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54 घंटे अंधेरे में रहा मेडिकल कॉलेज, मरीज व डॉक्टर बेहाल
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अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर और डॉक्टरों की कॉलोनी में बिजली गुल होने से मंगलवार को भी हाहाकार मचा रहा। रविवार से लगातार 54 घंटे बिजली ठप होने से सुबह ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़ को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जनरेटर चलाया, मगर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सहित तमाम जांच नहीं हो सकी। पावर कारपोरेशन की टीम ने अपराह्न करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल की है।
मेडिकल कॉलेज में रविवार कि सुबह करीब 9 बजे एकाएक बिजली गुल हो गई। रविवार को अवकाश होने से सिर्फ भर्ती मरीजों को थोड़ी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन सोमवार से लेकर मंगलवार तक अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
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मंगलवार को अभियंताओं की टीम आपूर्ति बहाल में सुबह से जुटी रही, मगर ओपीडी समय तक कुछ नहीं हो पाया। तमाम मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
जनरेटर चलाने से डिजिटल एक्सरे, सामान्य एक्सरे व अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित नहीं हो सकीं। सिर्फ वार्डों व चिकित्सकों के कक्षों में रोशनी और पंखे का इंतजाम हो सका। इस दौरान दूरदराज से आए तमाम मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
पेयजल को तरस गए लोग
अस्पताल परिसर में लगा छोटा मोटर जनरेटर से किसी तरह चल गया, जिससे मरीजों और तीमारदारों को पीने के पानी का इंतजाम तो हो गया, लेकिन परिसर में ही बने आवासों में निवास करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों के परिवारों को पीने के पानी का संकट 48 घंटे से बना रहा। लोग सड़कों पर घूम रहे पेयजल वाहनों को पकड़ कर किसी तरह पानी पीने का इंतजाम किए।
मेडिकल कॉलेज परिसर में बने मीटर रूम से फ्यूज उड़ गया था साथ ही 132 केवीए उपकेंद्र में भी कुछ गड़बड़ी आ गई थी। मीटर तो ठीक हो गया, मगर उपकेंद्र से गड़बड़ी से ठीक करने में दोपहर तीन बज गए। इसके बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
- रामगोपाल, उपखंड अधिकारी दर्शननगर
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जनरेटर चलाया, मगर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सहित तमाम जांच नहीं हो सकी। पावर कारपोरेशन की टीम ने अपराह्न करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल की है।
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मेडिकल कॉलेज में रविवार कि सुबह करीब 9 बजे एकाएक बिजली गुल हो गई। रविवार को अवकाश होने से सिर्फ भर्ती मरीजों को थोड़ी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन सोमवार से लेकर मंगलवार तक अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
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मंगलवार को अभियंताओं की टीम आपूर्ति बहाल में सुबह से जुटी रही, मगर ओपीडी समय तक कुछ नहीं हो पाया। तमाम मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
जनरेटर चलाने से डिजिटल एक्सरे, सामान्य एक्सरे व अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित नहीं हो सकीं। सिर्फ वार्डों व चिकित्सकों के कक्षों में रोशनी और पंखे का इंतजाम हो सका। इस दौरान दूरदराज से आए तमाम मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
पेयजल को तरस गए लोग
अस्पताल परिसर में लगा छोटा मोटर जनरेटर से किसी तरह चल गया, जिससे मरीजों और तीमारदारों को पीने के पानी का इंतजाम तो हो गया, लेकिन परिसर में ही बने आवासों में निवास करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों के परिवारों को पीने के पानी का संकट 48 घंटे से बना रहा। लोग सड़कों पर घूम रहे पेयजल वाहनों को पकड़ कर किसी तरह पानी पीने का इंतजाम किए।
मेडिकल कॉलेज परिसर में बने मीटर रूम से फ्यूज उड़ गया था साथ ही 132 केवीए उपकेंद्र में भी कुछ गड़बड़ी आ गई थी। मीटर तो ठीक हो गया, मगर उपकेंद्र से गड़बड़ी से ठीक करने में दोपहर तीन बज गए। इसके बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
- रामगोपाल, उपखंड अधिकारी दर्शननगर