसोई में प्रतिदिन रामभक्तों को नि:शुल्क भोजन मिलेगा। पहले दिन रामविवाहोत्सव में शामिल होने अयोध्या पहुंचे भक्तों ने यहां भोजन किया।
रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल ने बताया कि रामलला के दर्शन करने आने वाले रामभक्तों को रोजाना दिन में 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक नि:शुल्क भोजन प्रदान किया जाएगा।
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इसके लिए अमावा मंदिर में महावीर ट्रस्ट पटना के सहयोग से रामरसोई की स्थापना की गई है। कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रतिदिन पांच हजार रामभक्त रसोई में भोजन कर सकें। इसके लिए पटना महावीर ट्रस्ट की ओर से सालाना 3 करोड़ 20 लाख का बजट भी निर्धारित किया जा चुका है। यहां 18 लोग तैनात रहेंगे।
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भोजन बनाने के लिए तिरूपति बालाजी से कारीगर बुलाए गए हैं। भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, सांभर आदि परोसा जाएगा। बिहार का प्रसिद्ध गोविंद भोग चावल यहां भोजन में भक्तों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि अमावा राममंदिर में बाल रूप विराजे भगवान राम के लिए छतरी भी लगवाई गई है। इस दौरान महंत शशिकांत दास, महंत बैजूदास सहित विभिन्न प्रांतों गुजरात, बिहार, राजस्थान आदि से आए भक्त मौजूद रहे।
यहां भगवान के विभिन्न स्वरूपों के होते दर्शन
अमावा मंदिर में भगवान के विभिन्न स्वरूपों के भी दर्शन होते हैं। यह भगवान के विभिन्न स्वरूपों सहित स्थान के पूर्वाचार्यों के भी मंदिर स्थापित हैं। सभी मंदिर भव्यता की नजीर है। मंदिर के शिखर पर स्थापित श्रीराम की बाल रूप में चार फीट की प्रतिमा दूर से ही भक्तों को अपनी ओर खींचती है।
भगवान राधाकृष्ण, शेष शैय्या पर विराजमान लक्ष्मीनारायण, बाल रूप, व ध्यान मुद्रा व संजीवन बूटी लेकर जाते हनुमान की मूर्ति आकर्षण का केंद्र है। इसके अतिरिक्त माता दुर्गा, विंध्यवासिनी देवी, सप्तऋषियों की मूर्ति भी आकर्षित करती है। शिव परिवार की मूर्ति में भगवान गणेश, नंदी आदि की मूर्ति भव्यता का पर्याय है तो यहां आने पर काशी विश्वनाथ के भी दर्शन होते हैं। पूर्वाचार्यों की मूर्ति श्रद्धा का केंद्र है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल ने बताया कि प्रतिदिन मुख्य मंदिर से लेकर सभी मंदिरों की आरती-पूजा वैदिक विधिविधान पूर्वक की जाती है।