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अमानीगंज प्रथम की पुनर्मतगणना को कोर्ट में याचिका
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:35 PM IST
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जिला पंचायत सदस्य की अमानीगंज प्रथम की मतगणना को चुनौती देते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इसके माध्यम से वार्ड संख्या 25 की दोबारा मतगणना करवाने की याचना की गई है। यह याचिका रनर प्रत्याशी कविता ने दाखिल की है।
याचिका पर सुनवाई के बाद जिलाजज शिव कुमार सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी को वार्ड संख्या 25 व 26 के चुनाव से संबंधित अभिलेख याचिका के निस्तारण तक सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं। मामले में अगली पेशी 4 जनवरी नियत की गई है।
अधिवक्ता महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डीडीसी पद के लिए अमानीगंज प्रथम सीट पर कुल 11 लोगों ने नामांकन किया था। इसमें मतगणना के बाद जमुनादेवी निवासी मोहम्मदपुर अमानीगंज को निर्वाचित घोषित किया गया।
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रनर प्रत्याशी कविता को इनसे 41 वोट कम मिले। आरोप है कि वार्ड संख्या 25 व 26 अमावासूफी, रामनगर व कोटिया न्याय पंचायत इछोही में भी मतदान हुआ था।
और दोनों प्रकार के मतों के लिए बूथ संख्या 44, 45, 46 तथा अमावासूफी बूथ संख्या 108 में भिन्न-भिन्न दो जिला पंचायत के मतपत्र एक ही मतपेटिका में डाले गए थे। वार्ड संख्या 25 व 26 में प्रत्याशियों की संख्या 11 थी।
मतपत्रों का रंग एक था। कौन सा मत वार्ड संख्या 25 व 26 में गया, पहचानना मुश्किल था और भ्रम की स्थिति थी। अंतिम चरण में मेज के बजाय जांघ पर रखकर मतगणना की गई।
इसके बाद अवैध मत की संख्या ने 918 बताई गई जबकि परिणाम सूची में अवैध मत 942 बताए गए। इन परिस्थितियों को देखते हुए कविता के अभिकर्ता ने इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से की। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब कविता ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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याचिका पर सुनवाई के बाद जिलाजज शिव कुमार सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी को वार्ड संख्या 25 व 26 के चुनाव से संबंधित अभिलेख याचिका के निस्तारण तक सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं। मामले में अगली पेशी 4 जनवरी नियत की गई है।
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अधिवक्ता महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डीडीसी पद के लिए अमानीगंज प्रथम सीट पर कुल 11 लोगों ने नामांकन किया था। इसमें मतगणना के बाद जमुनादेवी निवासी मोहम्मदपुर अमानीगंज को निर्वाचित घोषित किया गया।
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रनर प्रत्याशी कविता को इनसे 41 वोट कम मिले। आरोप है कि वार्ड संख्या 25 व 26 अमावासूफी, रामनगर व कोटिया न्याय पंचायत इछोही में भी मतदान हुआ था।
और दोनों प्रकार के मतों के लिए बूथ संख्या 44, 45, 46 तथा अमावासूफी बूथ संख्या 108 में भिन्न-भिन्न दो जिला पंचायत के मतपत्र एक ही मतपेटिका में डाले गए थे। वार्ड संख्या 25 व 26 में प्रत्याशियों की संख्या 11 थी।
मतपत्रों का रंग एक था। कौन सा मत वार्ड संख्या 25 व 26 में गया, पहचानना मुश्किल था और भ्रम की स्थिति थी। अंतिम चरण में मेज के बजाय जांघ पर रखकर मतगणना की गई।
इसके बाद अवैध मत की संख्या ने 918 बताई गई जबकि परिणाम सूची में अवैध मत 942 बताए गए। इन परिस्थितियों को देखते हुए कविता के अभिकर्ता ने इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से की। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब कविता ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।