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मंत्री का पराग डेयरी पर छापा, जीएम सस्पेंड
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2015 10:54 PM IST
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इसी के साथ विस्तृत जांच के लिए साथ आए क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी एनके शुक्ला, पराग डेयरी गोंडा के महाप्रंबधक आईबी सिंह, एडीएम सिटी आरएन शर्मा और एसपी सिटी आरएस गौतम की टीम गठित की है।
निलंबित महाप्रबंधक को कोतवाली अयोध्या के हवाले कर दिया गया है, लेकिन देर शाम तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। सूबे के दुग्ध विकास मंत्री और पड़ोसी अंबेडकरनगर जिले के निवासी राममूर्ति वर्मा दलबल के साथ मंगलवार को सीधे पराग डेयरी फैजाबाद पहुंचे।
मंत्री के देख महाप्रबंधक ने आवभगत की कोशिशें शुरू की, मगर उनका रुख देख हलचल मच गई। मंत्री के साथ आए क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी एनके शुक्ल और गोंडा डेयरी के जीएम आईबी सिंह ने सबसे पहले स्टाक की जांच शुरू की। तो वहां पाउडर की मात्रा ज्यादा मिली।
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रजिस्टर के मुताबिक 11 हजार 275 किग्रा की जगह 11 हजार 665 किग्रा पाउडर पाया गया। मंत्री राममूर्ति वर्मा ने कहा कि पाउडर की अधिक मात्रा यह दर्शाती है कि अधिक माल को बाद में बेचा जाता है।
चार सौ से पांच सौ लीटर दूध का अवैध कारोबार प्रतिदिन किया जाता है। जिसका लेखा जोखा कहीं नहीं होता है। काली कमाई का धन डेयरी प्रबंधन हजम करता है। जांच में कुल क्रीम में फैट की मात्रा भी गड़बड़ पाई गई।
क्रीम छह फीसदी की जगह 22.5 फीसदी पाया गया। मंत्री राममूर्ति वर्मा ने बताया कि संविदा कर्मियों को मानदेय भुगतान में भी अनियमितता मिली है।
चार कर्मियों को बुलाकर पूछताछ की गई तो, उन्हें 14 हजार 200 प्रति माह की जगह 13 हजार मानदेय देने की बात सामने आई है। मामला बेहद गंभीर है। इसलिए चार सदस्यीय टीम बना दी गई है, जो मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट देगी।
जांच में जीएम जीपी त्रिपाठी को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही महाप्रबंधक के खिलाफ मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जांच टीम को निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या कोतवाल अमित कुमार सिंह का कहना है कि एडीएम सिटी आरएन शर्मा और एसपी सिटी आरएस गौतम ने उन्हें बुलवाकर पराग डेयरी करे महाप्रंबधक को सिपुर्द किया है। कहा है कि इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी है, मगर रात 8 बजे तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
महाप्रबंधक जेपी त्रिपाठी को कोतवाली में बैठाया गया है। पराग डेयरी के महाप्रबंधक जेपी त्रिपाठी ने विभागीय मंत्री राममूर्ति वर्मा के छापे और कार्रवाई को साजिश करार दिया।
कहा कि एक साल मुझे जॉइन करते हुए हैं। इस बीच मंत्री के पीएस (निजी सचिव) उन्हें संविदा पर भर्ती के लिए कई बार फोन पर दबाव बनाया। हमने कहा कि पहले से ही डेयरी घाटे में है और संविदा कर्मी भी पर्याप्त हैं, तो कैसे और रखें। तब कहा गया कि कुछ दिन रख लो, बाद में भले निकाल देना।
लेकिन हमने असमर्थता जताई। इसके बाद कई बार भुगत लेने की धमकी दी गई। त्रिपाठी ने कहा कि वे पहले से जानते थे कि उनके खिलाफ मंत्री जी कुछ जरूर कर सकते हैं, वही आज सच हुआ है।
पराग डेयरी की क्षमता 11,275 किग्रा पाउडर बनाने की है। कभी ज्यादा-कम होता है। रही बात फैट की तो गांव से दूध लेते हैं। उसका मानक अलग-अलग होता है। उसमे जैसा फैट होता पाउडर मिक्स कर कंपलीट करना होता है।
