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Ayodhya News: झूलन में सज-धज के युगल सरकार बैठे हैं...
Sun, 27 Aug 2023 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 27 Aug 2023 11:55 PM IST
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अयोध्या। रामनगरी में एकादशी से सावन झूलनोत्सव चरम पर पहुंच चुका है। अब रामनगरी के सभी मंदिरों में झूले पड़ गए हैं। सरयू तट से लेकर मठ-मंदिरों तक सावनी संस्कृति की छटा बिखर रही है। मंदिरों में हारमोनियम और तबले की थाप पर गूंजती कजरी की पंक्तियां भक्तों को सम्मोहित कर रही हैं।
स्वर्गद्वार स्थित सिद्धपीठ बावन मंदिर में महंत वैदेही वल्लभशरण के सानिध्य में झूलनोत्सव की अनुपम छटा बिखर रही है। यहां झूलनोत्सव की परंपरा करीब 150 साल पुरानी है। रजत हिंडोले पर विराजमान ठाकुर जी, माता किशोरी, सालिकराम भगवान का दिव्य दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। झूलन में आज सज धजकर युगल सरकार बैठे हैं...दशरथ राज दुलारे पिया संग झूलैं हो... जैसे कजरी गीतों पर भक्त भावविभोर होकर नर्तन की मुद्रा में आकर मंत्रमुग्ध हो उठते हैं। महंत वैदेही वल्लभशरण कहते हैं कि सावन झूलनोत्सव ठाकुर जी से साक्षात्कार का सशक्त माध्यम है। वहीं उत्तरतोताद्रिमठ व राजसदन में भी एकादशी से झूलन महोत्सव की छटा बिखरने लगी है। रामनगरी के हजारों मंदिरों में अब सावन पूर्णिमा तक गीत-संगीत व भक्ति की त्रिवेणी प्रवाहमान होती नजर आएगी।
एकादशी पर रामलला को लगा फलाहार का भोग
रामलला के दरबार में भी झूलनोत्सव की अलौकिक छटा बिखर रही है। एकादशी पर्व पर रामलला को नवीन वस्त्र धारण कराए गए। साथ ही विभिन्न प्रकार के फलों का भोग लगाया गया। रामलला हर एकादशी को व्रत रहते हैं। रामजन्मभूमि परिसर में भी हर शाम कजरी गूंज रही है। संत एमबीदास समेत अन्य शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दे रहे हैं।
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सभी भगवत भक्तों में ध्रुव का स्थान सर्वाेच्च: अनंताचार्य
अयाेध्या 27 अगस्त 2023। प्रसिद्ध पीठ श्रीउत्तर ताेताद्रिमठ में अनुष्ठानों के साथ झूलनोत्सव का शुभारंभ एकादशी से हुआ। श्रीमद्भागवत कथा के क्रम में जगदगुरु अनंताचार्य ने कहा कि ईश्वर अपने भक्तों की रक्षा के लिए बैकुंठ से इस धरा पर आते हैं। ईश्वर के अवतार की कथाएं भक्तों को सुख, समृद्धि व मोक्ष प्रदान करती हैंं। कहा कि बाल्यावस्था में भक्ति के मार्ग पर चलकर परमात्मा को प्राप्त कर लेने पर पांच वर्ष के बालक ध्रुव की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती जाती हैं। बालक ध्रुव के जैसी अखंड भक्ति यदि साधक के अंदर व्याप्त हो जाए। तो सर्व अंतर्यामी भगवान श्रीहरि उसके सभी मनोरथ पूरे करते हैं। सभी भगवत भक्तों में ध्रुव का स्थान सर्वाेच्च है। वहीं सांयकाल मंदिर में झूलनोत्सव पर गीत-संगीत का आयोजन हो रहा है।
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स्वर्गद्वार स्थित सिद्धपीठ बावन मंदिर में महंत वैदेही वल्लभशरण के सानिध्य में झूलनोत्सव की अनुपम छटा बिखर रही है। यहां झूलनोत्सव की परंपरा करीब 150 साल पुरानी है। रजत हिंडोले पर विराजमान ठाकुर जी, माता किशोरी, सालिकराम भगवान का दिव्य दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। झूलन में आज सज धजकर युगल सरकार बैठे हैं...दशरथ राज दुलारे पिया संग झूलैं हो... जैसे कजरी गीतों पर भक्त भावविभोर होकर नर्तन की मुद्रा में आकर मंत्रमुग्ध हो उठते हैं। महंत वैदेही वल्लभशरण कहते हैं कि सावन झूलनोत्सव ठाकुर जी से साक्षात्कार का सशक्त माध्यम है। वहीं उत्तरतोताद्रिमठ व राजसदन में भी एकादशी से झूलन महोत्सव की छटा बिखरने लगी है। रामनगरी के हजारों मंदिरों में अब सावन पूर्णिमा तक गीत-संगीत व भक्ति की त्रिवेणी प्रवाहमान होती नजर आएगी।
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एकादशी पर रामलला को लगा फलाहार का भोग
रामलला के दरबार में भी झूलनोत्सव की अलौकिक छटा बिखर रही है। एकादशी पर्व पर रामलला को नवीन वस्त्र धारण कराए गए। साथ ही विभिन्न प्रकार के फलों का भोग लगाया गया। रामलला हर एकादशी को व्रत रहते हैं। रामजन्मभूमि परिसर में भी हर शाम कजरी गूंज रही है। संत एमबीदास समेत अन्य शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दे रहे हैं।
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सभी भगवत भक्तों में ध्रुव का स्थान सर्वाेच्च: अनंताचार्य
अयाेध्या 27 अगस्त 2023। प्रसिद्ध पीठ श्रीउत्तर ताेताद्रिमठ में अनुष्ठानों के साथ झूलनोत्सव का शुभारंभ एकादशी से हुआ। श्रीमद्भागवत कथा के क्रम में जगदगुरु अनंताचार्य ने कहा कि ईश्वर अपने भक्तों की रक्षा के लिए बैकुंठ से इस धरा पर आते हैं। ईश्वर के अवतार की कथाएं भक्तों को सुख, समृद्धि व मोक्ष प्रदान करती हैंं। कहा कि बाल्यावस्था में भक्ति के मार्ग पर चलकर परमात्मा को प्राप्त कर लेने पर पांच वर्ष के बालक ध्रुव की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती जाती हैं। बालक ध्रुव के जैसी अखंड भक्ति यदि साधक के अंदर व्याप्त हो जाए। तो सर्व अंतर्यामी भगवान श्रीहरि उसके सभी मनोरथ पूरे करते हैं। सभी भगवत भक्तों में ध्रुव का स्थान सर्वाेच्च है। वहीं सांयकाल मंदिर में झूलनोत्सव पर गीत-संगीत का आयोजन हो रहा है।