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रामनगरी में भूमिगत होंगे बिजली के तार
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अयोध्या। राममंदिर के भूमि पूजन के बाद नगर निगम समेत शहर से सटे इलाकों में भूमिगत विद्युत केबल बिछाने का सर्वे शुरू हो गया है। पावर कारपोरेशन की टीम खुद ही इस कार्य को अंजाम दे रही है। सर्वे का काम एक माह में पूर्ण होने की उम्मीद है। इसके बाद डीपीआर तैयार होगी। ऐसा अनुमान है कि पूरी योजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी।
अयोध्या में राममंदिर निर्माण के साथ शहर को स्मार्ट व पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाना है। इसमें योजना के तहत अयोध्या नगर निगम व उससे सटे इलाकों की विद्युत सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह से अंडरग्राउंड की जानी है। इसके लिए सर्वे शुरू हुआ है।
पहले ही पावर कारपोरेशन ने अयोध्या सहित पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के इलाके का सर्वे किया था। इसमें 240 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई थी लेकिन अब अयोध्या के साथ फैजाबाद व शहर से सटे इलाकों को शामिल किया जाना है। इसके लिए नए सिरे से सर्वे कार्य किया जा रहा है।
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इसमें नगर निगम में जुड़ी नई 41 ग्राम सभाओं के अलावा शहर की सीमा में नए विकास क्षेत्रों को भी शामिल किया जा रहा है। वर्ष 2018 में फैजाबाद पुरानी नगर पालिका के क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबलिंग बिछाने का सर्वे किया गया था, इसमें 141 करोड़ रुपये के आसपास खर्च आने की बात सामने आई थी। इसका डीपीआर भी बनी थी लेकिन उस समय योजना को मंजूरी नहीं मिल सकी थी। अब राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद अयोध्या-फैजाबाद समेत शहर से सटे इलाकों में भूमिगत विद्युत सप्लाई व्यवस्था का सर्वे कार्य हो रहा है।
रामनगरी के मुख्य इलाके में पहले ही हो चुका है भूमिगत विद्युत सप्लाई व्यवस्था का कार्य
रामनगरी के मुख्य इलाके में पहले ही दो चरणों में भूमिगत विद्युत सप्लाई व्यवस्था पूर्ण कराई जा चुकी है। मौजूदा समय में ये संचालित भी हो रही है। वर्ष 2014 में 51.90 करोड़ रुपये से अंडर ग्राउंड केबल बिछाई गयी थी। इसके उपरांत 2018 में फिर से 21.55 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत विद्युत केबल बिछायी गयी। लगभग 20 हजार से अधिक उपभोक्ता इसका लाभ ले रहे हैं। अब इसी योजना को विस्तार देते हुए अयोध्या-फैजाबाद व आसपास के इलाकों में कार्य किया जाना है।
अयोध्या नगर निगम व उससे सटे इलाकों में भूमिगत विद्युत सप्लाई के लिए सर्वे कार्य शुरू किया गया है। पूरे इलाके में भूमिगत विद्युत सप्लाई व्यवस्था संचालित की जानी है। एक माह में सर्वे कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद डीपीआर बनाकर शासन को भेजा जाएगा ।
एके सिंह, चीफ इंजीनियर, मध्यांचल विद्युत वितरण खंड, अयोध्या
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अयोध्या में राममंदिर निर्माण के साथ शहर को स्मार्ट व पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाना है। इसमें योजना के तहत अयोध्या नगर निगम व उससे सटे इलाकों की विद्युत सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह से अंडरग्राउंड की जानी है। इसके लिए सर्वे शुरू हुआ है।
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पहले ही पावर कारपोरेशन ने अयोध्या सहित पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के इलाके का सर्वे किया था। इसमें 240 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई थी लेकिन अब अयोध्या के साथ फैजाबाद व शहर से सटे इलाकों को शामिल किया जाना है। इसके लिए नए सिरे से सर्वे कार्य किया जा रहा है।
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इसमें नगर निगम में जुड़ी नई 41 ग्राम सभाओं के अलावा शहर की सीमा में नए विकास क्षेत्रों को भी शामिल किया जा रहा है। वर्ष 2018 में फैजाबाद पुरानी नगर पालिका के क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबलिंग बिछाने का सर्वे किया गया था, इसमें 141 करोड़ रुपये के आसपास खर्च आने की बात सामने आई थी। इसका डीपीआर भी बनी थी लेकिन उस समय योजना को मंजूरी नहीं मिल सकी थी। अब राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद अयोध्या-फैजाबाद समेत शहर से सटे इलाकों में भूमिगत विद्युत सप्लाई व्यवस्था का सर्वे कार्य हो रहा है।
रामनगरी के मुख्य इलाके में पहले ही हो चुका है भूमिगत विद्युत सप्लाई व्यवस्था का कार्य
रामनगरी के मुख्य इलाके में पहले ही दो चरणों में भूमिगत विद्युत सप्लाई व्यवस्था पूर्ण कराई जा चुकी है। मौजूदा समय में ये संचालित भी हो रही है। वर्ष 2014 में 51.90 करोड़ रुपये से अंडर ग्राउंड केबल बिछाई गयी थी। इसके उपरांत 2018 में फिर से 21.55 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत विद्युत केबल बिछायी गयी। लगभग 20 हजार से अधिक उपभोक्ता इसका लाभ ले रहे हैं। अब इसी योजना को विस्तार देते हुए अयोध्या-फैजाबाद व आसपास के इलाकों में कार्य किया जाना है।
अयोध्या नगर निगम व उससे सटे इलाकों में भूमिगत विद्युत सप्लाई के लिए सर्वे कार्य शुरू किया गया है। पूरे इलाके में भूमिगत विद्युत सप्लाई व्यवस्था संचालित की जानी है। एक माह में सर्वे कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद डीपीआर बनाकर शासन को भेजा जाएगा ।
एके सिंह, चीफ इंजीनियर, मध्यांचल विद्युत वितरण खंड, अयोध्या