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मुसलमानों से सीधे मिलें मुलायम : हाशिम अंसारी
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sun, 08 May 2016 10:29 PM IST
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बाबरी मस्जिद के मुद्दई मो. हाशिम अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
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बाबरी मस्जिद के मुद्दई मो. हाशिम अंसारी रविवार को कहा कि सपा की बुनियाद आम मुसलमानों ने डाली है तो आम मुसलमानों से सपा मुखिया मुलायम सिंह को सीधे मिलना चाहिए। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा सरकार के मंत्री आजम खां पर निशाना साधते हुए बोले कि पूरे सूबे का मुसलमान उन्हें लीडर मानने को तैयार नहीं है। हाशिम ने कहा कि हम आजम खां से कमजोर नहीं हैं।
अपने आवास पर पत्रकारों से मुखातिब बाबरी मस्जिद के मुद्दई मो. हाशिम अंसारी ने कहा कि मैं अयोध्या में रहकर हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करता हूं। यह किसी भी किस्म के फायदे के लिए नहीं है तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव अयोध्या क्यों नहीं आ सकते।
कहा, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी बनी थी तो आजम खां कन्वीनर थे और इसी वजह से मुलायम सिंह यादव ने उन्हें समाजवादी पार्टी में शामिल कर लिया। पार्टी का सारा फायदा आजम खां उठाएं और आम मुसलमान कुछ नहीं। पूरे यूपी का मुसलमान आजम को अपना लीडर मानने को तैयार नहीं है।
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कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव करीब है। पार्टियां तरह-तरह के बयान दे रहीं हैं। बाबरी मस्जिद व राम जन्मभूमि विवाद पर लोग तरह-तरह की टिप्पणी करते हैं। जबकि यह मसला गहरा समंदर है, दरिया के मुसाफिर इसमें गोता नहीं लगा सकते। हमने कई बार कहा है कि इस मसले पर बात कोर्ट में ही हो सकती है न कि चौराहे पर।
मो. हाशिम अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार यदि राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद का हल चाहती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार अयोध्या आकर बात जरूर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका स्वास्थ्य ऐसा है कि कहीं जा पाना मुमकिन नहीं है। वह भारत के प्रधानमंत्री हैं, उन्हें देश के इस बड़े मसले का हल अयोध्या आकर जरूर निकालना चाहिए।
मो. हाशिम की सपा के मंत्रियों व नेताओं के वादों के न पूरे होने की टीस खुल कर बयां होने लगी है। उनका कहना है कि सपा सरकार बनते ही जिले से लेकर प्रदेश तक के सारे कद्दावर नेता कुशलक्षेम पूछने के बहाने और हमारे पोते को नौकरी देने की बात कहकर कागजात लेकर चले गए।
जो गया वह लौटकर नहीं आया और न किसी का संदेश मिला। कहा कि हमने सपा को हमेशा अपनी पार्टी माना है। उनका शरीर पूरी तरह टूट चुका है और पार्टी का कार्यकाल एक साल और बचा है, फिर चुनाव आ जाएंगे। पोते को नौकरी न मिल पाने का दर्द कहीं न कहीं हाशिम को सालता रहता है।
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अपने आवास पर पत्रकारों से मुखातिब बाबरी मस्जिद के मुद्दई मो. हाशिम अंसारी ने कहा कि मैं अयोध्या में रहकर हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करता हूं। यह किसी भी किस्म के फायदे के लिए नहीं है तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव अयोध्या क्यों नहीं आ सकते।
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कहा, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी बनी थी तो आजम खां कन्वीनर थे और इसी वजह से मुलायम सिंह यादव ने उन्हें समाजवादी पार्टी में शामिल कर लिया। पार्टी का सारा फायदा आजम खां उठाएं और आम मुसलमान कुछ नहीं। पूरे यूपी का मुसलमान आजम को अपना लीडर मानने को तैयार नहीं है।
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कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव करीब है। पार्टियां तरह-तरह के बयान दे रहीं हैं। बाबरी मस्जिद व राम जन्मभूमि विवाद पर लोग तरह-तरह की टिप्पणी करते हैं। जबकि यह मसला गहरा समंदर है, दरिया के मुसाफिर इसमें गोता नहीं लगा सकते। हमने कई बार कहा है कि इस मसले पर बात कोर्ट में ही हो सकती है न कि चौराहे पर।
मो. हाशिम अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार यदि राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद का हल चाहती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार अयोध्या आकर बात जरूर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका स्वास्थ्य ऐसा है कि कहीं जा पाना मुमकिन नहीं है। वह भारत के प्रधानमंत्री हैं, उन्हें देश के इस बड़े मसले का हल अयोध्या आकर जरूर निकालना चाहिए।
मो. हाशिम की सपा के मंत्रियों व नेताओं के वादों के न पूरे होने की टीस खुल कर बयां होने लगी है। उनका कहना है कि सपा सरकार बनते ही जिले से लेकर प्रदेश तक के सारे कद्दावर नेता कुशलक्षेम पूछने के बहाने और हमारे पोते को नौकरी देने की बात कहकर कागजात लेकर चले गए।
जो गया वह लौटकर नहीं आया और न किसी का संदेश मिला। कहा कि हमने सपा को हमेशा अपनी पार्टी माना है। उनका शरीर पूरी तरह टूट चुका है और पार्टी का कार्यकाल एक साल और बचा है, फिर चुनाव आ जाएंगे। पोते को नौकरी न मिल पाने का दर्द कहीं न कहीं हाशिम को सालता रहता है।