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प्रसूताओं की थाली से अंडा, फल व दूध गायब
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अयोध्या। महिलाओं की सेहत को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने अस्पताल में प्रसूताओं को पोषण युक्त भोजन देने का इंतजाम कराया था। लेकिन इस समय जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं को जो भोजन दिया जा रहा है उसमें अंडा, फल, दूध, ब्रेड-मक्खन जैसी सभी पोषक वस्तुएं गायब हैं।
जबकि खाने के लिए हुए टेंडर में यह सभी चीजें शामिल थीं। यही नहीं रात के नाम पर सिर्फ सब्जी रोजी दी जा रही है। मजबूरी में तीमारदार अपने मरीज का भोजन घर से लाने को विवश हैं।
इसके बावजूद कभी भी ठेकेदार का भुगतान नहीं रोका गया। सवाल यह कि मरीजों को क्या भोजन दिया जारहा है यह चेक करना किसकी जिम्मेदारी है।
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिला प्रसव से पूर्व या प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती होती है तो उसे पोषणयुक्त भोजन व नाश्ता निशुल्क देने का प्रावधान है।
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सामान्य प्रसव में दो दिन व सिजेरियन प्रसव के मामले में पांच दिन तक भोजन दिया जाना है। इसके लिए प्रति लाभार्थी इस सत्र में 90 रुपये की दर से टेंडर किया गया है।
जिला महिला अस्पताल में भी वीके इंटरप्राइजेज नाम का एक फर्म को कार्य आवंटित किया गया है। जारी आदेशानुसार महिलाओं को सुबह नाश्ता व दो टाइम का भोजन दिया जाना है।
इसके लिए भी मेन्यू निर्धारित किया गया है। लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा टेंडर में तय शर्तों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने गुरुवार को जब जिला महिला अस्पताल पहुंचकर प्रसूताओं को मिलने वाले नाश्ते व भोजन के बारे में जायजा लिया तो तमाम अनियमितताएं मिलीं।
सुबह के नाश्ते में दो दिन से चाय के साथ दलिया ही दिया गया था। दोपहर के भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल तो दिया जा रहा है, लेकिन सलाद/दही गायब है।
रात के भोजन में सिर्फ सब्जी-रोटी देकर काम चलाया जा रहा है और दाल, चावल, मौसमी फल आदि गायब है। यह नाश्ता व खाना एक-दो दिन से नहीं है, बल्कि लंबे समय से दिया जा रहा है।
इसके बावजूद अभी तक किसी भी अधिकारी ने इसका जायजा नहीं लिया। उधर, ठेकेदार विभागीय लोगों से साठगांठ करके अपना बिल प्रस्तुत कर देते हैं और भुगतान भी करा लेते हैं।
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत आवंटित किए गए नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराने के इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए भी पांच माह से विभाग के पास पैसा नहीं है। कार्यदायी संस्था को पांच माह के बिल का भुगतान नहीं हो सका है।
इंचार्ज अतीश शर्मा ने बताया कि इसकी वजह से किचन में कार्य कर रहे कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। जबकि, राशन व अन्य सामान खरीदने में भी दिक्कत आ रही है। बताया कि प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख के आसपास बिल होता है, लेकिन भुगतान न होने से समस्या हो रही है।
आशापुर दर्शननगर निवासी अंजू ने बताया कि दो दिन से भर्ती हैं। सुबह सिर्फ दलिया और चाय मिली है। रात को दाल-चावल नहीं दिया गया। हम घर से लाए थे खाना, जिसे खा लिया।
अयोध्या के रामघाट खाले का पुरवा निवासी रुपाली मंगलवार शाम से भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन से रोज सुबह नाश्ते में दलिया ही मिलता है। फल, दूध, ब्रेड आदि तो नहीं दिया गया।
बीकापुर की कंचन बुधवार से भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि अंडा, दूध, ब्रेड नहीं दिया गया। दोपहर में दाल, चावल, रोटी, सब्जी मिली थी। सलाद, दही कुछ नहीं मिला। रात को भी सब्जी-रोटी ही मिली।
शहर के बेनीगंज निवासी रजनी ने बताया कि मैं तीन दिन से भर्ती हूं। दो दिन पहले नाश्ता नहीं मिला। दो दिन से दलिया और चाय मिल रही है। एक टाइम दाल-चावल मिलता है, जिसमें दाल पतली रहती है।
मेन्यू के अनुसार यह मिलना चाहिए
नाश्ता- सुबह 07:00-08:30 बजे - एक गिलास दूध के साथ दो अंडे/दलिया/पोहा/ब्रेड चार स्लाइस व 10 ग्राम मक्खन।
भोजन- दोपहर 01:00-02:00 बजे - चार रोटी, दाल, मौसमी सब्जी, चावल व सलाद/दही
भोजन- शाम 07:00-08:30 बजे चार रोटी, मौसमी सब्जी, चावल व मौसमी फल (सेब, संतरा, केला आदि)/एक गिलास दूध।
हमारे स्तर से वेंडर चयनित किया गया है। बिल का भुगतान भी महिला अस्पताल से ही होता है। वहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी है मेन्यू के हिसाब से नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराएं। यदि ऐसा नहीं किया जा रहा है तो मामले की जांच करवाकर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. अजय राजा, सीएमओ, अयोध्या
