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सरयू होगी प्रदूषण मुक्त, 22 नाले होंगे ट्रैप
Fri, 15 Feb 2019 11:34 PM IST
vivek vivek
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: vivek vivek
Updated Fri, 15 Feb 2019 11:34 PM IST
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अयोध्या में सरयू नदी।
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से सरयू को प्रदूषित करने वाले छोटे-बड़े कुल 22 नालों की पहचान के बाद अब गंदे जल को सरयू में गिरने से रोकने के लिए कुल 76 करोड़ खर्च होंगे। इसमें पहले से केंद्र सरकार से स्वीकृत पांच बड़े नालों पर 16 करोड़ खर्च कर एसटीपी लगाने का काम शुरू हो चुका है, जबकि नई योजना के तहत जल निगम को बाकी बचे 17 नालों को सरयू में सीधे गिरने से रोकने के लिए 60 करोड़ की लागत कार्य कराने का जिम्मा प्रदेश सरकार ने सौंपा है।
सरयू के जल को पूरी तरह स्वच्छ बनाए रखने की कवायद संपूर्णता के साथ परवान चढ़ती दिख रही है। रामनगरी के बाद अब जल निगम ने फैजाबाद शहर में बहने वाले नालों के गंदे पानी को सीधे सरयू में प्रवाहित होने से रोकने की योजना बनाई है। इसके लिए सरयू में गिरने वाले 17 छोटे-बड़े नालों को ट्रैप कर गंदे पानी को रिसाइकल किया जाना है। मौजूदा समय में सर्वे का कार्य चल रहा है। नालों के पानी मापने व उसके फ्लो की रिपोर्ट तैयार हो रही है। पूरी योजना में लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च आने की उम्मीद है।
सरयू में बढ़ रही गंदगी व नालों के गंदे पानी को रोकने के लिए एनजीटी ने दो माह पूर्व निरीक्षण किया था। इसमें फैजाबाद व अयोध्या में बह रही सरयू की धारा में सीधे प्रवाहित होने वाले गंदे नालों के पानी को गिरने से रोकने के निर्देश दिए थे। इसमें केंद्र सरकार के सहयोग से पहले जल निगम की ओर से अयोध्या के 5 नालों को ट्रैप कर पानी को रिसाइकिल किये जाने की मंजूरी दी गई थी। एनजीटी के नए निर्देश के बाद इसी प्रकार की योजना फैजाबाद शहर से गिरने वाले नालों पर भी बनाने की मंजूरी मिली है।
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अब फैजाबाद शहर के 17 छोटे-बड़े नालों को ट्रैप करने का सर्वे कार्य जल निगम की ओर से शुरू कर दिया गया है। जल निगम ने अब तक हुए अपने सर्वे में पाया है कि 17 ऐसे नाले हैं ,जो सीधे सरयू में गिरते हैं कुछ नालों का पानी तो सीधे तो, कुछ नालों का पानी पाउंडिंग व जल स्तर बढ़ जाने के बाद सरयू को प्रदूषित करता है। जल निगम की योजना के अनुसार सभी नालों को सरयू के किनारे ही ट्रैप किया जाएगा और पंपिंग स्टेशन बनाकर पाइपलाइन के माध्यम से एचटीपी को भेजा जाएगा। इसके लिए एक बड़ी क्षमता की एचटीपी बनाई जाएगी।
यहीं से पानी री-साइकिल होकर सीधे सरयू में प्रवाहित किया जाएगा। फिलहाल अभी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। अनुमान के अनुसार 60 करोड़ योजना में खर्च होंगे।अयोध्या में चल रहा नालों को ट्रैप करने का कार्य सरयू को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पहले ही जल निगम के डीपीआर पर नमामि गंगे परियोजना के तहत 16 करोड़ प्रस्तावित हैं । इनमें पांच नालों को ट्रैप किया जाना है। मौजूदा समय में इसका कार्य चल रहा है। नालों को राज घाट के निकट ट्रैप किया जा रहा है । पानी के फ्लोर मापने के साथ पंपिंग स्टेशन बनाने का कार्य भी चल रहा है।
