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चार प्रवक्ताओं के खिलाफ कर दी फर्जी नाम से शिकायत
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि में विवि के चार प्रवक्ताओं के प्रमोशन की शिकायत को लेकर हड़कंप मच गया है। यह शिकायत किसने की इसको लेकर भी भ्रम फैला हुआ है।
दरअसल दो दिन पूर्व विवि प्रशासन को एक मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई एक शिकायत का स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस शिकायती पत्र में विवि के कार्य परिषद सदस्य केके मिश्रा के नाम से शिकायत की गई है। हालांकि कार्य परिषद सदस्य ने नगर तहरीर देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। अब विवि प्रशासन के सामने यह संकट है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत की जांच शुरू करे या शिकायतकर्ता की हकीकत को जाने।
अवध विवि में पिछले सत्र में विवि के चार शिक्षक डॉ. शैलेंद्र वर्मा, डॉ तुहिना वर्मा, डॉ. नरेश चौधरी व डॉ शैलेंद्र कुमार का प्रमोशन किया गया था। इनको एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर प्रमोशन दिया गया है।
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इसी की आईपीजीआरएस सेल पर राज्यपाल से शिकायत की गई है शिकायती पत्र विवि के कार्य परिषद सदस्य केके मिश्रा के नाम से हस्ताक्षर किया गया है। इसमें शिक्षकों की पीएचडी को लेकर सवाल खड़ा किया गया है। साथ ही यूजीसी मानकों के विपरीत प्रमोशन दिए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके स्पष्टीकरण के लिए दो दिन पूर्व विवि प्रशासन को राजभवन से एक पत्र आया है। इस पत्र के बाद हड़कंप मच गया है।
दूसरी ओर विवि प्रशासन के सामने में संकट खड़ा हो गया है कि शिकायती पत्र की हकीकत को परखे या फिर शिकायत कर्ता की। शिकायत कर्ता ने बाकायदा फैजाबाद के नगर कोतवाली को पत्र लिखकर मामले की सच्चाई उजागर करने के साथ आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है। हालांकि विवि प्रशासन अभी पूरे प्रकरण पर मौन है। फिलहाल विवि प्रशासन का मानना है कि अगर शिकायत कंडम हो जाती है तो जांच की आवश्यकता नहीं है।
न पिता का नाम सही न मोबाइल नंबर
विवि के कार्य परिषद सदस्य के के मिश्रा का कहना है कि आईजीआरएस सेल पर राज्यपाल से जो शिकायत की गई है, वो उनकी ओर से नहीं की गई है। किसी ने उनको व विवि को बदनाम करने की साजिश से यह कार्य किया है। यहां तक कि शिकायती पत्र पर उनका फर्जी हस्ताक्षर किया गया है। शिकायती पत्र में उनका मोबाइल नंबर व पिता का नाम तक गलत लिखा हुआ है। इसके लिए नगर कोतवाल से मिलकर जांच करते हुए आरोपियों की विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है।
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दरअसल दो दिन पूर्व विवि प्रशासन को एक मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई एक शिकायत का स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस शिकायती पत्र में विवि के कार्य परिषद सदस्य केके मिश्रा के नाम से शिकायत की गई है। हालांकि कार्य परिषद सदस्य ने नगर तहरीर देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। अब विवि प्रशासन के सामने यह संकट है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत की जांच शुरू करे या शिकायतकर्ता की हकीकत को जाने।
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अवध विवि में पिछले सत्र में विवि के चार शिक्षक डॉ. शैलेंद्र वर्मा, डॉ तुहिना वर्मा, डॉ. नरेश चौधरी व डॉ शैलेंद्र कुमार का प्रमोशन किया गया था। इनको एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर प्रमोशन दिया गया है।
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इसी की आईपीजीआरएस सेल पर राज्यपाल से शिकायत की गई है शिकायती पत्र विवि के कार्य परिषद सदस्य केके मिश्रा के नाम से हस्ताक्षर किया गया है। इसमें शिक्षकों की पीएचडी को लेकर सवाल खड़ा किया गया है। साथ ही यूजीसी मानकों के विपरीत प्रमोशन दिए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके स्पष्टीकरण के लिए दो दिन पूर्व विवि प्रशासन को राजभवन से एक पत्र आया है। इस पत्र के बाद हड़कंप मच गया है।
दूसरी ओर विवि प्रशासन के सामने में संकट खड़ा हो गया है कि शिकायती पत्र की हकीकत को परखे या फिर शिकायत कर्ता की। शिकायत कर्ता ने बाकायदा फैजाबाद के नगर कोतवाली को पत्र लिखकर मामले की सच्चाई उजागर करने के साथ आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है। हालांकि विवि प्रशासन अभी पूरे प्रकरण पर मौन है। फिलहाल विवि प्रशासन का मानना है कि अगर शिकायत कंडम हो जाती है तो जांच की आवश्यकता नहीं है।
न पिता का नाम सही न मोबाइल नंबर
विवि के कार्य परिषद सदस्य के के मिश्रा का कहना है कि आईजीआरएस सेल पर राज्यपाल से जो शिकायत की गई है, वो उनकी ओर से नहीं की गई है। किसी ने उनको व विवि को बदनाम करने की साजिश से यह कार्य किया है। यहां तक कि शिकायती पत्र पर उनका फर्जी हस्ताक्षर किया गया है। शिकायती पत्र में उनका मोबाइल नंबर व पिता का नाम तक गलत लिखा हुआ है। इसके लिए नगर कोतवाल से मिलकर जांच करते हुए आरोपियों की विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है।