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उद्घाटन के इंतजार में गुमनामी बाबा के सामानों की प्रदर्शनी

Tue, 14 Jan 2020 12:10 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jan 2020 12:10 AM IST
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gumnami baba
अयोध्या ः दीर्घा में सजकर तैयार गुमनामी बाबा के सामान। - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में रखे गए गुमनामी बाबा के सामान की प्रदर्शनी दो वर्षों से उद्घाटन के इंतजार में हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ पीठ की ओर से 31 जनवरी 2013 में दिए गए आदेश के क्रम में गुमनामी बाबा उर्फ भगवन जी के सामानों की लगाई गई प्रदर्शनी के खुलने की आस धूमिल होती जा रही है।
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यह प्रदर्शनी तत्कालीन प्रदेश सरकार के निर्देश पर अयोध्या के सरयू तट पर स्थित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय की दो अलग-अलग वीथिकाओं में लगाई गई है। गुमनामी बाबा के प्रदर्शयोग्य सामानों को उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से गठित तकनीकि समिति एवं जिलाधिकारी फैजाबाद की ओर से गठित शासकीय समिति के संयुक्त सहयोग से चयनित कर सात अप्रैल 2016 में संग्रहालय में रखा गया था।
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गुमनामी बाबा के सामानों की प्रदर्शनी जनवरी 2018 में ही खुलनी थी, लेकिन आज तक इसका शुभारंभ नहीं हुआ। 1 जनवरी 2018 को इसका लोकार्पण होना था, लेकिन नहीं हो सका। कुछ दिन बाद एलान किया गया कि 24 जनवरी उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से दीर्घा का लोकार्पण करेंगे, लेकिन यह एलान भी अधर में लटक गया।
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तब से अब तक दो साल बीत चुके हैं। रामकथा संग्रहालय में दो आर्ट गैलरियों में गुमनामी बाबा के सामानों की दीर्घा सजकर तैयार है बावजूद इसके उद्घाटन के इंतजार में अब तक यह प्रदर्शनी जनता के सामने नहीं आ सकी है। गुमनामी बाबा सिविल लाइन स्थित ठाकुर गुरुदत्त सिंह की कोठी राजभवन में गोपनीय रूप से रहे थे।
16 सितंबर 1985 को उनके निधन के बाद उनके कमरे से जो मिला वह अचंभित कर देने वाला था। बाबा के कमरे से मिली कई सामान उनके खास होने की कहानियां बयां कर रहीं थी। इसी के बाद यह बात चर्चा में आई कि गुमनामी बाबा ही नेता जी थे।
हालांकि हाईकोर्ट के ही आदेश से गठित जस्टिस विष्णु सहाय आयोग की रिर्पोट को उत्तरप्रदेश विधानसभा में पेश कर यह बताने की गुमनामी बाबा नेता जी नहीं थे इस चर्चा पर भी विराम लग गया। रामकथा संग्रहालय के निदेशक योगेश कुमार बताते हैं कि गुमनामी बाबा के सामानों की दीर्घा पूरी तरह से तैयार है। शासन का निर्देश मिलते ही सामानों की प्रदर्शनी जनता के लिए खोल दी जाएगी।

वीथिकाओं में सुरक्षित हैं 425 सामान
अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में बाबा के नाम की दो दीर्घा सजकर तैयार है। 60 गुणे 40 फीट की दो दीर्घा में 24 शोकेस संयोजित किए गए हैं। इसमें बाबा की 425 वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। इन वस्तुओं में अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत व बंगला भाषा की तीन सौ से अधिक पुस्तकें, विदेशी दूरबीन, टाइप राइटर, चश्मा, घड़ी, सिगार और सिगरेट पाइप, ग्रामोफोन रिकार्ड, रिकार्ड प्लेयर, टेप रिकार्डर, दस्ताना, करेंसी, सिक्के, पूजन सामग्री, माला, कमंडल, बर्तन आदि शामिल हैं।
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