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बारिश बनी आफत, जगह-जगह जलभराव, घंटों गुल रही बिजली

Sat, 17 Sep 2022 01:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2022 01:06 AM IST
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Rain became a disaster, water logging in many places, electricity going on for hours
अयोध्या। लगातार चार दिन से हो रही बरसात अब आफत बन गई है। जिले भर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। कई जगहों पर सड़कें भी धंस गई। इससे आवागमन तो प्रभावित हो रहा है। लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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पोल गिरने, तार टूटने समेत अन्य तकनीकी कारणों से शहरी क्षेत्रों में कई घंटे बिजली गुल रही तो ग्रामीण इलाकों में भी बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। वहीं, बरसात का दौर अभी जारी रहेगा।
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मौसम विभाग ने आगामी दो दिन भारी बारिश की संभावना जताकर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। जिले में गुरुवार रात से शुक्रवार तक कुमारगंज क्षेत्र में 33, पिरखौली सोहावल में 78.8, व बांसगांव अमानीगंज में 42 एमएम वर्षा दर्ज की गई।
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रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के भेलसर चौराहे से लखनऊ की ओर जाने वाली सर्विस लेन पर आधा किमी. की लंबाई में हुए जलभराव से सर्विस लेन तालाब की शक्ल में बदल गई।
इसमें कई बाइक सवार और साइकिल सवार गिरकर घायल हो गये। भेलसर से खरीदारी कर घर जा रहा रामजी बाइक समेत गड्ढे में गिर गया। जिसे आसपास के दुकानदार निकालकर निजी अस्पताल ले गए।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार बरसात और हवा के कारण जिन धान की फसल में फूल आ रहे थे और बालियां निकल रही थीं। उनको नुकसान पहुंचा है। गन्ने की फसल गिर जाने से नुकसान पहुंचा है।
सब्जियों की फसल भी चौपट हो रही है। साथ ही सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से जलभराव और कीचड़ के चलते लोगों को आवागमन में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
तहसील परिसर, सीएचसी परिसर, खंड शिक्षा अधिकारी परिसर, उप डाकघर बीकापुर परिसर, पशु चिकित्सा अधिकारी बीकापुर परिसर सहित पूर्व माध्यमिक विद्यालय मलेथू कनक, प्राथमिक विद्यालय नासिर पुर मूसी सहित कई परिषदीय स्कूलों के परिसर तथा निजी शिक्षण संस्थानों के परिसर में जलभराव होने से पठन-पाठन बाधित हुआ है।
यही हाल रुदौली का रहा। शहर के वार्ड काशीपुर में छोटी माता मंदिर के निकट पानी के तेज बहाव से नाले की दीवार टूट गई। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने 17 व 18 सितंबर को भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
उनके अनुसार इन दो दिनों 70 से 80 एमएम वर्षा हो सकती है। इसके अलावा 19 से 21 सितंबर तक करीब 30 एमएम वर्षा होने की संभावना है। बताया कि इस दौरान पूर्वी हवा की गति तेज होगी।
बारुन क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बुधवार सुबह से 48 घंटे से विद्युत आपूर्ति गुल होने के कारण ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। विद्युत सब स्टेशन शाहगंज के सारी फीडर से जुड़े गांव सारी, शेखनपुर, दूबे का पुरवा, फूला का पुरवा, देवी प्रसाद का पुरवा, मठिया, विसंभर मिश्र का पुरवा, पंडितपुर, हल्ले, द्वारिकापुर, डड़वा समेत दर्जनों गांव में विद्युत आपूर्ति लगभग 48 घंटे से अधिक समय तक ठप रही।
जेई अवधेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में देवी प्रसाद का पुरवा के पास बारिश के चलते इंसुलेटर में फाल्ट आ जाने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित रही, आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
रुदौली तहसील के ग्राम नरायनपुर थाना मवई में करमचंद्र का छप्पर युक्त आवास बीती रात गिर गया। छप्पर में फंसे करमचंद्र को ग्रामीणों ने निकाला।
एसडीएम स्वप्निल यादव ने बताया तहसील क्षेत्र के नरायनपुर में करमचंद के छप्पर युक्त मकान गिरने की सूचना मिली है। राजस्व निरीक्षक रिपोर्ट मांगी गई है। तहसीलदार राजस्व निरीक्षक और लेखपालों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है।
वर्तमान में रायगंज से रेलवे स्टेशन रोड पर अंडरग्राउंड विद्युतीकरण का कार्य हो रहा है। इसके लिए सड़क खोदी गई है। इससे निकली मिट्टी का ढेर बीच सड़क पर लगा हुआ है।
चार दिनों से हो रही बारिश से यह मिट्टी कीचड़ में तब्दील होने व सड़क किनारे भारी भरकम केबल रखा होने से आवागमन बाधित है। साथ रास्ते पर अकसर चार पहिया वाहन फंस जाते हैं। दो पहिया वाहन व पैदल चलने वाले फिसलकर गिर रहे हैं।
