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कम पैसे में बच्चों को कैसे दूध पिलाएं शिक्षक
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2015 10:53 PM IST
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परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की जान सांसत में है। शासन ने एमडीएम योजना में बुधवार को कोफ्ता व चावल के साथ ही गरम दूध परोसने के आदेश दिए हैं। पर इसके एवज में शासन स्तर से कोई बजट आवंटित नहीं किया गया है। हालांकि शिक्षकों को फरमान जरूर जारी हो गया है। इन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कंवर्जन कॉस्ट मद से धनराशि का इस्तेमाल करने को कहा गया है। पर आश्चर्यजनक तथ्य है कि एक बच्चे पर दूध के मुकाबले बहुत कम रुपया मिलता है। ऐसे में यह कार्य कैसे संभव होगा।
विद्यालयों के एमडीएम खाते में प्राइमरी स्कूल के एक बच्चे पर तीन रुपया 59 पैसा व जूनियर हाईस्कूल के एक बच्चे पर पांच रुपया 68 पैसा कंवर्जन कॉस्ट के रूप में आता है। जबकि दो सौ मिलीलीटर दूध की कीमत सात रुपए से ज्यादा है। सोहावल के जूनियर हाईस्कूल ड्योढ़ी के प्रधानाध्यापक ज्ञानस्वरूप सिंह ने कहा कि पराग डेयरी का दो सौ मिली. का पाउच सात रुपये में आता है।
कनवर्जन कास्ट से खिलाने का निर्देश दिया गया है। जब अतिरिक्त धनावंटन ही नहीं हुआ तो कैसे दूध और कोफ्ता पिलाया-खिलाया जाएगा। कहा कि शिक्षकों को अपनी जेंब से खर्च करना पड़ेगा। यह बात दीगर है कि बाद में भुगतान तो होगा ही। अमानीगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमपुर के प्रधानाध्यापक डा. विवेक ने कहा कि ग्राम प्रधान ने दूध की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है।
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अभी तो एमडीएम प्राधिकरण की ओर से अतिरिक्त धनावंटन नहीं किया गया है, इसलिए खुद से व्यवस्था करना होगा। बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कहा कि कनवर्जन कास्ट से दूध क्रय करने को कहा गया है। हर विद्यालय के एमडीएम खाते में कनवर्जन कास्ट मद में धन रहता है। बाद में उसका एडजेस्टमेंट होगा।
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विद्यालयों के एमडीएम खाते में प्राइमरी स्कूल के एक बच्चे पर तीन रुपया 59 पैसा व जूनियर हाईस्कूल के एक बच्चे पर पांच रुपया 68 पैसा कंवर्जन कॉस्ट के रूप में आता है। जबकि दो सौ मिलीलीटर दूध की कीमत सात रुपए से ज्यादा है। सोहावल के जूनियर हाईस्कूल ड्योढ़ी के प्रधानाध्यापक ज्ञानस्वरूप सिंह ने कहा कि पराग डेयरी का दो सौ मिली. का पाउच सात रुपये में आता है।
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कनवर्जन कास्ट से खिलाने का निर्देश दिया गया है। जब अतिरिक्त धनावंटन ही नहीं हुआ तो कैसे दूध और कोफ्ता पिलाया-खिलाया जाएगा। कहा कि शिक्षकों को अपनी जेंब से खर्च करना पड़ेगा। यह बात दीगर है कि बाद में भुगतान तो होगा ही। अमानीगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमपुर के प्रधानाध्यापक डा. विवेक ने कहा कि ग्राम प्रधान ने दूध की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है।
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अभी तो एमडीएम प्राधिकरण की ओर से अतिरिक्त धनावंटन नहीं किया गया है, इसलिए खुद से व्यवस्था करना होगा। बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कहा कि कनवर्जन कास्ट से दूध क्रय करने को कहा गया है। हर विद्यालय के एमडीएम खाते में कनवर्जन कास्ट मद में धन रहता है। बाद में उसका एडजेस्टमेंट होगा।