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परीक्षकों ने नहीं दिखाई रुचि, कम जचीं कॉपियां
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:27 PM IST
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बोर्ड परीक्षा की कापियां जांचते शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य बुधवार से शहर के चार स्कूलों में शुरू हो गया। पहले दिन परीक्षकों की आमद मूल्यांकन केंद्रों पर कम रही। वैसे पहला दिन आंशिक मूल्यांकन का रहता है।
दूसरे दिन से ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गति तेज पकड़ती है। गौरतलब है कि जिले में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कुल आठ लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जीआईसी, जीजीआईसी, मनोहर लाल इंटर कालेज व फार्ब्स इंटर कॉलेज में होना है।
पहले दिन सभी उप प्रधान परीक्षकों को 10 से 20 कापियां जांचने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन परीक्षकों की मूल्यांकन केंद्रों पर कम आमद होने के कारण लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पाई।
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मूल्यांकन का प्रथम दिन होने के कारण जीजीआईसी में थोड़ी देर के लिए अव्यवस्था जैसी स्थिति रही लेकिन आधे घंटे बाद ही जो उप प्रधान परीक्षक आए थे, उन्हें उत्तर पुस्तिकाएं दी गईं।
मनोहर लाल इंटर कॉलेज में परीक्षकों को शुरुआती दौर में थोड़ी सी समस्या हुई जिसे उन्होंने केंद्राध्यक्ष अशोक त्रिपाठी को बताया। उन्होंने उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कर दिया।
जीआईसी और फार्ब्स इंटर कॉलेज में भी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य तो हुआ लेकिन धीमी गति में ही था। जीआईसी और जीजीआईसी में हाईस्कूल और फार्ब्स तथा मनोहर लाल इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है।
डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पहला दिन तो वैसे आंशिक मूल्यांकन का होता है। परीक्षक कम आए जिसके कारण लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 10 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का ही मूल्यांकन कार्य हुआ। जो भी परीक्षक मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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दूसरे दिन से ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गति तेज पकड़ती है। गौरतलब है कि जिले में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कुल आठ लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जीआईसी, जीजीआईसी, मनोहर लाल इंटर कालेज व फार्ब्स इंटर कॉलेज में होना है।
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पहले दिन सभी उप प्रधान परीक्षकों को 10 से 20 कापियां जांचने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन परीक्षकों की मूल्यांकन केंद्रों पर कम आमद होने के कारण लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पाई।
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मूल्यांकन का प्रथम दिन होने के कारण जीजीआईसी में थोड़ी देर के लिए अव्यवस्था जैसी स्थिति रही लेकिन आधे घंटे बाद ही जो उप प्रधान परीक्षक आए थे, उन्हें उत्तर पुस्तिकाएं दी गईं।
मनोहर लाल इंटर कॉलेज में परीक्षकों को शुरुआती दौर में थोड़ी सी समस्या हुई जिसे उन्होंने केंद्राध्यक्ष अशोक त्रिपाठी को बताया। उन्होंने उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कर दिया।
जीआईसी और फार्ब्स इंटर कॉलेज में भी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य तो हुआ लेकिन धीमी गति में ही था। जीआईसी और जीजीआईसी में हाईस्कूल और फार्ब्स तथा मनोहर लाल इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है।
डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पहला दिन तो वैसे आंशिक मूल्यांकन का होता है। परीक्षक कम आए जिसके कारण लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 10 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का ही मूल्यांकन कार्य हुआ। जो भी परीक्षक मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।