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रामराज्याभिषेक यात्रा में दिखेगी लोकसंस्कृति की झलक
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अयोध्या। दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम पर तीन नवंबर को साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक भव्य श्रीरामराज्याभिषेक यात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में लोक संस्कृति की झलक दिखेगी।
विभिन्न प्रांतों के 500 कलाकार अपनी कला का हुनर दिखाएंगे। साकेत महाविद्यालय से रामकथा के 11 प्रसंगों पर आधारित झांकी आकर्षण का केंद्र होगी।
साकेत महाविद्यालय में आजकल श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा के लिए रामकथा के अलग-अलग प्रसंगों के हिसाब से 11 झांकियां तैयार की जा रही है।
शबरी-राममिलन, पुत्रेष्टि यज्ञ, अहिल्या उद्धार, गुरुकुल शिक्षा, राम सीता विवाह, पंचवटी, सेतुबंध, रामेश्वरम की स्थापना, केवट प्रसंग, रामदरबार/रामराज्याभिषेक, पुष्पक विमान व लंका दहन की झांकी को सजाने का काम कारीगर कर रहे हैं।
झांकी में सबसे आगे रामदरबार की झांकी रहेगी। हर झांकी के जरिए एक सामाजिक संदेश भी देने की योजना है। इसके अलावा शोभायात्रा में विभिन्न प्रांतों के लोक कलाकार कई कार्यक्रम प्रस्तुत करते चलेंगे।
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प्रयागराज के कलाकार ढेढिया नृत्य, लखनऊ के कलाकार लोक नृत्य, बांदा का पाईडंडा, आजमगढ़ का धोबिया नृत्य, मथुरा का ब्रज नृत्य आकर्षण का केंद्र होगा।
नागपुर का ढोल वादन, झांकी का राई, हरियाणा का बीन जोगी नृत्य सहित अयोध्या के भी कलाकार बहुरूपिया, रामसेना, लोकनृत्य, फरुवाही नृत्य से अपनी कला का जलवा बिखेरेंगे।
दीपोत्सव के दौरान रामकथा पार्क सहित अयोध्याधाम के 13 स्थानों पर सांस्कृतिक मंच सजेगा। इन मंचों पर भी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। रामकथा पार्क में भजन, यक्षगान, उठो अहिल्या नाट्य प्रस्तुति की जाएगी।
भरतकुंड पर भरत मिलाप नृत्य नाटिका, रामलीला, रामभजन, गुप्तारघाट पर लोकगायन, पाई डंडा, लोक प्रस्तुति रघुवीरा, बड़ी देवकाली पर अवधी लोकनृत्य, ध्रुपद गायन, कथक नृत्य आदि, बिड़ला धर्मशाला के सामने भजन, पाईडंडा आदि की प्रस्तुति होगी।
इसी तरह हनुमानगढ़ी, रामजानकी मंदिर साहबगंज, जालपा मंदिर, साकेत महाविद्यालय, राजसदन, तुलसी उद्यान, कनकभवन व दशरथ महल पर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां दीपोत्सव की भव्यता बढ़ाएंगीं।
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विभिन्न प्रांतों के 500 कलाकार अपनी कला का हुनर दिखाएंगे। साकेत महाविद्यालय से रामकथा के 11 प्रसंगों पर आधारित झांकी आकर्षण का केंद्र होगी।
साकेत महाविद्यालय में आजकल श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा के लिए रामकथा के अलग-अलग प्रसंगों के हिसाब से 11 झांकियां तैयार की जा रही है।
शबरी-राममिलन, पुत्रेष्टि यज्ञ, अहिल्या उद्धार, गुरुकुल शिक्षा, राम सीता विवाह, पंचवटी, सेतुबंध, रामेश्वरम की स्थापना, केवट प्रसंग, रामदरबार/रामराज्याभिषेक, पुष्पक विमान व लंका दहन की झांकी को सजाने का काम कारीगर कर रहे हैं।
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झांकी में सबसे आगे रामदरबार की झांकी रहेगी। हर झांकी के जरिए एक सामाजिक संदेश भी देने की योजना है। इसके अलावा शोभायात्रा में विभिन्न प्रांतों के लोक कलाकार कई कार्यक्रम प्रस्तुत करते चलेंगे।
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प्रयागराज के कलाकार ढेढिया नृत्य, लखनऊ के कलाकार लोक नृत्य, बांदा का पाईडंडा, आजमगढ़ का धोबिया नृत्य, मथुरा का ब्रज नृत्य आकर्षण का केंद्र होगा।
नागपुर का ढोल वादन, झांकी का राई, हरियाणा का बीन जोगी नृत्य सहित अयोध्या के भी कलाकार बहुरूपिया, रामसेना, लोकनृत्य, फरुवाही नृत्य से अपनी कला का जलवा बिखेरेंगे।
दीपोत्सव के दौरान रामकथा पार्क सहित अयोध्याधाम के 13 स्थानों पर सांस्कृतिक मंच सजेगा। इन मंचों पर भी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। रामकथा पार्क में भजन, यक्षगान, उठो अहिल्या नाट्य प्रस्तुति की जाएगी।
भरतकुंड पर भरत मिलाप नृत्य नाटिका, रामलीला, रामभजन, गुप्तारघाट पर लोकगायन, पाई डंडा, लोक प्रस्तुति रघुवीरा, बड़ी देवकाली पर अवधी लोकनृत्य, ध्रुपद गायन, कथक नृत्य आदि, बिड़ला धर्मशाला के सामने भजन, पाईडंडा आदि की प्रस्तुति होगी।
इसी तरह हनुमानगढ़ी, रामजानकी मंदिर साहबगंज, जालपा मंदिर, साकेत महाविद्यालय, राजसदन, तुलसी उद्यान, कनकभवन व दशरथ महल पर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां दीपोत्सव की भव्यता बढ़ाएंगीं।