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हत्यारे को आजीवन कारावास
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अयोध्या। पुरानी रंजिश में हत्या करके युवक की लाश फेंक देने के आरोपी को दोषी पाते हुए कोर्ट ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 20 हजार जुर्माना भी किया है।
फैसला विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट हरिनाथ पांडेय की अदालत से हुआ। कोर्ट ने युवक को दलित उत्पीड़न अधिनियम की धारा से बरी कर दिया है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी पारसनाथ व एडीजीसी रोहित पांडेय ने बताया कि घटना 29 अगस्त 2008 की है। महाराजगंज थाना क्षेत्र के राजेपुर की जनक पति ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसका पति लोगों के यहां मजदूरी करके किसी तरह जीवन यापन करता था।
पुरानी बातों को लेकर गांव के ही बसंत सिंह मेरी पति सुखराज से रंजिश रखते थे। घटना वाली सुबह 8 बजे बसंत मेरे घर आए और मेरे पति से बातचीत करके उन्हें बंधे की तरफ ले गए।
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इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। कई लोगों से पूछताछ करने और काफी तलाश करने के बाद तीसरे दिन मेरे पति की लाश बंधा के पास पानी में मिली। इसकी रिपोर्ट बसंत के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने व दलित उत्पीड़न के तहत दर्ज कराई गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने हत्या करके साक्ष्य छिपा देंने में दोषी पाते हुए सजा दी।
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फैसला विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट हरिनाथ पांडेय की अदालत से हुआ। कोर्ट ने युवक को दलित उत्पीड़न अधिनियम की धारा से बरी कर दिया है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी पारसनाथ व एडीजीसी रोहित पांडेय ने बताया कि घटना 29 अगस्त 2008 की है। महाराजगंज थाना क्षेत्र के राजेपुर की जनक पति ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसका पति लोगों के यहां मजदूरी करके किसी तरह जीवन यापन करता था।
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पुरानी बातों को लेकर गांव के ही बसंत सिंह मेरी पति सुखराज से रंजिश रखते थे। घटना वाली सुबह 8 बजे बसंत मेरे घर आए और मेरे पति से बातचीत करके उन्हें बंधे की तरफ ले गए।
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इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। कई लोगों से पूछताछ करने और काफी तलाश करने के बाद तीसरे दिन मेरे पति की लाश बंधा के पास पानी में मिली। इसकी रिपोर्ट बसंत के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने व दलित उत्पीड़न के तहत दर्ज कराई गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने हत्या करके साक्ष्य छिपा देंने में दोषी पाते हुए सजा दी।