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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का किया पारण
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Mon, 07 Nov 2016 11:40 PM IST
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सरयू तट पर उगते सूर्य की पूजा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ का व्रत सोमवार को चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन-अर्चन के बीच महाप्रसाद बांटने के साथ सकुशल पूरा हो गया। महाप्रसाद ग्रहण करके महिलाओं ने व्रत का पारण किया।
सरयू नदी के गुप्तारघाट, अयोध्या, महबूबगंज, शृंगीघाट पर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं-युवतियों और बच्चों की भारी भीड़ से मेले जैसा नजारा रहा। सोमवार की सुबह सप्तमी तिथि पर एक बार फिर पुरुषों और महिलाओं का हुजूम नदी तट की ओर जाता रहा।
ढोल नगाड़े के बीच छठ गीत गाती महिलाएं, थिरकते लोग, सिर पर फलों व पूजा सामग्री की दौरी, सूप उठाए पुरुष, गन्ना लेकर चलते बच्चों का जत्था पूजा स्थलों पर पहुंचता रहा। घाट पर महिलाओं ने बनाई वेदी पर दीप जलाये। फल और सिंदूर चढ़ाये, शिव-पार्वती की पूजा हुई।
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पानी में गन्ने गाड़े गये। महिलाओं ने पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सूर्योदय की महाआरती हुई। उसके पश्चात मूर्ति का विसर्जन करके महोत्सव का समापन किया। महिलाओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया।
अयोध्या में महिलाओं ने उगते सूर्य का पूजन-अर्चन कर व्रत तोड़ा। पुत्रों की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। भोर से ही सरयू तट पर व्रती महिलाओं की भीड़ रही। सूर्योदय के साथ ही घाट पर घंटे-घड़ियालों के साथ भक्ति गीतों की गूंज के बीच पूजन-अर्चन हुआ।
इसी के साथ संत तुलसीदास घाट पर श्री सरयू अवध बालक समाज स्वर्गद्वार द्वारा छठ पूजा महोत्सव भी संपन्न हो गया। महंत गिरीशपति त्रिपाठी, आदित्य नारायण ठाकुर, नंद कुमार मिश्र, कृष्ण कुमार मिश्र, आशीष मिश्र, अनुराग मिश्र सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
गोसाईगंज के ठकुराईन पोखरा व महादेवाघाट पर छठ पूजा के आखिरी दिन नगर में रहने वाले व बिहारी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हुए। नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश कसौधन भी इस दौरान डटे रहे। महबूबगंज के श्री शृंगी ऋषि घाट पर सुबह चार बजे से ही छठ पूजा के भक्ति गीत गुंजायमान होने लगे।
जैसे ही उजाला हुआ, व्रती महिलाएं सरयू जल में स्नान कर, कमर भर पानी में खडे़ होकर हाथों में फूल और अक्षत लेकर ‘उगी हो सुरुज देव उगी हो, लागल पर्व तोहार’ जैसे भक्ति गीत गाते हुए भगवान भास्कर के उदय होने का इंतजार करने लगी। सूर्य देव का दर्शन पाते हीए सभी महिलाओं ने अर्घ्य अर्पित किया। घाट पर उपस्थित समूह में छठ मैया का प्रसाद वितरण हुआ।
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सरयू नदी के गुप्तारघाट, अयोध्या, महबूबगंज, शृंगीघाट पर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं-युवतियों और बच्चों की भारी भीड़ से मेले जैसा नजारा रहा। सोमवार की सुबह सप्तमी तिथि पर एक बार फिर पुरुषों और महिलाओं का हुजूम नदी तट की ओर जाता रहा।
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ढोल नगाड़े के बीच छठ गीत गाती महिलाएं, थिरकते लोग, सिर पर फलों व पूजा सामग्री की दौरी, सूप उठाए पुरुष, गन्ना लेकर चलते बच्चों का जत्था पूजा स्थलों पर पहुंचता रहा। घाट पर महिलाओं ने बनाई वेदी पर दीप जलाये। फल और सिंदूर चढ़ाये, शिव-पार्वती की पूजा हुई।
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पानी में गन्ने गाड़े गये। महिलाओं ने पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सूर्योदय की महाआरती हुई। उसके पश्चात मूर्ति का विसर्जन करके महोत्सव का समापन किया। महिलाओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया।
अयोध्या में महिलाओं ने उगते सूर्य का पूजन-अर्चन कर व्रत तोड़ा। पुत्रों की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। भोर से ही सरयू तट पर व्रती महिलाओं की भीड़ रही। सूर्योदय के साथ ही घाट पर घंटे-घड़ियालों के साथ भक्ति गीतों की गूंज के बीच पूजन-अर्चन हुआ।
इसी के साथ संत तुलसीदास घाट पर श्री सरयू अवध बालक समाज स्वर्गद्वार द्वारा छठ पूजा महोत्सव भी संपन्न हो गया। महंत गिरीशपति त्रिपाठी, आदित्य नारायण ठाकुर, नंद कुमार मिश्र, कृष्ण कुमार मिश्र, आशीष मिश्र, अनुराग मिश्र सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
गोसाईगंज के ठकुराईन पोखरा व महादेवाघाट पर छठ पूजा के आखिरी दिन नगर में रहने वाले व बिहारी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हुए। नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश कसौधन भी इस दौरान डटे रहे। महबूबगंज के श्री शृंगी ऋषि घाट पर सुबह चार बजे से ही छठ पूजा के भक्ति गीत गुंजायमान होने लगे।
जैसे ही उजाला हुआ, व्रती महिलाएं सरयू जल में स्नान कर, कमर भर पानी में खडे़ होकर हाथों में फूल और अक्षत लेकर ‘उगी हो सुरुज देव उगी हो, लागल पर्व तोहार’ जैसे भक्ति गीत गाते हुए भगवान भास्कर के उदय होने का इंतजार करने लगी। सूर्य देव का दर्शन पाते हीए सभी महिलाओं ने अर्घ्य अर्पित किया। घाट पर उपस्थित समूह में छठ मैया का प्रसाद वितरण हुआ।