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मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुई कोरोना संदिग्ध
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अयोध्या। राजस्थान से आई एक युवती में कोरोना वायरस से मिलते-जुलते लक्षण नजर आने पर बुधवार देर रात उसे राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वह चार दिन पहले ही राजस्थान से लौटी थी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग निमोनिया मानते हुए उसका इलाज कर रहा है। डॉक्टर तीन दिन की निगरानी के बाद ही कोरोना की जांच कराने की बात कह रहा है। मामले की भनक लगते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
बीकापुर क्षेत्र की एक युवती (25) चार दिन पूर्व परिवार के साथ राजस्थान में किसी तीर्थ स्थल के दर्शन कर वापस आई थी। घर पहुंचने पर स्नान के बाद उसे तेज बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही निमोनिया की समस्या हुई।
स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बाद परिवारीजन बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे उसे लेकर राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। लक्षणों को देखकर एक बारगी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। एहतियात के तौर पर बर्न यूनिट में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है।
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चिकित्सकों के अनुसार रात भर चले इलाज के उपरांत सुबह मरीज की स्थिति सामान्य है। प्रथम दृष्टया निमोनिया की आशंका में मरीज का एक्सरे के साथ ही इससे जुड़ी अन्य जांचें कराई गईं, जिसमें निमोनिया की ही पुष्टि हुई। इसलिए दोपहर बाद मरीज को आइसोलेशन वार्ड से निकालकर निगरानी वार्ड में भर्ती किया गया है।
मरीज का इलाज कर रहे डॉ. पीयूष गुप्ता ने बताया कि जांच के बाद मरीज में निमोनिया की पुष्टि हुई है। अभी कोरोना संक्रमण नहीं कहा जा सकता है। मरीज की हिस्ट्री व लक्षण भी कोरोना के संक्रमण से मिलता-जुलता प्रतीत नहीं हो रहा है। मरीज की हालत भी बेहतर प्रतीत हो रही है। इसलिए निगरानी की जा रही है। हालत में सुधार होने के उपरांत उसे डिस्चार्ज किया जाएगा।
वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि मरीज विदेश यात्रा से नहीं लौटी है। वह परिवार के साथ यात्रा पर गई थी, परिवार के किसी अन्य सदस्य को कोई दिक्कत नहीं हुई। इन दिनों वैसे ही वायरल सीजन चल रहा है। सर्दी, जुकाम व निमोनिया के लक्षण प्रतीत होने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। दो दिन तक निगरानी के उपरांत आराम न होने पर कोरोना जांच के लिए नमूना भेजा जाएगा। फिलहाल अभी ऐसी स्थिति प्रतीत नहीं हो रही है।
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बीकापुर क्षेत्र की एक युवती (25) चार दिन पूर्व परिवार के साथ राजस्थान में किसी तीर्थ स्थल के दर्शन कर वापस आई थी। घर पहुंचने पर स्नान के बाद उसे तेज बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही निमोनिया की समस्या हुई।
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स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बाद परिवारीजन बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे उसे लेकर राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। लक्षणों को देखकर एक बारगी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। एहतियात के तौर पर बर्न यूनिट में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है।
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चिकित्सकों के अनुसार रात भर चले इलाज के उपरांत सुबह मरीज की स्थिति सामान्य है। प्रथम दृष्टया निमोनिया की आशंका में मरीज का एक्सरे के साथ ही इससे जुड़ी अन्य जांचें कराई गईं, जिसमें निमोनिया की ही पुष्टि हुई। इसलिए दोपहर बाद मरीज को आइसोलेशन वार्ड से निकालकर निगरानी वार्ड में भर्ती किया गया है।
मरीज का इलाज कर रहे डॉ. पीयूष गुप्ता ने बताया कि जांच के बाद मरीज में निमोनिया की पुष्टि हुई है। अभी कोरोना संक्रमण नहीं कहा जा सकता है। मरीज की हिस्ट्री व लक्षण भी कोरोना के संक्रमण से मिलता-जुलता प्रतीत नहीं हो रहा है। मरीज की हालत भी बेहतर प्रतीत हो रही है। इसलिए निगरानी की जा रही है। हालत में सुधार होने के उपरांत उसे डिस्चार्ज किया जाएगा।
वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि मरीज विदेश यात्रा से नहीं लौटी है। वह परिवार के साथ यात्रा पर गई थी, परिवार के किसी अन्य सदस्य को कोई दिक्कत नहीं हुई। इन दिनों वैसे ही वायरल सीजन चल रहा है। सर्दी, जुकाम व निमोनिया के लक्षण प्रतीत होने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। दो दिन तक निगरानी के उपरांत आराम न होने पर कोरोना जांच के लिए नमूना भेजा जाएगा। फिलहाल अभी ऐसी स्थिति प्रतीत नहीं हो रही है।