1976 की मशीनें हैं। इसके कारण बहुत सी चीजें घुल नहीं पातीं। कर्मचारी को आय के हिसाब से भुगतान काफी पहले से होता रहा है। किसी माह 70 से 80 फीसदी तो किसी माह फायदा होने पर पिछला भुगतान भी जोड़कर होता है।
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निलंबित महाप्रबंधक को कोतवाली अयोध्या के हवाले कर दिया गया है, लेकिन देर शाम तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। सूबे के दुग्ध विकास मंत्री और पड़ोसी अंबेडकरनगर जिले के निवासी राममूर्ति वर्मा दलबल के साथ मंगलवार को सीधे पराग डेयरी फैजाबाद पहुंचे।
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मंत्री के देख महाप्रबंधक ने आवभगत की कोशिशें शुरू की, मगर उनका रुख देख हलचल मच गई। मंत्री के साथ आए क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी एनके शुक्ल और गोंडा डेयरी के जीएम आईबी सिंह ने सबसे पहले स्टाक की जांच शुरू की। तो वहां पाउडर की मात्रा ज्यादा मिली।
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रजिस्टर के मुताबिक 11 हजार 275 किग्रा की जगह 11 हजार 665 किग्रा पाउडर पाया गया। मंत्री राममूर्ति वर्मा ने कहा कि पाउडर की अधिक मात्रा यह दर्शाती है कि अधिक माल को बाद में बेचा जाता है।
चार सौ से पांच सौ लीटर दूध का अवैध कारोबार प्रतिदिन किया जाता है। जिसका लेखा जोखा कहीं नहीं होता है। काली कमाई का धन डेयरी प्रबंधन हजम करता है। जांच में कुल क्रीम में फैट की मात्रा भी गड़बड़ पाई गई।
क्रीम छह फीसदी की जगह 22.5 फीसदी पाया गया। मंत्री राममूर्ति वर्मा ने बताया कि संविदा कर्मियों को मानदेय भुगतान में भी अनियमितता मिली है।
चार कर्मियों को बुलाकर पूछताछ की गई तो, उन्हें 14 हजार 200 प्रति माह की जगह 13 हजार मानदेय देने की बात सामने आई है। मामला बेहद गंभीर है। इसलिए चार सदस्यीय टीम बना दी गई है, जो मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट देगी।
जांच में जीएम जीपी त्रिपाठी को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही महाप्रबंधक के खिलाफ मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जांच टीम को निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या कोतवाल अमित कुमार सिंह का कहना है कि एडीएम सिटी आरएन शर्मा और एसपी सिटी आरएस गौतम ने उन्हें बुलवाकर पराग डेयरी करे महाप्रंबधक को सिपुर्द किया है। कहा है कि इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी है, मगर रात 8 बजे तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
महाप्रबंधक जेपी त्रिपाठी को कोतवाली में बैठाया गया है। पराग डेयरी के महाप्रबंधक जेपी त्रिपाठी ने विभागीय मंत्री राममूर्ति वर्मा के छापे और कार्रवाई को साजिश करार दिया।
कहा कि एक साल मुझे जॉइन करते हुए हैं। इस बीच मंत्री के पीएस (निजी सचिव) उन्हें संविदा पर भर्ती के लिए कई बार फोन पर दबाव बनाया। हमने कहा कि पहले से ही डेयरी घाटे में है और संविदा कर्मी भी पर्याप्त हैं, तो कैसे और रखें। तब कहा गया कि कुछ दिन रख लो, बाद में भले निकाल देना।
लेकिन हमने असमर्थता जताई। इसके बाद कई बार भुगत लेने की धमकी दी गई। त्रिपाठी ने कहा कि वे पहले से जानते थे कि उनके खिलाफ मंत्री जी कुछ जरूर कर सकते हैं, वही आज सच हुआ है।
पराग डेयरी की क्षमता 11,275 किग्रा पाउडर बनाने की है। कभी ज्यादा-कम होता है। रही बात फैट की तो गांव से दूध लेते हैं। उसका मानक अलग-अलग होता है। उसमे जैसा फैट होता पाउडर मिक्स कर कंपलीट करना होता है।
1976 की मशीनें हैं। इसके कारण बहुत सी चीजें घुल नहीं पातीं। कर्मचारी को आय के हिसाब से भुगतान काफी पहले से होता रहा है। किसी माह 70 से 80 फीसदी तो किसी माह फायदा होने पर पिछला भुगतान भी जोड़कर होता है।