{"_id":"42dfaea083cddf367cb678b2831442a6","slug":"iti-bans-on-corruption-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईटीआई में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगे रोक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईटीआई में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगे रोक
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को एडीएम प्रशासन चतुर्भुज गुप्त से मुलाकात कर डीएम को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें राजकीय आईटीआई बेनीगंज में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य के संरक्षण में संस्थान में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा कि 16 दिसंबर 2015 को आईटीआई में कुछ शीशम के पेड़ गिर गए थे।
इन्हें अवैध रूप से कई टुकड़ों में काटकर ट्रक द्वारा ले जाने का प्रयास हुआ लेकिन कर्मचारियों के विरोध से सफल नहीं हो सका था। प्रधानाचार्य द्वारा जिले में स्थित निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की प्रयोगात्मक परीक्षा में उन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया।
विज्ञापन
इनकी एक शिफ्ट की उपकरणों की क्षमता 50 बच्चों की थी लेकिन उन विद्यालयों में 500 से लेकर 1000 बच्चों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराई गई। मनीष पांडेय, रवि मौर्य, विमल श्रीवास्तव, कुलदीप पांडेय, सत्यप्रकाश तिवारी आदि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आईटीआई में हो रही अनियमितता की जांच व कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य के संरक्षण में संस्थान में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा कि 16 दिसंबर 2015 को आईटीआई में कुछ शीशम के पेड़ गिर गए थे।
विज्ञापन
इन्हें अवैध रूप से कई टुकड़ों में काटकर ट्रक द्वारा ले जाने का प्रयास हुआ लेकिन कर्मचारियों के विरोध से सफल नहीं हो सका था। प्रधानाचार्य द्वारा जिले में स्थित निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की प्रयोगात्मक परीक्षा में उन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया।
विज्ञापन
इनकी एक शिफ्ट की उपकरणों की क्षमता 50 बच्चों की थी लेकिन उन विद्यालयों में 500 से लेकर 1000 बच्चों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराई गई। मनीष पांडेय, रवि मौर्य, विमल श्रीवास्तव, कुलदीप पांडेय, सत्यप्रकाश तिवारी आदि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आईटीआई में हो रही अनियमितता की जांच व कार्रवाई की मांग की है।