फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Four layers of foundation of Ram mandir ready in 400 feet length, 24 hours work going on

अयोध्या: 400 फीट लंबाई में राम मंदिर के नींव की चार लेयर तैयार, 24 घंटे चल रहा काम

Mon, 31 May 2021 11:28 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 31 May 2021 11:28 PM IST
सार

राममंदिर की नींव कुल 44 लेयर में भरी जानी है। लेयर निर्माण का कार्य 24 घंटे चल रहा है। इसके लिए 12-12 घंटों के दो शिफ्टों में 50 से अधिक मजदूर व इंजीनियरों की ड्यूटी लगाई गई है। 

विज्ञापन
Four layers of foundation of Ram mandir ready in 400 feet length, 24 hours work going on
राम मंदिर निर्माण कार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राममंदिर की नींव के लिए खोदे गए लगभग 50 फीट गहरे गड्ढे को भरने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 400 फीट लंबाई और 300 फीट चौड़ाई में नींव की कुल चार लेयर तैयार हो चुकी है। जबकि पांचवीं लेयर का निर्माण कार्य चल रहा है।
विज्ञापन


राममंदिर की नींव कुल 44 लेयर में भरी जानी है। लेयर निर्माण का कार्य 24 घंटे चल रहा है। इसके लिए 12-12 घंटों के दो शिफ्टों में 50 से अधिक मजदूर व इंजीनियरों की ड्यूटी लगाई गई है। बारिश के चलते बीते दिनों कुछ काम प्रभावित हुआ था। अक्तूबर के अंत तक नींव भराई का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
विज्ञापन


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राममंदिर निर्माण की प्रगति की वास्तविक स्थिति साझा करते हुए बताया कि राममंदिर की नींव भराई के लिए लेयर निर्माण का काम तेज कर दिया गया है। 50 फीट गहराई से एक लाख 20 हजार घनफीट मलबा निकाला जा चुका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अब इस गहरे गड्ढे को भरने का काम हो रहा है। दो शिफ्टों में दिन रात काम चल रहा है। 400 फीट लंबाई व 300 फीट चौड़ाई वाले राममंदिर के गर्भगृह स्थल को भरने के लिए अब तक चार लेयर डालने का काम पूरा किया जा चुका है। पांचवीं लेयर का काम जारी है। बीते दिनों बारिश न होती तो ये काम भी अब तक पूरा हो जता। 

उन्होंने बताया कि एक लेयर ढालने से लेकर सुखाने तक में चार से पांच दिन लग जाते हैं। ऐसी कुल 44 लेयर डाली जानी है। बताया कि फिल्ड मटेरियल की एक फीट लेयर पहले बिछाई जाती है। फिर इसे रोलर के जरिए दो इंच दबाया जाता है। जब लेयर की मोटाई 10 इंच की हो जाती है तब एक लेयर तैयार हो जाती है। 

इसे आरसीसी रोलर कंपैक्ट कंक्रीट प्रणाली कहते हैं। उम्मीद है कि अक्तूबर के अंत तक नींव भराई का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी मजदूर व इंजीनियर पूरी प्रतिबद्धता से जुटे हैं। वे रामलला का कार्य कर रहे हैं इसलिए उन पर परमात्मा की विशेष कृपा है। हर दिन काम शुरू करने से पहले रामलला की पूजा जरूर की जाती है।

परकोटा निर्माण में वास्तुदोष का हो रहा निवारण 
चंपत राय ने बताया कि राममंदिर परिसर को चौरस बनाने के लिए आवश्यक जमीन खरीदी जा रही है। परकोटा निर्माण में आ रही वास्तु दोष की बाधा का निवारण किया जा रहा है। मंदिर परिसर के चारों तरफ परकोटा का निर्माण होना है। परकोटे को सीधे करने के लिए ट्रस्ट ने कौशल्या भवन व फकीरे राम मंदिर का बैनामा सहमति के आधार पर करा लिया है। 

परकोटा को चौरस बनाने के लिए अब तक जितनी जमीन की आवश्यकता थी ट्रस्ट ने उतनी जमीन खरीद ली है। अब केवल पश्चिम दिशा का कोना ठीक होना बाकी है, जल्द ही इसका भी समाधान हो जाएगा। नींव भराई का काम पूरा होने के बाद परकोटे का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed