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164 बंदियों को पैरोल पर छोड़ने की तैयारी

Tue, 11 May 2021 10:46 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 11 May 2021 10:46 PM IST
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Preparing to release 164 prisoners on parole
अयोध्या। कोरोना संक्रमण की दूसरी घातक लहर में मंडल कारागार में निरुद्घ 164 कैदियों/बंदियों को दो महीने के पैरोल पर छोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शासन का निर्देश प्राप्त होने के बाद जेल प्रशासन ने 66 सजायाफ्ता व 98 विचाराधीन बंदियों की सूची भेजी है। ध्यान रहे कि बीते वर्ष कोरोना काल में जेल प्रशासन द्वारा 33 बंदियों को रिहा किया गया था, जिसमें 31 बंदी जेल वापस हुए हैं। दो अभी तक फरार हैं।
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वर्तमान में मंडल कारागार के 11 बैरकों में 1176 बंदी हैं। कारागार की क्षमता 740 बंदियों की है। जेल में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए शासन द्वारा अच्छे आचरण वाले बंदियों को इस कोरोना काल में पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है। इसके लिए जेल से सूची मंगवाई गई है।
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इसी क्रम में अयोध्या जेल प्रशासन द्वारा 164 सजायाफ्ता व विचाराधीन बंदियों की सूची संबंधित को भेजी गई है। इनमें सजायाफ्ता बंदियों की रिहाई का निर्णय शासन द्वारा व विचाराधीन बंदियों की रिहाई का निर्णय जिला जज द्वारा लिया जाना है। जेल प्रशासन द्वारा शासन को भेजी गई 66 सजायाफ्ता बंदियों में 16 पिछले साल पैरोल पर रिहा होकर समय पर वापस आने वाले, सात साल की सजा काट चुके 16, 65 साल के ऊपर के 29 और पांच बीमार बंदी शामिल हैं।
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वहीं, जिला जज के पास भेजी गई सूची में 98 विचाराधीन बंदी शामिल हैं। इन पर रोज दूसरे दिन निर्णय हो रहा है। इनमें से अब तक सात बंदियों को रिहा भी किया जा चुका है। जेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सूची भेजी गई है, निर्णय आते ही उस पर अमल करना शुरू कर दिया जाएगा।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जेल में निरुद्घ 50 बंदी भी कोरोना पॉजीटिव हो गए थे। इनके इलाज के लिए जेल की एक बैरक को एल वन अस्पताल का रूप देकर इलाज किया गया। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों द्वारा इनका इलाज किया गया। जेेल प्रशासन द्वारा इनके स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए काढ़ा, दूध-अंडा समेत अन्य पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ इन्हें योग व व्यायाम आदि की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

इसका नतीजा रहा कि एक माह के अंदर सभी निगेटिव हो गए। जेेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि जेल में आने वाले नए बंदियों की जांच के उपरांत ही उन्हें जेल में प्रवेश दिया जाता है, यदि कोई निगेटिव आता है तो उसे जेल परिसर में क्वारंटीन सेंटर में रखा जाता है। बताया कि जेल में बंद बंदियों का टीकाकरण भी कराया जा रहा है।
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