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पुरातत्व विभाग ने बचाई नरेंद्रदेव की विरासत, रोका निर्माण
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2015 11:21 PM IST
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इस दौरान दबंगई के बल पर हेरिटेज की संपत्ति को क्षति पहुंचा रहे लोग भाग गए। पुलिस ने वहां पर काम कर रहे मजदूरों को भगा दिया है।
अमर उजाला ने पिछले दो दिन से लगातार समाजवाद के पुरोधा आचार्य नरेंद्रदेव की कोठी तोड़ होटल बनाने और संरक्षित इमारत गुलाबबाड़ी को भी क्षति पहुंचने का मामला उठाया था।
मामले में पहले ही पुरातत्व विभाग ने कोतवाली पुलिस को 5 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के लिए तहरीर दे रखी थी। साथ ही डीएम, एसएसपी, सचिव विकास प्राधिकरण समेत अधीक्षक पुरातत्वविद् सारनाथ को सूचना दे रखी थी। अलग से भी विकास प्राधिकरण अयोध्या-फैजाबाद के सचिव को 3 सितंबर को पत्र देकर निर्माण रोकने की मांग कर रखी थी।
इसके अनुपालन में पुलिस और प्राधिकरण की शिथिलता से बगैर नक्शा पास हुए पिछले नौ माह से दिन-रात लगातार काम हो रहा था। नरेंद्रदेव की कोठी को होटल के रूप में तब्दील करने का कार्य समाजवादियों, प्रबुद्ध लोगों को नागवार लगने के बाद भी दबंगई के बल पर चल रहा था।
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पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक प्रथम डीके जायसवाल ने रविवार सुबह चिंता जताई कि यह निर्माण पूर्णतया अनधिकृत और गुलाबबाड़ी की सीमा से दक्षिण तरफ सटा हो रहा है। कोतवाली समेत उच्चाधिकारियों को पत्र के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
मामले में सूचना मिलते ही एसपी सिटी आरएस गौतम ने तत्काल नगर कोतवाल एचएन मिश्र को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद चौकी प्रभारी अलीगढ़ ने फोर्स के साथ सबसे पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण फैजाबाद उप मंडल के गुलाबबाड़ी कार्यालय जाकर वस्तुस्थिति पता की, मगर अधिकारी डीके जायसवाल के गोंडा में दौरे पर जाने के कारण उनके निर्देश पर पुरातत्व कर्मी इंद्रमणि पाठक को मौके पर लेकर पहुंचे।
जहां नरेंद्रदेव की कोठी में परिसर में अवैध तरीके से हो रहे निर्माण को देखा, मजदूरों को काम रोकने को कहा, साथ की मालिकों की तलाश शुरू हुई। मगर मौके से सभी भाग गए पुलिस ने काम कर रहे मजदूरों को भगा दिया व निर्माण नहीं करने की चेतावनी दी गई।
पुरातत्व विभाग के अधिकारी डीके जायसवाल ने बताया कि मामले की सूचना प्राधिकरण को देकर अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
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अमर उजाला ने पिछले दो दिन से लगातार समाजवाद के पुरोधा आचार्य नरेंद्रदेव की कोठी तोड़ होटल बनाने और संरक्षित इमारत गुलाबबाड़ी को भी क्षति पहुंचने का मामला उठाया था।
मामले में पहले ही पुरातत्व विभाग ने कोतवाली पुलिस को 5 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के लिए तहरीर दे रखी थी। साथ ही डीएम, एसएसपी, सचिव विकास प्राधिकरण समेत अधीक्षक पुरातत्वविद् सारनाथ को सूचना दे रखी थी। अलग से भी विकास प्राधिकरण अयोध्या-फैजाबाद के सचिव को 3 सितंबर को पत्र देकर निर्माण रोकने की मांग कर रखी थी।
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इसके अनुपालन में पुलिस और प्राधिकरण की शिथिलता से बगैर नक्शा पास हुए पिछले नौ माह से दिन-रात लगातार काम हो रहा था। नरेंद्रदेव की कोठी को होटल के रूप में तब्दील करने का कार्य समाजवादियों, प्रबुद्ध लोगों को नागवार लगने के बाद भी दबंगई के बल पर चल रहा था।
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पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक प्रथम डीके जायसवाल ने रविवार सुबह चिंता जताई कि यह निर्माण पूर्णतया अनधिकृत और गुलाबबाड़ी की सीमा से दक्षिण तरफ सटा हो रहा है। कोतवाली समेत उच्चाधिकारियों को पत्र के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
मामले में सूचना मिलते ही एसपी सिटी आरएस गौतम ने तत्काल नगर कोतवाल एचएन मिश्र को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद चौकी प्रभारी अलीगढ़ ने फोर्स के साथ सबसे पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण फैजाबाद उप मंडल के गुलाबबाड़ी कार्यालय जाकर वस्तुस्थिति पता की, मगर अधिकारी डीके जायसवाल के गोंडा में दौरे पर जाने के कारण उनके निर्देश पर पुरातत्व कर्मी इंद्रमणि पाठक को मौके पर लेकर पहुंचे।
जहां नरेंद्रदेव की कोठी में परिसर में अवैध तरीके से हो रहे निर्माण को देखा, मजदूरों को काम रोकने को कहा, साथ की मालिकों की तलाश शुरू हुई। मगर मौके से सभी भाग गए पुलिस ने काम कर रहे मजदूरों को भगा दिया व निर्माण नहीं करने की चेतावनी दी गई।
पुरातत्व विभाग के अधिकारी डीके जायसवाल ने बताया कि मामले की सूचना प्राधिकरण को देकर अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई के लिए कहा गया है।