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दिव्यांगों की मदद करना ही ईश्वर की सेवा
फैजाबाद
Updated Thu, 02 Mar 2017 10:46 PM IST
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अयोध्या में मंद-बुद्धि छात्र-छात्राओं के साथ डाॅ.रानी अवस्थी।
- फोटो : अमर उजाला
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कुछ चंद शख्सियतें ऐसी होती हैं जो अपने कार्य, व्यवहार व संस्कार से समाज में पहचान बना लेती हैं। ये वो चंद लोग होते हैं जो समाज में कुछ अलग करने व सामाजिक सरोकारों को जीवंतता प्रदान करने में अपना जीवन समर्पित कर देते हैं। रामनगरी में दिव्यांगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरती, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जाग्रत करने वाली एक शख्सियत हैं डॉ. रानी अवस्थी है। दिव्यागों की सेवा को ईश्वर की सेवा मानती हैं।
अपने काम से सामाजिक बदलाव लाने वाली डॉ. रानी अवस्थी अब किसी परिचय की मोहताज नहीं है। मंद बुद्धि व मूक बधिरों का भविष्य सवांरना अपने जीवन का लक्ष्य बना चुकीं डॉ. रानी अवस्थी 30 से अधिक पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं, जिसमें से तीन राज्यस्तरीय है।
कहती हैं कि इस काम में पहले तमाम बाधाएं आईं, लेकिन हमने हमेशा अपने संकल्प पर भरोसा किया। आज भी महिलाएं जो कुछ भी ठान लें तो उसे पूरा कर सकती हैं। अब दिव्यागों का पालन पोषण कर अपने को गौरवान्वित महसूस करती हैं।
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अपने काम से सामाजिक बदलाव लाने वाली डॉ. रानी अवस्थी अब किसी परिचय की मोहताज नहीं है। मंद बुद्धि व मूक बधिरों का भविष्य सवांरना अपने जीवन का लक्ष्य बना चुकीं डॉ. रानी अवस्थी 30 से अधिक पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं, जिसमें से तीन राज्यस्तरीय है।
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कहती हैं कि इस काम में पहले तमाम बाधाएं आईं, लेकिन हमने हमेशा अपने संकल्प पर भरोसा किया। आज भी महिलाएं जो कुछ भी ठान लें तो उसे पूरा कर सकती हैं। अब दिव्यागों का पालन पोषण कर अपने को गौरवान्वित महसूस करती हैं।
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