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जबकि खाने के लिए हुए टेंडर में यह सभी चीजें शामिल थीं। यही नहीं रात के नाम पर सिर्फ सब्जी रोजी दी जा रही है। मजबूरी में तीमारदार अपने मरीज का भोजन घर से लाने को विवश हैं।
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इसके बावजूद कभी भी ठेकेदार का भुगतान नहीं रोका गया। सवाल यह कि मरीजों को क्या भोजन दिया जारहा है यह चेक करना किसकी जिम्मेदारी है।
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिला प्रसव से पूर्व या प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती होती है तो उसे पोषणयुक्त भोजन व नाश्ता निशुल्क देने का प्रावधान है।
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सामान्य प्रसव में दो दिन व सिजेरियन प्रसव के मामले में पांच दिन तक भोजन दिया जाना है। इसके लिए प्रति लाभार्थी इस सत्र में 90 रुपये की दर से टेंडर किया गया है।
जिला महिला अस्पताल में भी वीके इंटरप्राइजेज नाम का एक फर्म को कार्य आवंटित किया गया है। जारी आदेशानुसार महिलाओं को सुबह नाश्ता व दो टाइम का भोजन दिया जाना है।
इसके लिए भी मेन्यू निर्धारित किया गया है। लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा टेंडर में तय शर्तों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने गुरुवार को जब जिला महिला अस्पताल पहुंचकर प्रसूताओं को मिलने वाले नाश्ते व भोजन के बारे में जायजा लिया तो तमाम अनियमितताएं मिलीं।
सुबह के नाश्ते में दो दिन से चाय के साथ दलिया ही दिया गया था। दोपहर के भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल तो दिया जा रहा है, लेकिन सलाद/दही गायब है।
रात के भोजन में सिर्फ सब्जी-रोटी देकर काम चलाया जा रहा है और दाल, चावल, मौसमी फल आदि गायब है। यह नाश्ता व खाना एक-दो दिन से नहीं है, बल्कि लंबे समय से दिया जा रहा है।
इसके बावजूद अभी तक किसी भी अधिकारी ने इसका जायजा नहीं लिया। उधर, ठेकेदार विभागीय लोगों से साठगांठ करके अपना बिल प्रस्तुत कर देते हैं और भुगतान भी करा लेते हैं।
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत आवंटित किए गए नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराने के इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए भी पांच माह से विभाग के पास पैसा नहीं है। कार्यदायी संस्था को पांच माह के बिल का भुगतान नहीं हो सका है।
इंचार्ज अतीश शर्मा ने बताया कि इसकी वजह से किचन में कार्य कर रहे कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। जबकि, राशन व अन्य सामान खरीदने में भी दिक्कत आ रही है। बताया कि प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख के आसपास बिल होता है, लेकिन भुगतान न होने से समस्या हो रही है।
आशापुर दर्शननगर निवासी अंजू ने बताया कि दो दिन से भर्ती हैं। सुबह सिर्फ दलिया और चाय मिली है। रात को दाल-चावल नहीं दिया गया। हम घर से लाए थे खाना, जिसे खा लिया।
अयोध्या के रामघाट खाले का पुरवा निवासी रुपाली मंगलवार शाम से भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन से रोज सुबह नाश्ते में दलिया ही मिलता है। फल, दूध, ब्रेड आदि तो नहीं दिया गया।
बीकापुर की कंचन बुधवार से भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि अंडा, दूध, ब्रेड नहीं दिया गया। दोपहर में दाल, चावल, रोटी, सब्जी मिली थी। सलाद, दही कुछ नहीं मिला। रात को भी सब्जी-रोटी ही मिली।
शहर के बेनीगंज निवासी रजनी ने बताया कि मैं तीन दिन से भर्ती हूं। दो दिन पहले नाश्ता नहीं मिला। दो दिन से दलिया और चाय मिल रही है। एक टाइम दाल-चावल मिलता है, जिसमें दाल पतली रहती है।
मेन्यू के अनुसार यह मिलना चाहिए
नाश्ता- सुबह 07:00-08:30 बजे - एक गिलास दूध के साथ दो अंडे/दलिया/पोहा/ब्रेड चार स्लाइस व 10 ग्राम मक्खन।
भोजन- दोपहर 01:00-02:00 बजे - चार रोटी, दाल, मौसमी सब्जी, चावल व सलाद/दही
भोजन- शाम 07:00-08:30 बजे चार रोटी, मौसमी सब्जी, चावल व मौसमी फल (सेब, संतरा, केला आदि)/एक गिलास दूध।
हमारे स्तर से वेंडर चयनित किया गया है। बिल का भुगतान भी महिला अस्पताल से ही होता है। वहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी है मेन्यू के हिसाब से नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराएं। यदि ऐसा नहीं किया जा रहा है तो मामले की जांच करवाकर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. अजय राजा, सीएमओ, अयोध्या