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दस दिन से नहर सूखी, खेती पर संकट
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2016 11:37 PM IST
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अमसिन के शारदा सहायक नहर में पानी न होने से रबी की फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। 10 दिन से नहर सूखी पड़ी है, विभागीय अधिकारी दो फरवरी से पानी आने का आश्वासन दे रहे हैं। ऐसे में किसान परेशान हैं।
गेहूं, आलू, चना, मटर आदि फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। नगदी फसल मेंथा की खेती इस इलाके में खूब होती है लेकिन सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण किसान नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं।
विभाग का तर्क है कि नदियों में पानी कम होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। मया बाजार ब्लॉक के ज्यादातर किसान सिंचाई के लिए शारदा सहायक नहर व उसके रजबहों, माइनर व कुलाबों पर निर्भर हैं।
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इधर दस दिन से नहर में पानी नहीं है, जिसके कारण किसान गेहूं, आलू, चना, मटर आदि फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसान मेंथा की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं जबकि इस इलाके में मेंथा की खेती का प्रचलन है।
मेंथा की खेती में पानी की ज्यादा जरूरत रहती है। ऐसे में सिंचाई न होने से फसलों को नुकसान हो रहा है। जो किसान साधन संपन्न हैं, वे पंपसेट आदि से सिंचाई समय पर कर लेते हैं लेकिन जिनके पास निजी साधन नहीं है उन्हें दिक्कत आ रही है।
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गेहूं, आलू, चना, मटर आदि फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। नगदी फसल मेंथा की खेती इस इलाके में खूब होती है लेकिन सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण किसान नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं।
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विभाग का तर्क है कि नदियों में पानी कम होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। मया बाजार ब्लॉक के ज्यादातर किसान सिंचाई के लिए शारदा सहायक नहर व उसके रजबहों, माइनर व कुलाबों पर निर्भर हैं।
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इधर दस दिन से नहर में पानी नहीं है, जिसके कारण किसान गेहूं, आलू, चना, मटर आदि फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसान मेंथा की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं जबकि इस इलाके में मेंथा की खेती का प्रचलन है।
मेंथा की खेती में पानी की ज्यादा जरूरत रहती है। ऐसे में सिंचाई न होने से फसलों को नुकसान हो रहा है। जो किसान साधन संपन्न हैं, वे पंपसेट आदि से सिंचाई समय पर कर लेते हैं लेकिन जिनके पास निजी साधन नहीं है उन्हें दिक्कत आ रही है।