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राम मंदिर के मॉडल को लेकर छिड़ी बहस, संतों ने बताई अपने मन की बात

Sun, 31 May 2020 06:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sun, 31 May 2020 06:37 AM IST
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Debate over the model of Ram temple
दिगंबर अखाड़े की बैठक - फोटो : अमर उजाला

राममंदिर की दिव्यता एवं भव्यता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। रामनगरी के संतों की चाह है कि राममंदिर विश्व भर में अलौकिक, दिव्य व भव्य हो। उनका कहना है कि राममंदिर का प्रस्तावित मॉडल भगवान राम की गरिमा के अनुकूल नहीं है। राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं इसलिए राममंदिर से भी मर्यादा का संदेश जाना चाहिए और यह तभी संभव है जब अयोध्या में दिव्य-भव्य, अलौकिक और अतुलनीय राममंदिर का निर्माण हो।

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इसके लिए शनिवार को रामनगरी के संतों ने दिगंबर अखाड़ा में बैठक कर अलौकिक राममंदिर की अपनी चाहत बयां की। साथ ही सरकार को राममंदिर निर्माण को लेकर सुझाव देने की भी रणनीति बनाई। बैठक में तय किया गया कि संत अपनी मांग, पत्र के जरिए राममंदिर ट्रस्ट व शासन को भी भेजेंगे।
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बैठक को संबोधित करते हुए दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि मंदिर भव्य बने ऊंचा बने, बस हमारी यही चाह है। कहा कि हमारा ट्रस्ट से कोई विरोध नहीं है, लेकिन मंदिर निर्माण के लिए जो मानक अभी तय किया गया है वह राममंदिर की भव्यता के लिए पर्याप्त नहीं है। राममंदिर के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष हुआ है, यह मंदिर उस संघर्ष का साक्षी होना चाहिए।
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राममंदिर ऐसा बने कि जिसकी तुलना पूरे विश्व में न हो। जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि पहले राममंदिर का जो नक्शा तय किया गया था वह 2.77 एकड़ के हिसाब से था। अब पूरे 67 एकड़ में राममंदिर बनना है इसलिए पुराने नक्शे को खारिज करते हुए अलौकिक राममंदिर की परिकल्पना को साकार करने की जरूरत है।

राम विश्व के प्रथम देवता हैं उसी के अनुरूप ही अद्वितीय मंदिर का निर्माण होना चाहिए। हम इसमें तन-मन, धन से सहयोग को हमेशा तैयार हैं। उदासीन ऋषि आश्रम के महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि राममंदिर ऐसा बने जिससे मर्यादा का संदेश आना चाहिए। हमारी चाह है कि अयोध्या में विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर बने। महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती ने कहा कि अभी प्रस्तावित मंदिर की ऊंचाई बहुत कम है, इसे कम से कम 1111 फिट ऊंचा होना चाहिए।

इसके लिए हम ट्रस्ट व शासन को भी अपनी मांग भेजेंगे। महंत अवधेश दास ने भी अद्वितीय राममंदिर निर्माण की बात कही और कहा कि ट्रस्ट को राममंदिर निर्माण में जल्दबाजी करने की आवश्यकता नहीं है, हम भव्य राममंदिर के लिए दो चार साल और इंतजार कर लेंगे।


बैठक में बैठक में जगतगुरु रामदिनेशाचार्य, महंत सियाकिशोरी शरण, संत रामभूषणदास कृपालु महाराज, डॉ. सत्येंद्र दास वेदांती, संत वरुण दास, महंत पवन दास शास्त्री, आशुतोष, विवेक आचारी सहित अन्य मौजूद रहे।

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