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अयोध्या को वैश्विक स्तर पर सबसे सुंदर नगरी बनाने की हो प्लानिंग- सीएम
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अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा संग्रहालय में रविवार को करीब दो घंटे तक शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने के लिए समयबद्ध ढंग से व गुणवत्ता पूर्वक कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। कहा कि, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
अयोध्या को वैश्विक स्तर पर सबसे सुंदर नगरी बनाने के लिए प्लानिंग हो, इसके लिए शासन स्तर पर कंसलटेंसी का चयन किया जा रहा है। कंसलटेंसी द्वारा भी विभागीय परियोजनाओं की जानकारी लेकर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने समस्त कार्यों को टाइम बाउंड करते हुए गुणवत्ता के साथ पूरा करने और विभागों के प्रमुख सचिवगणों को बैठक के बाद अपने-अपने विभाग की परियोजनाओं का निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि अयोध्या के निर्माण में केवल निर्माण ही नही उसके वास्तु, सांस्कृतिक महत्व, श्रद्धालुओं को केंद्र मानकर कार्य करना होगा। उन्होंनेे नगर विकास, विकास प्रधिकरण को मिलकर शहर के साफ-सफाई, सीवर, जल निकासी, स्वच्छता, पेयजल आदि मानकों को पूरा करने का निर्देश दिया।
अयोध्या को आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए धर्मशालाओं, पुराने मंदिरों को संतों से समन्वय कर उसके जीर्णोद्धार की कार्यवाही करने और आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों में भी सुविधा बढ़ाने हेतु आवश्यक कार्य करने को कहा।
परिक्रमा मार्गों पर रामायण कालीन वनस्पति लगाने सहित उपवन एवं उद्यान बनाने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नंगे पाव चले उन्हें दिक्कत न हो100 साल से पुराने पेड़ो को चिह्नित कर हैरीटेज घोषित करने के लिए भी निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या नगर की सड़कों, श्रीरामजन्म भूमि के आसपास चल रहे निर्माण कार्यों व छह फ्लाईओवर आदि संबंधी कार्यों, शहर की पेयजल योजनाओं, सीवर योजना आदि को जल्द से जल्द से पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के घोषणा के अनुरूप भव्य अयोध्या, दिव्य अयोध्या बनाने के लिए लगभग 12 सौ एकड़ जमीन ली जानी है। इस पर प्रमुख सचिव आवास व जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग 495 एकड़ जमीन धारा-28 के तहत नोटिफिकेशन किया जा चुका है।
बैठक में जन प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न मांगें रखीं। सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि अयोध्या, अकबरपुर, बसखारी फोरलेन मार्ग में पड़ने वाले चार बाजारों व कस्बा के लिए बाईपास मार्ग बनाया जाए।
सरयू नदी पर बनने वाले बैराज को अपर स्ट्रीम पर बनाया जाए, जिससे कि 365 दिन राम की पैड़ी पर पानी रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नया घाट भी बनाने की मांग की।
विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने दुकानदारों के पुर्नस्थापन के मांग के साथ अयोध्या के जीर्णशीर्ण सड़कों के निर्माण की बात की। मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने पुराने सरयू पुल पर लगी जर्जर व पुराने रेलिंग को हटाकर लखनऊ के गोमती नदी के तर्ज पर रेलिंग लगाने की मांग रखी।
बैठक में मिल्कीपुर विधायक गोरखनाथ बाबा, बीकापुर विधायक शोभा सिंह चौहान, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, गोसाईगंज विधायक इंद्रप्रताप तिवारी ने भी अपनी-अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव को अधिकारीगण शामिल करें और समय-समय पर स्थानीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामजन्मभूूमि के विश्वामित्र आश्रम सहित राकमकथा संग्रहालय में भी अयोध्या की सुरक्षा प्लानिंग को लेकर मंथन किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के सुरक्षा संबंधी मानकों में जो निर्णय हुआ है।
उसको तत्काल अमल में लाया जाए। श्रीराम जन्म भूमि कंट्रोल रूम के लिए 12000 वर्ग मीटर जमीन की तत्काल व्यवस्था करने व कमांडों के रहने हेतु प्राधिकरण द्वारा निर्मित आवासों को किराए पर लेकर आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