भीड़ के चलते रूट डायवर्ट होने से सभी वाहन जैन मंदिर चौराहा होकर रामघाट, नेत्र चिकित्सालय, मणिराम दास जी की छावनी व बाईपास के लिए जाते हैं। इस चौराहे के बीच में बड़ा गड्ढा खोदा गया है।
बारिश से गड्ढे में पानी भर गया है। साथ ही किनारे मिट्टी का ढेर भी लगा है। यहां अकसर जाम भी लगता है। वहां तैनात यातायात कर्मी व स्थानीय लोग इस गड्ढे के पास खड़े होकर लोगों को इधर आने से रोकते हैं।
अयोध्या का जलवानपुरा निचला इलाका होने व पानी की उचित निकासी न होने से यहां हमेशा जलभराव रहता है। बरसात में यहां स्थित क्षीरसागर उफना गया है। इसका पानी कॉलोनी में भर गया है।
लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है। यह समस्या कई वर्ष पुरानी है। इसके लिए कई आंदोलन हुए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। कॉलोनी में जाने के लिए लोगों को घुटने भर पानी में होकर गुजरना पड़ रहा है।
बेनीगंज इलाके में स्थित अवधपुरी कॉलोनी फेज तीन में कई माह से सीवर लाइन का कार्य चल रहा है। सड़क खोदी गई थी, काम होने के बाद इसकी ठीक से पटाई नहीं की गई।
इससे सड़क पर मिट्टी-मिट्टी ही है। जो बरसात में कीचड़ में बदल गई। इसके चलते बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग के बगल से कॉलोनी में जाना वाला मार्ग पूरी तरह बाधित है। हाल यह है कि सड़क के बराबर में बने मकानों में भी गंदगी जा रही है।
देवकाली से बेनीगंज मार्ग के मध्य में कई जगह सड़क बरसात में बह गई है। बीते साल बरसात में सड़क जर्जर हो गई थी। प्रशासन ने दो जगहों पर करीब 25-25 मीटर की दूरी पर ईंटें बिछवा दीं थीं।
लेकिन इस बरसात में बिछी ईंटों के आगे की सड़क बह गई है। जिससे यहां जलभराव है। छोटे वाहन इसे पार करते समय अकसर पलटते-पलटते बच जाते हैं। दो पहिया सवार तो गिर भी जाते हैं।
रिकाबगंज चौराहे से महिला अस्पताल रोड पर बारिश के चलते कई जगह सड़क धंस गई है। इसके चलते वहां गड्ढे हो गए हैं। इसी मार्ग के बीच में नगर विधायक का भी आवास है।
इसके बाद भी इस सड़क का हाल लेने वाला कोई नहीं है। इस सड़क पर वाहनों का दबाव रहता है। गड्ढों के चलते अक्सर जाम भी लगता है। इससे बचने के चक्कर में वाहन एक-दूसरे से टकराते भी हैं।
शहर के हृदय स्थल चौक भी गड्ढों से अछूता नहीं है। लगातार हो रही बारिश से यहां से रिकाबगंज मार्ग पर कई जगह सड़क बह गई है। इस रूट पर वाहनों व आने जाने वाले लोगों का दबाव सबसे ज्यादा होता है।
पूर्व में यहां सीवर लाइन डालने के लिए भी खोदाई की गई थी, कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, इसके चलते यहां कीचड़ ही कीचड़ है। इससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
चार दिनों से हो रही बारिश से सोहावल तहसील क्षेत्र स्थित अंत्येष्टि स्थल ढेमवाघाट पर जलभराव हो गया है। पूरे परिसर में पानी भर जाने से शव की अंतिम यात्रा में शामिल होने वालों को दो से तीन फुट गहरे पानी में होकर गुजरना पड़ रहा है।
शुक्रवार को अंत्येष्टि स्थल की स्लेप पर पानी भरने व सूखी लकड़ी नहीं मिलने के अभाव में ढेमवा के उस पार से आए कुछ शव बिना दाह संस्कार के वापस हो गए। कुछ अन्य लोगों द्वारा लकड़ी एवं अन्य सामग्री बाहर से लाकर अंतिम संस्कार किया गया।
शहर की सबसे पॉश इलाके सिविल लाइन में स्थित पुष्पराज चौराहे पर ही एक किनारे करीब 10 मीटर सड़क बारिश के चलते बह गई है। साथ ही इसमें जलभराव भी हो गया है।
पास ही कई सरकारी कार्यालय, जेल व होटल स्थित होने के कारण इस मार्ग पर हमेशा वाहनों की भीड़ रहती है। जलभराव से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इससे हादसे का भी खतरा बना हुआ है।
कुमारगंज क्षेत्र में चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते नवसृजित नगर पंचायत कुमारगंज की गलियां लबालब भरी हुई हैं। कस्बा वासियों के घरों में भी पानी घुस गया है।
इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इधर पीएनसी का निर्माण कार्य प्रगति पर होने के चलते कुमारगंज कस्बे में आना-जाना दूभर हो चुका है।
लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के चलते हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के साधन सहकारी समिति शाहगंज परिसर में जलभराव हो गया है। किसान उर्वरक की बोरी सिर पर रखकर ले जाने को मजबूर हो रहे हैं।

समिति के सचिव कृष्ण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि समिति में डीएपी उर्वरक है, लेकिन परिसर में जलभराव की वजह से किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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