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कांवरियों के रेले से हाईवे जाम
फैजाबाद
Updated Sun, 31 Jul 2016 11:25 PM IST
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अयोध्या-रविवार को बंधा तिराहे से स्नान घाट की ओर जाती कांवरियों की भारी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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सावन मास को लेकर बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, रायबरेली, बाराबंकी से रामनगरी अयोध्या में रविवार को कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों कांवरियां भक्तों के रेले से सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गईं।
कांवरियों की टोलियां उमड़ीं तो मुख्य मार्ग पर मेले जैसा माहौल रहा। हनुमानगढ़ी चौराहे के आसपास कांवरियों के वाहनों के लंबी कतारों से मार्ग पर जाम लगा रहा। मुख्य मार्ग पर ही वाहनों के पार्किंग से लगने वाले जाम से पुलिस की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था का दावा फुस्स होता रहा।
कांवरियों के भारी हुजूम से लखनऊ-गोरखपुर फोर लेन मार्ग पर यातायात ठप हो गया है। पुलिस ने जाम के झाम से बचने व यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए जिले की सीमा से लगे पड़ोसी जिले से भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया है। रोडवेज व निजी वाहनों को ही जिले में प्रवेश दिया जा रहा है।
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सावन मास में 28 जुलाई से दो अगस्त तक यहां आस-पास के जिलों से वहां के शिवमंदिरों पर लगने वाले मेलों में जलाभिषेक के लिए यहां सरयू से कांवरिये जल ले जाते हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पहले ही पांच प्वाइंट पर जिले की सीमाओं पर यातायात डायवर्जन की रणनीति बनाई थी।
कप्तानगंज में जिला जज की गाड़ी पर कांवरियों के हमले समेत हुई घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन सुबह से सतर्क नजर आया। पैदल समेत हजारों बाइकों से कांवरिए रामनगरी पहुंच रहे हैं। इससे गोरखपुर-लखनऊ हाइवे को बंद कर दिया गया है।
छह एसी बसों समेत दर्जनों बसों को गोरखपुर-बस्ती-देवरिया-सोनौली न भेजकर फैजाबाद रोडवेज से ही वापस कर दिया गया हैै। यही हाल गोंडा, बहराइच, बलरामपुर रूट का भी रहा। हाइवे पर ट्रकों को जिले की सीमा पर ही बैरियर लगाकर रोका गया है, इससे कई जगह जाम के हालात हैं। यात्रियों का बुरा हाल है। जिला प्रशासन का कहना है कि सोमवार के बाद ही कांवरियों की भीड़ घटेगी, तो हाइवे खोला जाएगा।
सावन मास के दूसरे सोमवार व तेरस पर्व को लेकर बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, रायबरेली, बाराबंकी बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती आदि जिलों से रामनगरी में आकर जलाभिषेक के लिए सरयू से जल लेने को कांवरियों का हुजूम उमड़ा।
भोर से ही कांवरियां भक्तों की टोलियां दो पहिया व चार पहिया वाहनों से सरयू तट से लेकर प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुटने लगे। स्थिति यह रही कि सुबह के आठ बजते-बजते सरयू के स्नानघाट से दंत धावन कुंड तिराहे तक का मुख्य मार्ग केसरिया रंग से सराबोर रहा।
कांवरियों की टोलियां अपने दो पहिया वाहन श्रृंगारहाट से हनुमान गढ़ी चौराहे के आसपास मुख्य मार्ग पर ही दुकानों व घरों के सामने पार्क कर मंदिरों में दर्शन-पूजन को जाते रहे। इस कारण मुख्य मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा।
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कांवरियों की टोलियां उमड़ीं तो मुख्य मार्ग पर मेले जैसा माहौल रहा। हनुमानगढ़ी चौराहे के आसपास कांवरियों के वाहनों के लंबी कतारों से मार्ग पर जाम लगा रहा। मुख्य मार्ग पर ही वाहनों के पार्किंग से लगने वाले जाम से पुलिस की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था का दावा फुस्स होता रहा।
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कांवरियों के भारी हुजूम से लखनऊ-गोरखपुर फोर लेन मार्ग पर यातायात ठप हो गया है। पुलिस ने जाम के झाम से बचने व यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए जिले की सीमा से लगे पड़ोसी जिले से भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया है। रोडवेज व निजी वाहनों को ही जिले में प्रवेश दिया जा रहा है।
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सावन मास में 28 जुलाई से दो अगस्त तक यहां आस-पास के जिलों से वहां के शिवमंदिरों पर लगने वाले मेलों में जलाभिषेक के लिए यहां सरयू से कांवरिये जल ले जाते हैं। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पहले ही पांच प्वाइंट पर जिले की सीमाओं पर यातायात डायवर्जन की रणनीति बनाई थी।
कप्तानगंज में जिला जज की गाड़ी पर कांवरियों के हमले समेत हुई घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन सुबह से सतर्क नजर आया। पैदल समेत हजारों बाइकों से कांवरिए रामनगरी पहुंच रहे हैं। इससे गोरखपुर-लखनऊ हाइवे को बंद कर दिया गया है।
छह एसी बसों समेत दर्जनों बसों को गोरखपुर-बस्ती-देवरिया-सोनौली न भेजकर फैजाबाद रोडवेज से ही वापस कर दिया गया हैै। यही हाल गोंडा, बहराइच, बलरामपुर रूट का भी रहा। हाइवे पर ट्रकों को जिले की सीमा पर ही बैरियर लगाकर रोका गया है, इससे कई जगह जाम के हालात हैं। यात्रियों का बुरा हाल है। जिला प्रशासन का कहना है कि सोमवार के बाद ही कांवरियों की भीड़ घटेगी, तो हाइवे खोला जाएगा।
सावन मास के दूसरे सोमवार व तेरस पर्व को लेकर बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, रायबरेली, बाराबंकी बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती आदि जिलों से रामनगरी में आकर जलाभिषेक के लिए सरयू से जल लेने को कांवरियों का हुजूम उमड़ा।
भोर से ही कांवरियां भक्तों की टोलियां दो पहिया व चार पहिया वाहनों से सरयू तट से लेकर प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुटने लगे। स्थिति यह रही कि सुबह के आठ बजते-बजते सरयू के स्नानघाट से दंत धावन कुंड तिराहे तक का मुख्य मार्ग केसरिया रंग से सराबोर रहा।
कांवरियों की टोलियां अपने दो पहिया वाहन श्रृंगारहाट से हनुमान गढ़ी चौराहे के आसपास मुख्य मार्ग पर ही दुकानों व घरों के सामने पार्क कर मंदिरों में दर्शन-पूजन को जाते रहे। इस कारण मुख्य मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा।