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नई अयोध्या को रेरा की मंजूरी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jul 2018 10:43 PM IST
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अयोध्या
- फोटो : amar ujala
फैजाबाद विकास प्राधिकरण के ड्रीम प्रोजेक्ट नई अयोध्या को रियल स्टेट रेगुलर अथॉरिटी (रेरा) की मंजूरी मिल गई। विकास प्राधिकरण की ओर से नई अयोध्या का पंजीकरण कराने के साथ प्रोजेक्ट की समयाविधि समेत वेबसाइट पर दर्ज की जाने वाली समस्त सूचनाएं ऑनलाइन करने के बाद रेरा ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। अब प्राधिकरण को डिमांड सर्वे का कार्य पूर्ण करना है।
जल्द ही विकास प्रधिकरण छोटे-बड़े प्लाट, संस्थागत प्लाट, धर्म स्थल, मॉल, पीबीआर, शॉपिंग कॉम्लेक्स समेत अन्य के स्थानों आदि का निर्धारण कर देगा। दूसरी ओर योजना का डीपीआर व भूमि अर्जन का कार्य भी फाइनल स्टेज पर है। अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण ने फरवरी माह में 500 एकड़ भूमि पर नई अयोध्या बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था।
प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इसे पारित कर दिया था परंतु इसी के बाद सरकार की ओर से समस्त बिल्डिंग का कार्य करने वाली संस्थाओं के लिए रेरा में पंजीकरण की कार्रवाई आवश्यक कर दी गई थी। नियमों के अनुसार रेरा प्रोजेक्ट का पंजीकरण से कराने से लेकर प्रोजेक्ट की समय सीमा सहित विभिन्न दस्तावेजों को ऑनलाइन किया जाना था।
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मानक के अनुरूप प्राधिकरण ने भूमि चिह्नित करने से लेकर प्रोजेक्ट का नाम, क्षेत्रफल सहित अन्य दस्तावेज जमा कर दिए। इसके उपरांत रेरा की ओर से नई अयोध्या पर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इससे सबसे बड़ी अड़चन दूर हो गयी है। अब प्राधिकरण को नियमों के अनुरूप प्लॉट का प्रकार, धर्मस्थल, मॉल, हॉस्पिटल सहित अन्य के स्थान निर्धारित करना है।
दूसरी ओर भूमि के चिन्हीकरण के बाद मांझा बरहटा व हलकारा का पुरवा में संपत्तियों का विवरण राजस्व टीम की ओर से एकत्र किया जा रहा है। ये कार्य एक हफ्ते में पूर्ण होने की संभावना है। इसके बाद भूमि अर्जन की कार्यवाही पूरी की जाएगी। इसके साथ प्रोेजेक्ट का डीपीआर बनाने का कार्य भी शुरू हो चुका है। टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
एक प्राइवेट कंपनी को डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तीनों प्रक्रियाओं के पूर्ण होने की बाद फाइनल रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद हुडको में लोन की फाइल भेजी जाएगी। यहां से लोन की स्वीकृति के बाद ही योजना परवान चढ़ सकेगी। अयोध्या- फैजाबाद विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि नई अयोध्या प्रोजेक्ट को रेरा की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया है।
अब छोटे-बड़े प्लॉटों का निर्धारण, धर्म स्थल, संस्थागत प्लॉट, मॉल पीबीआर सहित विभिन्न प्रकार के प्लॉट का निर्धारण किया जाना है। डीपीआर बनाने के लिए टेंडर हो चुका है। जल्द ही डीपीआर बन जायेगा। भूमि अर्जन की कार्यवाही भी एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी।
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जल्द ही विकास प्रधिकरण छोटे-बड़े प्लाट, संस्थागत प्लाट, धर्म स्थल, मॉल, पीबीआर, शॉपिंग कॉम्लेक्स समेत अन्य के स्थानों आदि का निर्धारण कर देगा। दूसरी ओर योजना का डीपीआर व भूमि अर्जन का कार्य भी फाइनल स्टेज पर है। अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण ने फरवरी माह में 500 एकड़ भूमि पर नई अयोध्या बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था।
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प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इसे पारित कर दिया था परंतु इसी के बाद सरकार की ओर से समस्त बिल्डिंग का कार्य करने वाली संस्थाओं के लिए रेरा में पंजीकरण की कार्रवाई आवश्यक कर दी गई थी। नियमों के अनुसार रेरा प्रोजेक्ट का पंजीकरण से कराने से लेकर प्रोजेक्ट की समय सीमा सहित विभिन्न दस्तावेजों को ऑनलाइन किया जाना था।
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मानक के अनुरूप प्राधिकरण ने भूमि चिह्नित करने से लेकर प्रोजेक्ट का नाम, क्षेत्रफल सहित अन्य दस्तावेज जमा कर दिए। इसके उपरांत रेरा की ओर से नई अयोध्या पर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इससे सबसे बड़ी अड़चन दूर हो गयी है। अब प्राधिकरण को नियमों के अनुरूप प्लॉट का प्रकार, धर्मस्थल, मॉल, हॉस्पिटल सहित अन्य के स्थान निर्धारित करना है।
दूसरी ओर भूमि के चिन्हीकरण के बाद मांझा बरहटा व हलकारा का पुरवा में संपत्तियों का विवरण राजस्व टीम की ओर से एकत्र किया जा रहा है। ये कार्य एक हफ्ते में पूर्ण होने की संभावना है। इसके बाद भूमि अर्जन की कार्यवाही पूरी की जाएगी। इसके साथ प्रोेजेक्ट का डीपीआर बनाने का कार्य भी शुरू हो चुका है। टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
एक प्राइवेट कंपनी को डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तीनों प्रक्रियाओं के पूर्ण होने की बाद फाइनल रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद हुडको में लोन की फाइल भेजी जाएगी। यहां से लोन की स्वीकृति के बाद ही योजना परवान चढ़ सकेगी। अयोध्या- फैजाबाद विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि नई अयोध्या प्रोजेक्ट को रेरा की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया है।
अब छोटे-बड़े प्लॉटों का निर्धारण, धर्म स्थल, संस्थागत प्लॉट, मॉल पीबीआर सहित विभिन्न प्रकार के प्लॉट का निर्धारण किया जाना है। डीपीआर बनाने के लिए टेंडर हो चुका है। जल्द ही डीपीआर बन जायेगा। भूमि अर्जन की कार्यवाही भी एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी।