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लोकसभा में उठा मासूम रेप पीड़िता का मामला
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:05 AM IST
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रेप
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देवकाली क्षेत्र की दुराचार पीड़िता मासूम को इंसाफ दिलाने के लिए भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने लोकसभा में मामले को उठाया। लोकसभा में उन्होंने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि एक मार्च की रात्रि में जब मासूम बालिका लापता हुई तो परिवारीजन प्रशासन से उसे तलाशने की अपील कर रहे थे मगर सुनवाई नहीं हुई।
गुमशुदगी की रिपोर्ट तक नहीं दर्ज की गई। परिणामस्वरूप इतनी जघन्य घटना घटी। सांसद ने कहा कि यदि प्रशासन तत्परता दिखाता तथा तुरंत आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन शुरू कराता तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।
सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि मासूम पीड़िता की निशानदेही और पिता की तहरीर पर पुलिस ने अपराधी को गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया लेकिन धारा 164 के अंतर्गत पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराने में देरी की गई व एक्सरे द्वारा आयु परीक्षण संबंधी क्रियाकलाप में लापरवाही बरती गई।
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अब केस कमजोर करने के लिए पुलिस चार्जशीट दाखिल करने में भी देरी कर रही है। सांसद ने लोकसभा में कहा कि हमारी मांग है कि विशेष जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच कराई जाए और अपहरण, हत्या का प्रयास, अप्राकृतिक यौन संबंध और साक्ष्य मिटाने की कोशिश संबंधी धारा बढ़ाई जाए।
इसके साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया की जाए, केंद्र सरकार के निर्भया फंड से पीड़ित परिवार को 25 लाख की आर्थिक मदद दी जाए, बच्ची की समस्त शिक्षा सरकार द्वारा निशुल्क की जाए।
उन्होंने ये भी मांग की है कि अपराधी और केस को कमजोर करने वाली पुलिस के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटना न घटित हो।
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गुमशुदगी की रिपोर्ट तक नहीं दर्ज की गई। परिणामस्वरूप इतनी जघन्य घटना घटी। सांसद ने कहा कि यदि प्रशासन तत्परता दिखाता तथा तुरंत आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन शुरू कराता तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।
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सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि मासूम पीड़िता की निशानदेही और पिता की तहरीर पर पुलिस ने अपराधी को गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया लेकिन धारा 164 के अंतर्गत पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराने में देरी की गई व एक्सरे द्वारा आयु परीक्षण संबंधी क्रियाकलाप में लापरवाही बरती गई।
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अब केस कमजोर करने के लिए पुलिस चार्जशीट दाखिल करने में भी देरी कर रही है। सांसद ने लोकसभा में कहा कि हमारी मांग है कि विशेष जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच कराई जाए और अपहरण, हत्या का प्रयास, अप्राकृतिक यौन संबंध और साक्ष्य मिटाने की कोशिश संबंधी धारा बढ़ाई जाए।
इसके साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया की जाए, केंद्र सरकार के निर्भया फंड से पीड़ित परिवार को 25 लाख की आर्थिक मदद दी जाए, बच्ची की समस्त शिक्षा सरकार द्वारा निशुल्क की जाए।
उन्होंने ये भी मांग की है कि अपराधी और केस को कमजोर करने वाली पुलिस के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटना न घटित हो।