{"_id":"570403984f1c1b2833c813bb","slug":"it-would-be-better-to-issue-fatwa-against-terrorism","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘अच्छा होता आतंकवाद के खिलाफ जारी करते फतवा’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘अच्छा होता आतंकवाद के खिलाफ जारी करते फतवा’
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
समारोह में बोलतीं केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि दारूल उलूम देवबंद को भारत माता की जय के नारे लगाने वालों के खिलाफ फतवा जारी करने के बजाय अच्छा होता आतंकवाद के खिलाफ फ तवा जारी करते।
साध्वी ने सपा और बसपा को चोर-चोर मौसेरे भाई कहकर आलोचना की। वह मंगलवार को सिविल लाइंस के निषाद भवन में महर्षि कश्यप जयंती पर हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। साध्वी ने कहा कि देवबंद में भारत माता की जय न बोलने के लिए तो मुस्लिम मजहबी नेता फतवे जारी करते हैं, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ नहीं।
यदि वे आतंकवाद के खिलाफ भी फतवा जारी करते तो मैं उसका स्वागत करती। आतंकवाद आज एक वैश्विक चुनौती है। कहा कि देवबंद को देश के बाहर जो अरब में रहने वाले मुसलमान बंधु हैं, उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। वे भारत माता की जयकार लगा रहे है।
विज्ञापन
साध्वी ने कहा कि मोदी का सउदी में न सिर्फ स्वागत हुआ बल्कि प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान भी मिला है, जबकि देश के कुछ लोग उनकी मुस्लिम विरोधी छवि गढ़ते नहीं अघाते। उन्होंने कहा कि हाल ही में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में देश विरोधी नारे लगाए गए और यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के बाद से देश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली पार्टी के नेताओं ने जेएनयू जाकर उन लोगों का पक्ष लिया।
उन्होंने शहीद भगत की तुलना कन्हैया से करने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि इस प्रकार की बातों से शहीदों का अपमान होता है। उन्होंने निषाद समाज को उसके गौरव की याद दिलाते हुए कहा कि अंग्रेजों को नौका में बिठा कर बीच धार में डुबोने का काम किया।
उन्होंने निषाद- मंझवारों को अनुसूचित जाति में शामिल कराने का आश्वासन नहीं दिया। कहा कि कानूनी दांवपेच पर सोचना पड़ेगा। इसके लिए राज्यसभा में बहुमत होना जरूरी है। यूपी से राज्यसभा में तादात बढ़ाइए, तभी उनकी मांगे पूरी होंगी।
कार्यक्रम में भाजपा सांसद लल्लू सिंह, मंत्री तेज नारायन पांडेय ‘पवन’, हरिकिशन निषाद, अभय सिंह, डॉ. नानक शरण, सियाराम निषाद, दिग्विजय निषाद आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के पूर्व शहर में शोभा यात्रा भी निकली।
विज्ञापन
साध्वी ने सपा और बसपा को चोर-चोर मौसेरे भाई कहकर आलोचना की। वह मंगलवार को सिविल लाइंस के निषाद भवन में महर्षि कश्यप जयंती पर हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। साध्वी ने कहा कि देवबंद में भारत माता की जय न बोलने के लिए तो मुस्लिम मजहबी नेता फतवे जारी करते हैं, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ नहीं।
विज्ञापन
यदि वे आतंकवाद के खिलाफ भी फतवा जारी करते तो मैं उसका स्वागत करती। आतंकवाद आज एक वैश्विक चुनौती है। कहा कि देवबंद को देश के बाहर जो अरब में रहने वाले मुसलमान बंधु हैं, उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। वे भारत माता की जयकार लगा रहे है।
विज्ञापन
साध्वी ने कहा कि मोदी का सउदी में न सिर्फ स्वागत हुआ बल्कि प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान भी मिला है, जबकि देश के कुछ लोग उनकी मुस्लिम विरोधी छवि गढ़ते नहीं अघाते। उन्होंने कहा कि हाल ही में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में देश विरोधी नारे लगाए गए और यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के बाद से देश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली पार्टी के नेताओं ने जेएनयू जाकर उन लोगों का पक्ष लिया।
उन्होंने शहीद भगत की तुलना कन्हैया से करने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि इस प्रकार की बातों से शहीदों का अपमान होता है। उन्होंने निषाद समाज को उसके गौरव की याद दिलाते हुए कहा कि अंग्रेजों को नौका में बिठा कर बीच धार में डुबोने का काम किया।
उन्होंने निषाद- मंझवारों को अनुसूचित जाति में शामिल कराने का आश्वासन नहीं दिया। कहा कि कानूनी दांवपेच पर सोचना पड़ेगा। इसके लिए राज्यसभा में बहुमत होना जरूरी है। यूपी से राज्यसभा में तादात बढ़ाइए, तभी उनकी मांगे पूरी होंगी।
कार्यक्रम में भाजपा सांसद लल्लू सिंह, मंत्री तेज नारायन पांडेय ‘पवन’, हरिकिशन निषाद, अभय सिंह, डॉ. नानक शरण, सियाराम निषाद, दिग्विजय निषाद आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के पूर्व शहर में शोभा यात्रा भी निकली।