पूर्व में ही अयोध्या के कांशीराम आवासीय कॉलोनी के पास 50 एमएलडी की क्षमता से बनी एचटीपी तैयार है। अयोध्या के पांच नालों को इसी एसटीपी के माध्यम से जोड़ा जाएगा। यहीं से पानी री-साइकिल्ड होकर सरयू में प्रवाहित होगा। प्रोजेक्ट मैनेजर जल निगम अयोध्या एसपी सिंह ने बताया कि फैजाबाद में सरयू में सीधे गिरने वाले गंदे नाली के पानी को रोकने के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इसका सर्वे कार्य चल रहा है। 17 नाले शहर के ऐसे हैं जो सीधे सरयू में गिर रहे हैं । इन नालों को ट्रैप कर कर पानी री-साइकिल किए जाने की योजना है। इससे सरयू प्रदूषण मुक्त हो सकेगी।
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सरयू के जल को पूरी तरह स्वच्छ बनाए रखने की कवायद संपूर्णता के साथ परवान चढ़ती दिख रही है। रामनगरी के बाद अब जल निगम ने फैजाबाद शहर में बहने वाले नालों के गंदे पानी को सीधे सरयू में प्रवाहित होने से रोकने की योजना बनाई है। इसके लिए सरयू में गिरने वाले 17 छोटे-बड़े नालों को ट्रैप कर गंदे पानी को रिसाइकल किया जाना है। मौजूदा समय में सर्वे का कार्य चल रहा है। नालों के पानी मापने व उसके फ्लो की रिपोर्ट तैयार हो रही है। पूरी योजना में लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च आने की उम्मीद है।
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सरयू में बढ़ रही गंदगी व नालों के गंदे पानी को रोकने के लिए एनजीटी ने दो माह पूर्व निरीक्षण किया था। इसमें फैजाबाद व अयोध्या में बह रही सरयू की धारा में सीधे प्रवाहित होने वाले गंदे नालों के पानी को गिरने से रोकने के निर्देश दिए थे। इसमें केंद्र सरकार के सहयोग से पहले जल निगम की ओर से अयोध्या के 5 नालों को ट्रैप कर पानी को रिसाइकिल किये जाने की मंजूरी दी गई थी। एनजीटी के नए निर्देश के बाद इसी प्रकार की योजना फैजाबाद शहर से गिरने वाले नालों पर भी बनाने की मंजूरी मिली है।
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अब फैजाबाद शहर के 17 छोटे-बड़े नालों को ट्रैप करने का सर्वे कार्य जल निगम की ओर से शुरू कर दिया गया है। जल निगम ने अब तक हुए अपने सर्वे में पाया है कि 17 ऐसे नाले हैं ,जो सीधे सरयू में गिरते हैं कुछ नालों का पानी तो सीधे तो, कुछ नालों का पानी पाउंडिंग व जल स्तर बढ़ जाने के बाद सरयू को प्रदूषित करता है। जल निगम की योजना के अनुसार सभी नालों को सरयू के किनारे ही ट्रैप किया जाएगा और पंपिंग स्टेशन बनाकर पाइपलाइन के माध्यम से एचटीपी को भेजा जाएगा। इसके लिए एक बड़ी क्षमता की एचटीपी बनाई जाएगी।
यहीं से पानी री-साइकिल होकर सीधे सरयू में प्रवाहित किया जाएगा। फिलहाल अभी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। अनुमान के अनुसार 60 करोड़ योजना में खर्च होंगे।अयोध्या में चल रहा नालों को ट्रैप करने का कार्य सरयू को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पहले ही जल निगम के डीपीआर पर नमामि गंगे परियोजना के तहत 16 करोड़ प्रस्तावित हैं । इनमें पांच नालों को ट्रैप किया जाना है। मौजूदा समय में इसका कार्य चल रहा है। नालों को राज घाट के निकट ट्रैप किया जा रहा है । पानी के फ्लोर मापने के साथ पंपिंग स्टेशन बनाने का कार्य भी चल रहा है।
पूर्व में ही अयोध्या के कांशीराम आवासीय कॉलोनी के पास 50 एमएलडी की क्षमता से बनी एचटीपी तैयार है। अयोध्या के पांच नालों को इसी एसटीपी के माध्यम से जोड़ा जाएगा। यहीं से पानी री-साइकिल्ड होकर सरयू में प्रवाहित होगा। प्रोजेक्ट मैनेजर जल निगम अयोध्या एसपी सिंह ने बताया कि फैजाबाद में सरयू में सीधे गिरने वाले गंदे नाली के पानी को रोकने के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इसका सर्वे कार्य चल रहा है। 17 नाले शहर के ऐसे हैं जो सीधे सरयू में गिर रहे हैं । इन नालों को ट्रैप कर कर पानी री-साइकिल किए जाने की योजना है। इससे सरयू प्रदूषण मुक्त हो सकेगी।