सुरक्षा संबंधी बैठक में अपर पुलिस महा निदेशक एसएन सांवत, आईजी कानून व्यवस्था वीके सिंह, आईजी संजीव गुप्ता, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, डीएम अनुज कुमार झा, पुलिस उप महानिरीक्षक/एसएसपी दीपक कुमार सहित श्रीरामजन्मभूमि के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र भी मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने के लिए समयबद्ध ढंग से व गुणवत्ता पूर्वक कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। कहा कि, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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अयोध्या को वैश्विक स्तर पर सबसे सुंदर नगरी बनाने के लिए प्लानिंग हो, इसके लिए शासन स्तर पर कंसलटेंसी का चयन किया जा रहा है। कंसलटेंसी द्वारा भी विभागीय परियोजनाओं की जानकारी लेकर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने समस्त कार्यों को टाइम बाउंड करते हुए गुणवत्ता के साथ पूरा करने और विभागों के प्रमुख सचिवगणों को बैठक के बाद अपने-अपने विभाग की परियोजनाओं का निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि अयोध्या के निर्माण में केवल निर्माण ही नही उसके वास्तु, सांस्कृतिक महत्व, श्रद्धालुओं को केंद्र मानकर कार्य करना होगा। उन्होंनेे नगर विकास, विकास प्रधिकरण को मिलकर शहर के साफ-सफाई, सीवर, जल निकासी, स्वच्छता, पेयजल आदि मानकों को पूरा करने का निर्देश दिया।
अयोध्या को आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए धर्मशालाओं, पुराने मंदिरों को संतों से समन्वय कर उसके जीर्णोद्धार की कार्यवाही करने और आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों में भी सुविधा बढ़ाने हेतु आवश्यक कार्य करने को कहा।
परिक्रमा मार्गों पर रामायण कालीन वनस्पति लगाने सहित उपवन एवं उद्यान बनाने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नंगे पाव चले उन्हें दिक्कत न हो100 साल से पुराने पेड़ो को चिह्नित कर हैरीटेज घोषित करने के लिए भी निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या नगर की सड़कों, श्रीरामजन्म भूमि के आसपास चल रहे निर्माण कार्यों व छह फ्लाईओवर आदि संबंधी कार्यों, शहर की पेयजल योजनाओं, सीवर योजना आदि को जल्द से जल्द से पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के घोषणा के अनुरूप भव्य अयोध्या, दिव्य अयोध्या बनाने के लिए लगभग 12 सौ एकड़ जमीन ली जानी है। इस पर प्रमुख सचिव आवास व जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग 495 एकड़ जमीन धारा-28 के तहत नोटिफिकेशन किया जा चुका है।
बैठक में जन प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न मांगें रखीं। सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि अयोध्या, अकबरपुर, बसखारी फोरलेन मार्ग में पड़ने वाले चार बाजारों व कस्बा के लिए बाईपास मार्ग बनाया जाए।
सरयू नदी पर बनने वाले बैराज को अपर स्ट्रीम पर बनाया जाए, जिससे कि 365 दिन राम की पैड़ी पर पानी रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नया घाट भी बनाने की मांग की।
विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने दुकानदारों के पुर्नस्थापन के मांग के साथ अयोध्या के जीर्णशीर्ण सड़कों के निर्माण की बात की। मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने पुराने सरयू पुल पर लगी जर्जर व पुराने रेलिंग को हटाकर लखनऊ के गोमती नदी के तर्ज पर रेलिंग लगाने की मांग रखी।
बैठक में मिल्कीपुर विधायक गोरखनाथ बाबा, बीकापुर विधायक शोभा सिंह चौहान, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, गोसाईगंज विधायक इंद्रप्रताप तिवारी ने भी अपनी-अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव को अधिकारीगण शामिल करें और समय-समय पर स्थानीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामजन्मभूूमि के विश्वामित्र आश्रम सहित राकमकथा संग्रहालय में भी अयोध्या की सुरक्षा प्लानिंग को लेकर मंथन किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के सुरक्षा संबंधी मानकों में जो निर्णय हुआ है।
उसको तत्काल अमल में लाया जाए। श्रीराम जन्म भूमि कंट्रोल रूम के लिए 12000 वर्ग मीटर जमीन की तत्काल व्यवस्था करने व कमांडों के रहने हेतु प्राधिकरण द्वारा निर्मित आवासों को किराए पर लेकर आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
सुरक्षा संबंधी बैठक में अपर पुलिस महा निदेशक एसएन सांवत, आईजी कानून व्यवस्था वीके सिंह, आईजी संजीव गुप्ता, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, डीएम अनुज कुमार झा, पुलिस उप महानिरीक्षक/एसएसपी दीपक कुमार सहित श्रीरामजन्मभूमि के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र भी मौजूद रहे।