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Ayodhya News: स्वतंत्रता संग्राम का गवाह भी है रामजन्मभूमि परिसर
Sun, 13 Aug 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 13 Aug 2023 11:57 PM IST
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अयोध्या। राममंदिर का निर्माण जिस रामजन्मभूमि परिसर में हो रहा है, वह परिसर मंदिर आंदोलन के साथ स्वतंत्रता संग्राम का भी गवाह रहा है। रामजन्मभूमि परिसर स्थित कुबेर टीला आज भी स्वतंत्रता आंदोलन की गवाही दे रहा है। इसी टीले पर अंग्रेजों ने आजादी की अलख जगाने वाले अमीर अली व बाबा रामशरण दास को फांसी पर लटका दिया था।
1857 की क्रांति के दौरान ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ संघर्षरत स्थानीय हिंदुओं व मुस्लिमों ने आपसी एकता दिखाते हुए मंदिर-मस्जिद विवाद हल करने का रास्ता निकाला। मुस्लिम राममंदिर से अपना दावा छोड़ने को तैयार हो गए थे, पर योजना फलीभूत होने से पहले ही इसकी भनक अंग्रेजों को लग गई। इससे घबराए अंग्रेजों ने गदर के स्थानीय नायक बाबा रामशरण दास व अमीर अली को गिरफ्तार कर लिया। अंग्रेज यह समझ गए थे कि हिंदू-मुस्लिम आपस में सौहार्द की डोर में जुड़ गए तो फूट डालो और राज करो की उनकी नीति कामयाब नहीं हो पाएगी। अंग्रेजों ने बाबा रामशरण व अमीर अली को कुबेर टीला स्थित इमली के पेड़ पर लटकाकर फांसी दे दी। कुबेर टीला रामजन्मभूमि परिसर में स्थित है और पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक भी घोषित है। वर्तमान में राममंदिर विवाद का समाधान होने के बाद अब यह टीला श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हवाले हो गया है।
कुबेर टीला का सुंदरीकरण करा रहा ट्रस्ट
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ़ अनिल मिश्र बताते हैं कि कुबेर टीला धरोहर है, इसे सहेजा जा रहा है। इसका सुंदरीकरण कराया जा रहा है। रामजन्मभूमि परिसर आने वाले भक्तों के लिए यह आकर्षण का केंद्र है। स्वतंत्रता आंदोलन के साथ मंदिर आंदोलन की भी गवाही देता कुबेर टीला पौराणिक विरासत है। नई पीढ़ी को हमारे पूर्वजों के संघर्ष का पता चल सके इसलिए इसका सुंदरीकरण कराया जा रहा है।
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1857 की क्रांति के दौरान ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ संघर्षरत स्थानीय हिंदुओं व मुस्लिमों ने आपसी एकता दिखाते हुए मंदिर-मस्जिद विवाद हल करने का रास्ता निकाला। मुस्लिम राममंदिर से अपना दावा छोड़ने को तैयार हो गए थे, पर योजना फलीभूत होने से पहले ही इसकी भनक अंग्रेजों को लग गई। इससे घबराए अंग्रेजों ने गदर के स्थानीय नायक बाबा रामशरण दास व अमीर अली को गिरफ्तार कर लिया। अंग्रेज यह समझ गए थे कि हिंदू-मुस्लिम आपस में सौहार्द की डोर में जुड़ गए तो फूट डालो और राज करो की उनकी नीति कामयाब नहीं हो पाएगी। अंग्रेजों ने बाबा रामशरण व अमीर अली को कुबेर टीला स्थित इमली के पेड़ पर लटकाकर फांसी दे दी। कुबेर टीला रामजन्मभूमि परिसर में स्थित है और पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक भी घोषित है। वर्तमान में राममंदिर विवाद का समाधान होने के बाद अब यह टीला श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हवाले हो गया है।
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कुबेर टीला का सुंदरीकरण करा रहा ट्रस्ट
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ़ अनिल मिश्र बताते हैं कि कुबेर टीला धरोहर है, इसे सहेजा जा रहा है। इसका सुंदरीकरण कराया जा रहा है। रामजन्मभूमि परिसर आने वाले भक्तों के लिए यह आकर्षण का केंद्र है। स्वतंत्रता आंदोलन के साथ मंदिर आंदोलन की भी गवाही देता कुबेर टीला पौराणिक विरासत है। नई पीढ़ी को हमारे पूर्वजों के संघर्ष का पता चल सके इसलिए इसका सुंदरीकरण कराया जा रहा है।
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