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रेलमार्ग से आ रहे प्लिंथ के पत्थर, तेज हुई आपूर्ति
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अयोध्या-रामजन्म भूमि प्लिंथ निर्माण कार्य में लगे इंजीनियर-फाइल फोटो।-संवाद
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में राममंदिर निर्माण का कार्य जोरों पर चल रहा है। अब रेल मार्ग से प्लिंथ के पत्थर लाए जा रहे हैं, जिसके चलते कर्नाटक से आ रहे ग्रेनाइट पत्थरों की आपूर्ति तेज हो गई है।
मंदिर निर्माण के क्रम में अभी नींव के तीसरे चरण के तहत प्लिंथ (चबूतरा) निर्माण का काम गति पर है। 21 फीट ऊंची प्लिंथ सात लेयर में बनाई जानी है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट का कहना है कि राममंदिर का चबूतरा (प्लिंथ) अगस्त तक तैयार हो जाएगा। इसी चबूतरे पर राममंदिर का गर्भगृह आकार लेगा। अभी मंदिर के प्लिंथ का निर्माण जोरों पर चल रहा है।
मंदिर की प्लिंथ 21 फीट ऊंची होगी जो कि सात लेयर में तैयार की जाएगी। एक लेयर तीन फीट ऊंची होगी। अब तक मंदिर की प्लिंथ करीब आठ फीट ऊंची हो चुकी है।
प्लिंथ के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए मशीनों व मजदूरों की संख्या बढ़ा दी गई है। शुरूआत में जहां एक दिन में मात्र 10 से 15 पत्थर बिछाए जा रहे थे। इस समय एक दिन में करीब 60 पत्थर बिछाए जा रहे हैं।
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चूंकि इस समय भीषण गर्मी हो रही है और दिन का तापमान 42 डिग्री तक रहता है। ऐसे में तेज धूप में इंजीनियर व मजदूरों को कार्य में दिक्कत होती है। प्रतिकूल मौसम की वजह से काम की गति प्रभावित न हो इसलिए रात में भी पत्थरों को बिछाने का काम किया जा रहा है।
इंजीनियर रात 11 बजे तक काम कर रहे हैं। प्लिंथ में कर्नाटक के ग्रेनाइट पत्थरों के 17 हजार टुकड़े लगेंगे। कर्नाटक से पत्थरों की आपूर्ति लगातार हो रही है। अब रेलमार्ग से भी ट्रेन के जरिए पत्थरों की आपूर्ति शुरू हो गई है।
कर्नाटक से रेलमार्ग से ग्रेनाइट पत्थर कानपुर तक आते हैं। यहां से सड़के के रास्ते पत्थरों को लाया जा रहा है। ट्रस्ट का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्लिंथ का काम पूरा कर लिया जाएगा।
निर्धारित लक्ष्य के अनुसार ही प्लिंथ का काम आगे बढ़ रहा है। अब रेलमार्ग से ग्रेनाइट के पत्थरों की आपूर्ति शुरू हो गई है। आवश्यकता से अधिक पत्थर परिसर पहुंच रहे हैं। काम की गति बढ़ाने के लिए रात में भी काम किया जा रहा है। अगस्त तक प्लिंथ का काम पूरा कर लिया जाएगा।- डॉ.अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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मंदिर निर्माण के क्रम में अभी नींव के तीसरे चरण के तहत प्लिंथ (चबूतरा) निर्माण का काम गति पर है। 21 फीट ऊंची प्लिंथ सात लेयर में बनाई जानी है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट का कहना है कि राममंदिर का चबूतरा (प्लिंथ) अगस्त तक तैयार हो जाएगा। इसी चबूतरे पर राममंदिर का गर्भगृह आकार लेगा। अभी मंदिर के प्लिंथ का निर्माण जोरों पर चल रहा है।
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मंदिर की प्लिंथ 21 फीट ऊंची होगी जो कि सात लेयर में तैयार की जाएगी। एक लेयर तीन फीट ऊंची होगी। अब तक मंदिर की प्लिंथ करीब आठ फीट ऊंची हो चुकी है।
प्लिंथ के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए मशीनों व मजदूरों की संख्या बढ़ा दी गई है। शुरूआत में जहां एक दिन में मात्र 10 से 15 पत्थर बिछाए जा रहे थे। इस समय एक दिन में करीब 60 पत्थर बिछाए जा रहे हैं।
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चूंकि इस समय भीषण गर्मी हो रही है और दिन का तापमान 42 डिग्री तक रहता है। ऐसे में तेज धूप में इंजीनियर व मजदूरों को कार्य में दिक्कत होती है। प्रतिकूल मौसम की वजह से काम की गति प्रभावित न हो इसलिए रात में भी पत्थरों को बिछाने का काम किया जा रहा है।
इंजीनियर रात 11 बजे तक काम कर रहे हैं। प्लिंथ में कर्नाटक के ग्रेनाइट पत्थरों के 17 हजार टुकड़े लगेंगे। कर्नाटक से पत्थरों की आपूर्ति लगातार हो रही है। अब रेलमार्ग से भी ट्रेन के जरिए पत्थरों की आपूर्ति शुरू हो गई है।
कर्नाटक से रेलमार्ग से ग्रेनाइट पत्थर कानपुर तक आते हैं। यहां से सड़के के रास्ते पत्थरों को लाया जा रहा है। ट्रस्ट का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्लिंथ का काम पूरा कर लिया जाएगा।
निर्धारित लक्ष्य के अनुसार ही प्लिंथ का काम आगे बढ़ रहा है। अब रेलमार्ग से ग्रेनाइट के पत्थरों की आपूर्ति शुरू हो गई है। आवश्यकता से अधिक पत्थर परिसर पहुंच रहे हैं। काम की गति बढ़ाने के लिए रात में भी काम किया जा रहा है। अगस्त तक प्लिंथ का काम पूरा कर लिया जाएगा।- डॉ.अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट