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विवादित ढांचा मैंने तोड़ा और तोड़वाया : वेदांती
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 21 Apr 2017 11:53 PM IST
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अयोध्या। विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य व पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती ने दावा किया कि छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा उन्होंने ही तोड़ा और तोड़वाया था। लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती जैसे नेता तो कारसेवकों को रोक रहे थे।
वेदांती ने शुक्रवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत केदौरान यह दावा किया। गौरतलब है कि सुप्रीमकोर्ट ने हाल ही में आडवाणी, जोशी समेत 13 नेताओं पर ढांचा गिराने की साजिश रचने का केस चलाए जाने के लिए सीबीआई को इजाजत दी है।
वेदांती ने कहा कि छह दिसंबर 1992 को आडवाणी, जोशी, राजमाता विजया राजे सिंधिया, उमा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता कारसेवकों को विवादित ढांचे से नीचे उतर आने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन मैं कारसेवकों को ढांचा ढहाने के लिए उत्साहित कर रहा था।
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उन्होंने कहा, ‘मैंने ढांचा तोड़ा और तोड़वाया है। इसके लिए यदि कोर्ट फांसी भी दे तो मैं तयार हूं।’ उन्होंने भारत सरकार से 67.77 एकड़ अधिग्रहीत जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंपने की भी मांग की। ताकि इस पर राम मंदिर निर्माण शुरू किया जा सके।
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वेदांती ने शुक्रवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत केदौरान यह दावा किया। गौरतलब है कि सुप्रीमकोर्ट ने हाल ही में आडवाणी, जोशी समेत 13 नेताओं पर ढांचा गिराने की साजिश रचने का केस चलाए जाने के लिए सीबीआई को इजाजत दी है।
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वेदांती ने कहा कि छह दिसंबर 1992 को आडवाणी, जोशी, राजमाता विजया राजे सिंधिया, उमा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता कारसेवकों को विवादित ढांचे से नीचे उतर आने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन मैं कारसेवकों को ढांचा ढहाने के लिए उत्साहित कर रहा था।
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उन्होंने कहा, ‘मैंने ढांचा तोड़ा और तोड़वाया है। इसके लिए यदि कोर्ट फांसी भी दे तो मैं तयार हूं।’ उन्होंने भारत सरकार से 67.77 एकड़ अधिग्रहीत जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंपने की भी मांग की। ताकि इस पर राम मंदिर निर्माण शुरू किया जा सके।