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वेतन-पेंशन को लेकर बैंकों में कतारें
फैजाबाद
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:23 PM IST
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फैजाबाद में शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर रुपयों की निकासी के लिए लाइन में लगे कर्मचारी व लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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वेतन और पेंशन भुगतान को लेकर बैंकों में नकदी का इंतजाम माह के दूसरे दिन भी आधा-अधूरा रहा। मुख्यालय की शाखाओं पर किसी तरह दो, चार व 10 हजार की लिमिट में कर्मियों को नगदी मिली, मगर देहात के ग्रामीण बैंकों में कैश का सूखा माह की दूसरी तारीख को भी बरकरार रहा। जरूरतमंद कर्मियों की वेतन नहीं दिए जाने को लेकर कई जगह बैंक कर्मियों से तू-तू, मैं-मैं हुई।
नोटबंदी के 24वें दिन शुक्रवार को भी नकदी निकासी का संकट बरकरार रहा। वेतन-पेंशन के लिए सुबह से ही बैंकों पर लंबी कतारें लग गईं। हजारों लोगों को बैंकों में नकदी समस्या से जूझना पड़ा। एसबीआई की मुख्य शाखा सिविल लाइंस में 24 हजार का विड्रॉल भरने वाले कृषि विभाग के कर्मी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव को 10 हजार का ही भुगतान हो पाया।
उन्होंने कहा कि इससे कैसे घर का किराया, बच्चों की फीस और राशन-पानी का इंतजाम होगा। पीएनबी विकास भवन की शाखा में निर्वाचन विभाग के रामचंद्र, सिंचाई विभाग के सूरत लाल यादव को भी 10-10 हजार नगदी का ही भुगतान हो पाया।
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इसी तरह बीओबी की फतेहगंज शाखा में पुलिस के वायरलेस विभाग में कार्यरत जितेंद्र कुमार मिश्रा, पीडब्ल्यूडी के अरविंद सिंह को भी वेतन का 10 हजार का भुगतान हो पाया। पेंशन लेने आए सीपी सिंह को भी यही समस्या झेलनी पड़ी।
इलाहाबाद बैंक दीवानी कचहरी में वेतन व पेंशन लेने आए लोगों को 4 हजार तक नकदी उपलब्ध कराई। यही हाल शहर के अन्य बैंकों का भी रहा। जबकि देहात इलाकों में ग्रामीण बैंक, आयावर्त बैंक, सहकारी बैंकों में नकदी का सूखा रहा। जिले के 70 फीसदी से अधिक एटीएम में कैश ही नहीं है।
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नोटबंदी के 24वें दिन शुक्रवार को भी नकदी निकासी का संकट बरकरार रहा। वेतन-पेंशन के लिए सुबह से ही बैंकों पर लंबी कतारें लग गईं। हजारों लोगों को बैंकों में नकदी समस्या से जूझना पड़ा। एसबीआई की मुख्य शाखा सिविल लाइंस में 24 हजार का विड्रॉल भरने वाले कृषि विभाग के कर्मी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव को 10 हजार का ही भुगतान हो पाया।
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उन्होंने कहा कि इससे कैसे घर का किराया, बच्चों की फीस और राशन-पानी का इंतजाम होगा। पीएनबी विकास भवन की शाखा में निर्वाचन विभाग के रामचंद्र, सिंचाई विभाग के सूरत लाल यादव को भी 10-10 हजार नगदी का ही भुगतान हो पाया।
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इसी तरह बीओबी की फतेहगंज शाखा में पुलिस के वायरलेस विभाग में कार्यरत जितेंद्र कुमार मिश्रा, पीडब्ल्यूडी के अरविंद सिंह को भी वेतन का 10 हजार का भुगतान हो पाया। पेंशन लेने आए सीपी सिंह को भी यही समस्या झेलनी पड़ी।
इलाहाबाद बैंक दीवानी कचहरी में वेतन व पेंशन लेने आए लोगों को 4 हजार तक नकदी उपलब्ध कराई। यही हाल शहर के अन्य बैंकों का भी रहा। जबकि देहात इलाकों में ग्रामीण बैंक, आयावर्त बैंक, सहकारी बैंकों में नकदी का सूखा रहा। जिले के 70 फीसदी से अधिक एटीएम में कैश ही नहीं है।