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गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र
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अयोध्या। जिले के औद्योगिक क्षेत्र को विस्तारित किए जाने की कवायद को मास्टर प्लान 2031 से बल मिला है। लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर मौजूदा औद्योगिक क्षेत्र के बगल नए इंडस्ट्रियल एरिया का प्रपोजल मास्टर प्लान में शामिल किया गया है।
इसका क्षेत्रफल 50 एकड़ से लेकर 100 एकड़ तक हो सकता है। मास्टर प्लान को शासकीय समिति की सहमति के बाद औद्योगिक क्षेत्र के क्षेत्रफल का सही आकलन हो सकेगा।
नए औद्योगिक क्षेत्र के स्थापित हो जाने से अयोध्या में देश के प्रमुख औद्योगिक समूह अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर सकेंगे। इससे अयोध्या के विकास को पंखे लगेंगे।
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अयोध्या में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ाने की कवायद दो वर्षों से चल रही है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कई चक्र औद्योगिक समूहों से बातचीत हो चुकी है।
यहां तक कि 100 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए सभी तहसीलों के एसडीएम को जमीन ढूंढने के लिए लिखित रूप से निर्देश दिया जा चुका था। इसके बाद भी अभी तक नए इंडस्ट्रियल एरिया के स्थान का चयन नहीं हो सका।
बाद में खुद यूपीएसआईडीसी ने भूमि खरीदने की कवायद शुरू की थी लेकिन अभी तक यूपीएसआईडीसी को इसमें सफलता नहीं मिली। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित इंवेस्टर समिट में काफी उद्यमियों ने लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर उद्योग स्थापित करने में रुचि दिखाई थी।
अयोध्या के उद्यमियों ने भी नया इंडस्ट्रियल एरिया बनाए जाने की मांग लगातार कर रहे हैं। इसके अलावा प्रतिमाह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी उद्यमियों की ओर से नए इंडस्ट्रियल एरिया की मांग की जाती रही है।
इस बीच अमृत योजना के तहत शहर में नियोजित विकास के लिए बन रहे मास्टर प्लान में नए इंडस्ट्रियल एरिया को स्थान दिया गया है। मास्टर प्लान में पुराने इंडस्ट्रियल एरिया के बगल है नए इंडस्ट्रियल एरिया को विकसित करने का प्रारूप तय किया गया है।
हालांकि इसकी भूमि कितने एकड़ में होगी, यह शासकीय समिति द्वारा मास्टर प्लान पास करने के बाद ही तय हो पाएगा। माना यह जा रहा है कि नए इंडस्ट्रियल एरिया का क्षेत्रफल 50 से 100 एकड़ के बीच में हो सकता है।
इससे अयोध्या में देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों को अपने उद्योग स्थापित करने का मौका मिलेगा। इससे अयोध्या के विकास को पंख लगने की पूरी उम्मीद है।
मौजूदा समय में यूपीएसआईडीसी की साइट वन व साइट टू नाम के दो इंडस्ट्रियल एरिया है। साइट वन पर 78 प्लाट व 28 यूनिट कार्य कर रही हैं। साइट वन 63.00 एकड़ में फैला है।
इसी प्रकार साइट टू पर में 96 प्लाट व 38 यूनिट बनी हैं। साइट टू 44 एकड़ में है। दोनों साइटों पर सभी प्लाट बुक हैं। यह अवश्य है कि कुछ यूनिटों में काम बंद पड़ा है।
अयोध्या के विकास के लिए 114 योजनाओं को शासन की स्वीकृति प्रदान है। इन सभी योजनाओं को मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। रिंग रोड से लेकर नए बस अड्डों के प्रस्ताव भी मास्टर प्लान में शामिल हैं।
अयोध्या में बन रहे अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे के अलावा हाईवे पर बनने वाले तो अन्य दो अन्य बस अड्डों को भी मास्टर प्लान में स्थान मिला है। इसके अलावा हवाई अड्डा, ग्रीन टाउनशिप मेडिकल कॉलेज सहित सभी योजनाओं को मास्टर प्लान में शामिल किया गया है।
अयोध्या के पुराने विकास क्षेत्र 133 किलोमीटर के लिए बन रहे मास्टर प्लान में नए इंडस्ट्रियल एरिया को भी शामिल किया गया है। यह पुराने इंडस्ट्रियल एरिया के आगे बनेगा। मास्टर प्लान शासकीय समिति से पास हो जाने के बाद नए औद्योगिक क्षेत्र को स्थापित कराया जाएगा।- विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण
