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तेंदुए की आमद से दहशत, गश्त कर रहे दरोगा को दिखा तेंदुआ
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अयोध्या। रुदौली वन क्षेत्र में 10 साल बाद एक बार फिर तेंदुए की आमद से ग्रामीण दहशत में हैं। गुरुवार रात गश्त कर रहे दरोगा के बाद शुक्रवार सुबह मवई ब्लॉक के शिवधारी का पुरवा के जंगल में ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा। इसने दो दिन पूर्व गांव के निकट ग्राम हंसराजपुर के जंगल में एक हिरन तथा दो बकरी का शिकार किया था। तेंदुआ के पग चिह्न को देख उसे पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने हंसराजपुर के जंगल में पिंजरा लगा दिया है।
वन विभाग की टीम ने जंगल में तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए लगभग 20 किलोमीटर के लंगल में कॉम्बिंग शुरू कर दी। तेंदुए के पगचिह्न ग्राम सिगदारी का पुरवा में पाए गए हैं। मवई थाने के उप निरीक्षक कर्मवीर सिंह ने बताया कि गुरुवार देर रात गश्त से वापस आते समय कोटवा के जंगल सड़क पर दक्षिण की तरफ जंगल से निकल कर एक तेंदुआ अचानक उनकी गाड़ी के सामने आ गया था।
इस पर उन्होंने बाइक से गश्त कर रहे सुरक्षाकर्मियों को सचेत भी किया था। वहीं जंगल के आसपास एक दर्जन से अधिक परिषदीय प्राइमरी व जूनियर विद्यालय स्थापित हैं। 10 फरवरी से शासन ने सभी जूनियर विद्यालयों को खोलने का आदेश जारी कर दिया है, लेकिन तेंदुए के भय ये अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।
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ग्रामीण भी रात में जागने को मजबूर हैं। ग्रामीण रामकुमार, हरिप्रसाद, गंगाप्रसाद व राजितराम आदि ने बताया कि तेंदुआ सिपहिया व कोटवा जंगल के आसपास है। बताते चलें कि इसके पहले वर्ष 2010 में इसी जंगल में कहीं से भटककर एक बाघिन आ गई थी, उसने एक माह के अंदर दो व्यक्तियों सहित दर्जनों जानवरों को अपना निवाला बनाया था।
बाद में कुमारगंज रेंज में हैदराबाद से बुलाए गए प्रशिक्षित शूटर नवाब शफात अली ने उसको मार गिराया था। वन क्षेत्राधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा लगा दिया गया है। एक और पिंजरा मंगाया गया है। बताया कि एक टीम हंसराजपुर के जंगल में तथा दूसरी टीम कोटवा के जंगल में लगाई गयी है जो तेंदुए की खोज कर रही है।
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वन विभाग की टीम ने जंगल में तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए लगभग 20 किलोमीटर के लंगल में कॉम्बिंग शुरू कर दी। तेंदुए के पगचिह्न ग्राम सिगदारी का पुरवा में पाए गए हैं। मवई थाने के उप निरीक्षक कर्मवीर सिंह ने बताया कि गुरुवार देर रात गश्त से वापस आते समय कोटवा के जंगल सड़क पर दक्षिण की तरफ जंगल से निकल कर एक तेंदुआ अचानक उनकी गाड़ी के सामने आ गया था।
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इस पर उन्होंने बाइक से गश्त कर रहे सुरक्षाकर्मियों को सचेत भी किया था। वहीं जंगल के आसपास एक दर्जन से अधिक परिषदीय प्राइमरी व जूनियर विद्यालय स्थापित हैं। 10 फरवरी से शासन ने सभी जूनियर विद्यालयों को खोलने का आदेश जारी कर दिया है, लेकिन तेंदुए के भय ये अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।
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ग्रामीण भी रात में जागने को मजबूर हैं। ग्रामीण रामकुमार, हरिप्रसाद, गंगाप्रसाद व राजितराम आदि ने बताया कि तेंदुआ सिपहिया व कोटवा जंगल के आसपास है। बताते चलें कि इसके पहले वर्ष 2010 में इसी जंगल में कहीं से भटककर एक बाघिन आ गई थी, उसने एक माह के अंदर दो व्यक्तियों सहित दर्जनों जानवरों को अपना निवाला बनाया था।
बाद में कुमारगंज रेंज में हैदराबाद से बुलाए गए प्रशिक्षित शूटर नवाब शफात अली ने उसको मार गिराया था। वन क्षेत्राधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा लगा दिया गया है। एक और पिंजरा मंगाया गया है। बताया कि एक टीम हंसराजपुर के जंगल में तथा दूसरी टीम कोटवा के जंगल में लगाई गयी है जो तेंदुए की खोज कर रही है।