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बुनियादी समस्याओं से जूझ रही परिषदीय शिक्षा
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2015 11:15 PM IST
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बच्चों के हाथों में न तो नई किताबें ही आई और न ही उन्हें अभी नई ड्रेस ही मिली है। जिले के 1539 प्राइमरी व 573 जूनियर हाईस्कूलों के करीब दो लाख विद्यार्थियों को एक जुलाई से निशुल्क स्कूली ड्रेस मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे है।
ऐसे में बच्चों को पुराने ड्रेस से ही काम चलाना पड़ेगा। ड्रेस के लिए कुल आठ करोड़ 20 लाख रुपये जिले को चाहिए। लेकिन अभी बीएसए कार्यालय को धनावंटन नहीं हुआ है। प्रति बच्चों को दो-दो सौ रुपये की कीमत वाली ड्रेस दी जाएगी। बच्चों को एक जुलाई से किताबें मिलनी शुरू हो जाएगी।
फैजाबाद और अयोध्या नगर में स्थित परिषदीय स्कूलों की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है। हाल यह है कि 13 प्राइमरी स्कूल ऐसे है जो कि किराए के भवनों में संचालित हो रहे है।
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कहीं पर एक कमरा है तो कहीं दो जर्जर हालत में दो कमरे है। मजबूरी में पेड़ों के नीचे क्लास चलाए जाते है। 165 विद्यालयों में प्रसाधन कक्षों की स्थिति अत्यधिक खराब थी। इनमें से ज्यादातर स्कूलों में नए प्रसाधन कक्षों का निर्माण तो शुरू हो गया है। लेकिन एक जुलाई तक सभी पूरे नहीं हो पाएंगे।
इसके अलावा नगर क्षेत्र के सभी विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। 56 विद्यालयों में 13 स्कूल ऐसे है जो किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय देवकाली के भवन की स्थिति इतनी ज्यादा खराब है कि यहां के बच्चे देवकाली मंदिर परिसर में स्थित एक पेड़ के नीचे बैठाए जाते है।
नगर शिक्षा अधिकारी ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों की कमी व किराए के भवन में विद्यालय है जिससे समस्या है। इस बार नए भवनों में स्कूलों को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।
वहीं बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी का कहना है कि एक जुलाई से किताबें मिलनी शुरू हो जाएगी। स्कूली ड्रेस देने के लिए अभी धन नहीं मिला है। जिन 165 विद्यालयों में प्रसाधन की समुचित व्यवस्था नहीं थी, वहां पर निर्माण चल रहा है। 30 जून तक इसे पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
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ऐसे में बच्चों को पुराने ड्रेस से ही काम चलाना पड़ेगा। ड्रेस के लिए कुल आठ करोड़ 20 लाख रुपये जिले को चाहिए। लेकिन अभी बीएसए कार्यालय को धनावंटन नहीं हुआ है। प्रति बच्चों को दो-दो सौ रुपये की कीमत वाली ड्रेस दी जाएगी। बच्चों को एक जुलाई से किताबें मिलनी शुरू हो जाएगी।
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फैजाबाद और अयोध्या नगर में स्थित परिषदीय स्कूलों की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है। हाल यह है कि 13 प्राइमरी स्कूल ऐसे है जो कि किराए के भवनों में संचालित हो रहे है।
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कहीं पर एक कमरा है तो कहीं दो जर्जर हालत में दो कमरे है। मजबूरी में पेड़ों के नीचे क्लास चलाए जाते है। 165 विद्यालयों में प्रसाधन कक्षों की स्थिति अत्यधिक खराब थी। इनमें से ज्यादातर स्कूलों में नए प्रसाधन कक्षों का निर्माण तो शुरू हो गया है। लेकिन एक जुलाई तक सभी पूरे नहीं हो पाएंगे।
इसके अलावा नगर क्षेत्र के सभी विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। 56 विद्यालयों में 13 स्कूल ऐसे है जो किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय देवकाली के भवन की स्थिति इतनी ज्यादा खराब है कि यहां के बच्चे देवकाली मंदिर परिसर में स्थित एक पेड़ के नीचे बैठाए जाते है।
नगर शिक्षा अधिकारी ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों की कमी व किराए के भवन में विद्यालय है जिससे समस्या है। इस बार नए भवनों में स्कूलों को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।
वहीं बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी का कहना है कि एक जुलाई से किताबें मिलनी शुरू हो जाएगी। स्कूली ड्रेस देने के लिए अभी धन नहीं मिला है। जिन 165 विद्यालयों में प्रसाधन की समुचित व्यवस्था नहीं थी, वहां पर निर्माण चल रहा है। 30 जून तक इसे पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।