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इसका क्षेत्रफल 50 एकड़ से लेकर 100 एकड़ तक हो सकता है। मास्टर प्लान को शासकीय समिति की सहमति के बाद औद्योगिक क्षेत्र के क्षेत्रफल का सही आकलन हो सकेगा।
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नए औद्योगिक क्षेत्र के स्थापित हो जाने से अयोध्या में देश के प्रमुख औद्योगिक समूह अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर सकेंगे। इससे अयोध्या के विकास को पंखे लगेंगे।
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अयोध्या में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ाने की कवायद दो वर्षों से चल रही है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कई चक्र औद्योगिक समूहों से बातचीत हो चुकी है।
यहां तक कि 100 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए सभी तहसीलों के एसडीएम को जमीन ढूंढने के लिए लिखित रूप से निर्देश दिया जा चुका था। इसके बाद भी अभी तक नए इंडस्ट्रियल एरिया के स्थान का चयन नहीं हो सका।
बाद में खुद यूपीएसआईडीसी ने भूमि खरीदने की कवायद शुरू की थी लेकिन अभी तक यूपीएसआईडीसी को इसमें सफलता नहीं मिली। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित इंवेस्टर समिट में काफी उद्यमियों ने लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर उद्योग स्थापित करने में रुचि दिखाई थी।
अयोध्या के उद्यमियों ने भी नया इंडस्ट्रियल एरिया बनाए जाने की मांग लगातार कर रहे हैं। इसके अलावा प्रतिमाह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी उद्यमियों की ओर से नए इंडस्ट्रियल एरिया की मांग की जाती रही है।
इस बीच अमृत योजना के तहत शहर में नियोजित विकास के लिए बन रहे मास्टर प्लान में नए इंडस्ट्रियल एरिया को स्थान दिया गया है। मास्टर प्लान में पुराने इंडस्ट्रियल एरिया के बगल है नए इंडस्ट्रियल एरिया को विकसित करने का प्रारूप तय किया गया है।
हालांकि इसकी भूमि कितने एकड़ में होगी, यह शासकीय समिति द्वारा मास्टर प्लान पास करने के बाद ही तय हो पाएगा। माना यह जा रहा है कि नए इंडस्ट्रियल एरिया का क्षेत्रफल 50 से 100 एकड़ के बीच में हो सकता है।
इससे अयोध्या में देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों को अपने उद्योग स्थापित करने का मौका मिलेगा। इससे अयोध्या के विकास को पंख लगने की पूरी उम्मीद है।
मौजूदा समय में यूपीएसआईडीसी की साइट वन व साइट टू नाम के दो इंडस्ट्रियल एरिया है। साइट वन पर 78 प्लाट व 28 यूनिट कार्य कर रही हैं। साइट वन 63.00 एकड़ में फैला है।
इसी प्रकार साइट टू पर में 96 प्लाट व 38 यूनिट बनी हैं। साइट टू 44 एकड़ में है। दोनों साइटों पर सभी प्लाट बुक हैं। यह अवश्य है कि कुछ यूनिटों में काम बंद पड़ा है।
अयोध्या के विकास के लिए 114 योजनाओं को शासन की स्वीकृति प्रदान है। इन सभी योजनाओं को मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। रिंग रोड से लेकर नए बस अड्डों के प्रस्ताव भी मास्टर प्लान में शामिल हैं।
अयोध्या में बन रहे अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे के अलावा हाईवे पर बनने वाले तो अन्य दो अन्य बस अड्डों को भी मास्टर प्लान में स्थान मिला है। इसके अलावा हवाई अड्डा, ग्रीन टाउनशिप मेडिकल कॉलेज सहित सभी योजनाओं को मास्टर प्लान में शामिल किया गया है।
अयोध्या के पुराने विकास क्षेत्र 133 किलोमीटर के लिए बन रहे मास्टर प्लान में नए इंडस्ट्रियल एरिया को भी शामिल किया गया है। यह पुराने इंडस्ट्रियल एरिया के आगे बनेगा। मास्टर प्लान शासकीय समिति से पास हो जाने के बाद नए औद्योगिक क्षेत्र को स्थापित कराया जाएगा।- विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण